नई दिल्ली. क्रिस गेल (Chris Gayle) आज टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े खिलाड़ियों में गिने जाते हैं, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनका करियर खत्म होने की कगार पर था. 2011 की आईपीएल नीलामी में किसी भी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा था. खराब फॉर्म लगातार खराब प्रदर्शन और बढ़ते कर्ज ने गेल को पूरी तरह परेशान कर दिया था. ऐसे मुश्किल समय में उन्होंने आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी (Lalit Modi) को फोन किया और मदद मांगी.
गेल ने बताया कि कोई भी टीम उन्हें मौका नहीं दे रही है और वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. उस समय ललित मोदी लंदन में थे. उन्होंने कई फ्रेंचाइजी से बात की, लेकिन सबने गेल को लेने से मना कर दिया. इसके बाद मोदी ने विजय माल्या से बात की और कहा कि क्रिस गेल को एक मौका देना चाहिए. माल्या ने जवाब दिया कि टीम में जगह है, लेकिन गेल को तभी पैसे मिलेंगे जब वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे.
पहले मैच में ही ठोकी सेंचुरी
उसी दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के तेज गेंदबाज डिर्स निरस चोट के कारण बाहर हो गए. इसके बाद आरसीबी ने गेल को टीम में शामिल किया. गेल ने आते ही कमाल कर दिया. अपने पहले ही मैच में उन्होंने शतक लगा दिया और टीम की किस्मत बदल दी. इसके बाद क्रिस गेल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
गेल का आईपीएल करियर
वह आरसीबी के सबसे बड़े स्टार बन गए. उन्होंने आईपीएल में 142 मैचों में 4,965 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं. उनका 175 रन का नाबाद स्कोर आज भी आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. टी20 क्रिकेट में गेल ने 14,562 रन बनाए हैं. आज उनकी कहानी इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि अगर खिलाड़ी को एक मौका मिल जाए, तो वह अपना पूरा करियर बदल सकता है.