6
NGT Issues Notice to Six Stadiums: राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने देश के छह प्रमुख क्रिकेट मैदानों को नोटिस जारी करते हुए कड़ा रुख अपनाया है. इन मैदानों से पूछा गया है कि पिच और मैदान की देखभाल के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पानी के स्रोत की जानकारी न देने पर उनकी गतिविधियों को क्यों न रोका जाए. इससे पहले अधिकरण ने सभी मैदानों को केंद्रीय भूजल प्राधिकरण को अपने पानी के उपयोग का पूरा ब्योरा देने का निर्देश दिया था. यह मामला भूजल या ताजे पानी के इस्तेमाल को लेकर उठी चिंताओं से जुड़ा है. याचिका में कहा गया था कि मैदानों की देखभाल के लिए ताजे पानी की बजाय शोधन संयंत्र से साफ किए गए पानी का उपयोग होना चाहिए. साथ ही भूजल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाए गए थे.
16 अप्रैल के आदेश में न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद शामिल थे. उन्होंने कहा कि कई मैदानों ने बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जवाब नहीं दिया. हैदराबाद के एक मैदान ने जवाब देने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा, जबकि बाकी छह मैदान न तो सुनवाई में उपस्थित हुए और न ही कोई जवाब दाखिल किया.
कौन कौन से मैदान को भेजा गया नोटिस
जिन मैदानों को नोटिस भेजा गया है उनमें अरुण जेटली स्टेडियम (दिल्ली), शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम (रायपुर), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर), डॉक्टर डी. वाई. पाटिल स्टेडियम (मुंबई), भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम (लखनऊ) और बाराबती स्टेडियम (कटक) शामिल हैं. इनमें से चार मैदानों पर मौजूदा आईपीएल 2026 के मुकाबले खेले जा रहे हैं या खेले जाने वाले हैं, जिससे संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है.
अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी
अधिकरण ने इन सभी मैदानों से जवाब मांगा है कि आदेश का पालन न करने और आवश्यक जानकारी न देने के कारण उनकी गतिविधियों को क्यों न बंद कर दिया जाए. साथ ही केंद्रीय भूजल प्राधिकरण को निर्देश दिया गया है कि वह इस आदेश को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए. इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी. वहीं, आईपीएल 2026 का आयोजन 28 मार्च से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा.