Gautam Gambhir Ban for 1 Match: टीम इंडिया में ऐसे कई क्रिकेटर्स हैं जिन्हें कभी न कभी एक मैच के लिए टीम से बैन होना पड़ा है. एक बार गौतम गंभीर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था. जब उन्होंने शेन वॉट्सन को टक्कर मार दी थी. जिसके बाद गौतम गंभीर गंभीर (Gautam Gambhir) को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर वॉटसन (Shane Watson) के साथ हुई तीखी झड़प के बाद एक टेस्ट मैच के लिए निलंबित कर दिया गया था.
यह घटना उस समय हुई जब गंभीर शानदार दोहरा शतक बनाने की ओर बढ़ रहे थे. दूसरे रन के लिए दौड़ते वक्त उन्होंने वॉटसन की छाती पर कोहनी मार दी, जिससे मैदान पर तुरंत विवाद खड़ा हो गया. इस घटना के बाद गंभीर पर आईसीसी के नियमों के तहत लेवल-2 का आरोप लगाया गया, जो खेल की भावना बनाए रखने से जुड़ा होता है. वहीं वॉटसन पर लेवल-1 का आरोप लगा, क्योंकि उन्होंने गंभीर की ओर मुट्ठी दिखाते हुए आक्रामक इशारा किया था. इसके लिए वॉटसन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया.
पहले टल गया था फैसला
मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने पहले इस मामले में फैसला टाल दिया था, ताकि वीडियो फुटेज को ध्यान से देखा जा सके. गौर करने वाली बात यह भी है कि यह पहली बार नहीं था जब गंभीर इस तरह के विवाद में फंसे थे. इससे पहले भी पाकिस्तान के अफरीदी के साथ मैच के दौरान वह इसी तरह के मामले में दोषी पाए गए थे.
आखिरी टेस्ट से बाहर हुए थे
इस सजा के चलते गंभीर, जो उस सीरीज में भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे, नागपुर में 7 नवंबर से शुरू हुए चौथे और अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए. हालांकि, उनके पास इस फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार था. अपने फैसले में ब्रॉड ने कहा कि मैदान पर किसी भी तरह का शारीरिक संपर्क स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सजा तय करते समय गंभीर के पुराने रिकॉर्ड को ध्यान में रखा गया. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह घटना बहुत गंभीर नहीं थी और इसमें उकसावे का तत्व भी शामिल था, इसलिए कड़ी सजा की बजाय हल्का प्रतिबंध लगाया गया.