RCB Green Jersey Reason: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम शनिवार, 18 अप्रैल को जब एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैदान पर उतरेगी तो उनका अंदाज थोड़ा बदला हुआ नजर आएगा. इस होम मैच में खिलाड़ी अपनी पारंपरिक लाल जर्सी के बजाय ‘आइकॉनिक’ हरी जर्सी पहनकर खेलेंगे. इस सीजन में शानदार फॉर्म में चल रही और मौजूदा चैंपियन RCB का यह खास लुक उनकी एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है.
आखिर क्यों पहनी जाती है यह हरी जर्सी?
यह कोई संयोग नहीं बल्कि RCB की गो ग्रीन पहल का एक अहम हिस्सा है जिसकी शुरुआत साल 2011 में हुई थी. यह जर्सी पूरी तरह से रिसाइकिल किए हुए कचरे (प्लास्टिक) से तैयार की गई है. हर साल टीम अपने किसी एक होम मैच को इस नेक काम के लिए चुनती है ताकि करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के बीच पर्यावरण की सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके.
सिर्फ जर्सी नहीं, एक बड़ी सोच है
RCB की यह पहल सिर्फ रंग बदलने तक सीमित नहीं है। यह उनकी उस सोच को दिखाती है जिसके तहत वे अपनी हर गतिविधि में ‘सस्टेनेबिलिटी’ यानी पर्यावरण का ध्यान रखते हैं. आपको बता दें कि RCB दुनिया की इकलौती कार्बन-न्यूट्रल टी20 टीम है. अब उनका लक्ष्य सिर्फ कार्बन बैलेंस करना नहीं, बल्कि कार्बन पॉजिटिव बनने की ओर है. यह जर्सी खिलाड़ियों, प्रशंसकों और अधिकारियों को यह याद दिलाने का एक जरिया है कि हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनें.
टीम के सीईओ का क्या कहना है?
आरसीबी के सीईओ राजेश मेनन ने इस खास मौके पर कहा, ‘एक टी20 फ्रेंचाइजी के तौर पर कार्बन-न्यूट्रल का दर्जा हासिल करना सालों की मेहनत का नतीजा है. यह हरी जर्सी उसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है. हमें उम्मीद है कि हमारी यह कोशिश फैंस को भी जिम्मेदार और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी.’