Delhi Lady Don Kusum: दिल्ली पुलिस को 9 अप्रैल को उस वक्त सफलता मिली, जब उन्होंने लेडी डॉन कुसुम को गिरफ्तार किया. बताया जा रहा है कि कुसुम ड्रग का सिंडिकेट चलाती थी. उनकी गिरफ्तारी से ज्यादा उनके घर की हो रही है. सुल्तानपुरी के जिस घर से उसे पकड़ा गया है. वह एक किलेबंद जेल जैसा दिखता था. कुसुम को गिरफ्तार करने में पुलिस को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि वह लंबे समय से फ़रार रहते हुए भी अपना नशीले पदार्थों का नेटवर्क चला रही थी.
कुसुम एक घोषित अपराधी है और MCOCA जैसे कड़े कानूनों के तहत मुख्य आरोपी है. उसे पिछले साल फरार घोषित किया गया था और उसे पकड़ने के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था.
घर से चलाती थी नशे का कारोबार
एक और चौंकाने वाला खुलासा यह है कि कुसुम अपना पूरा धंधा सीधे अपने घर से ही चलाती थी. उसका ठिकाना चार आपस में जुड़े घरों वाले एक कॉम्प्लेक्स के अंदर था, जिसमें ऑटोमैटिक दरवाज़े लगे थे, पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे और निगरानी के लिए खास तौर पर लोग तैनात थे. इस पूरे मामले पर डीसीपी (शाहदरा) राजेंद्र प्रसाद मीणा का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की टीम ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की. ताकि उसे ट्रैक किया जा सके.
पुलिस ने आगे क्या बताया?
डीसीपी ने आगे बताया कि कुसुम को पकड़ने के लिए 3 राज्यों में कई जगहों पर पुलिस ने छापेमारी की. एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर आनंद विहार के पास एक जाल बिछाया. कुसुम ने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे सफलतापूर्वक काबू कर लिया गया और हिरासत में ले लिया गया. पकड़े जाने से बचने के लिए कुसुम मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करती थी. इसके बजाय वो लगातार अपने बेसिक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और ठिकाने बदलती रहती थी, जिससे वह पूरी तरह से पुलिस की नजर से दूर रहती थी.