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Kanpur: ससुर करता था CCTV से निगरानी, परेशान होकर बहू ने रच दी हत्या की साजिश, दवा कारोबारी की हुई मौत

UP Crime: 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा अपने फ्लैट के अंदर मृत पाए गए. दावा किया जा रहा है कि उनकी मौत हत्या की वजह से हुई है और उनकी बहू ने इसकी साजिश रची थी.

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Last Updated: September 8, 2026 17:15:00 IST

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Kanpur, Uttar Pradesh: कानपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. कानपुर के मशहूर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हो गई. बताया जा रहा है कि ये हत्या उनकी बहू के कहने पर की गई थी.

सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी, ​​देर रात की पार्टियों पर आपत्ति और छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी पैसे मांगने की मजबूरी ने कथित तौर पर कानपूर के इस धनी परिवार में गहरी नाराजगी पैदा कर दी. जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि इन्हीं तनावों के चलते अंततः हत्या की साजिश रची गई.

बहू के कहने पर हुई हत्या 

यह हत्या शनिवार रात कानपुर में हुई, जहां 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा अपने फ्लैट के अंदर मृत पाए गए. सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान, परिवार के पूर्व कर्मचारी विशाल (30) और उसके सहयोगी राज किशोर पर संदेह हुआ. मुठभेड़ के बाद दोनों को रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले में तब एक नया मोड़ आया जब विशाल ने कथित तौर पर दावा किया कि हत्या मिनोचा की 36 वर्षीय बहू शालू के कहने पर की गई थी, जिसने उसे काम के बदले पैसे देने का वादा किया था. इस आरोप के बाद शालू को हिरासत में ले लिया गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने पहले तो उन्हें गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.

‘मुझे छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी पैसे मांगने पड़ते थे’

जांचकर्ताओं के अनुसार, शालू ने बताया कि उसके ससुर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से घर के अंदर की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते थे और देर रात की पार्टियों में जाने या देर से घर लौटने पर आपत्ति जताते थे. उसने कथित तौर पर कहा कि एक धनी परिवार का हिस्सा होने के बावजूद, घरेलू खर्चों पर उसका बहुत कम नियंत्रण था और उसे अपने और अपने पति से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी अपने ससुर से पैसे मांगने पड़ते थे.

जांचकर्ताओं ने पाया कि 28 जुलाई को शालू एक पार्टी से देर से घर लौटी, जिसके कारण उसके ससुर के साथ तीखी बहस हुई. जांच के अनुसार, यह विवाद उनके रिश्ते में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ. जांचकर्ताओं का आरोप है कि शालू ने बाद में विशाल से संपर्क किया और अपने ससुर की हत्या के लिए उसे 6 लाख रुपये की पेशकश की. 

बेहद चालाकी से रची साजिश 

जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर को 2 लाख रुपये दिए जाने थे, जबकि शेष 4 लाख रुपये कथित तौर पर 15 दिन बाद देने का वादा किया गया था. जानकारी के अनुसार, शालू ने कथित तौर पर अपार्टमेंट की एक डुप्लीकेट चाबी बनवाई और विशाल को सौंप दी. 4 सितंबर को जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान, उसने कथित तौर पर कुछ सामान देने के बहाने विशाल को बुलाया और योजना को अंतिम रूप दिया. जांच के अनुसार, शालू शनिवार रात को अपने पति सुब्रत और अपने बच्चे के साथ एक पार्टी में गई थी.

उनके जाने के कुछ मिनट बाद, विशाल और राज किशोर कथित तौर पर अपार्टमेंट में पहुंचे. सुरक्षा गार्ड मदन ने उन्हें रोका, लेकिन विशाल ने कथित तौर पर फोन पर शालू से उसका संपर्क करवा दिया. शालू ने कथित तौर पर गार्ड को बताया कि विशाल और किशोर दवाइयां पहुंचाने आए हैं और उन्हें अंदर आने दिया जाना चाहिए. जांचकर्ताओं ने बताया कि मूल योजना विनीत मिनोचा को तकिए से गला घोंटकर मारने की थी ताकि मौत को दिल का दौरा बता दिया जाए. हालांकि, घटनाक्रम कुछ और ही निकला. जब मिनोचा कमरे में दाखिल हुए, तो दोनों आदमी बेटे के शयनकक्ष में छिपे हुए थे. आरोप है कि उन्होंने फिर उस पर चाकू से हमला किया और उसे 26 बार चाकू मारा, जिसके बाद वे अपार्टमेंट से भाग गए.

पुलिस को शालू पर हुआ शक 

जांचकर्ताओं ने बताया कि शालू और उसके पति सुबह करीब 3:00 बजे पार्टी से लौटे और उन्होंने मिनोचा को बेडरूम में खून से लथपथ पाया. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी. अपार्टमेंट की तलाशी लेने पर पता चला कि कोई भी कीमती सामान चोरी नहीं हुआ था. इससे जांचकर्ताओं को शुरू से ही संदेह हुआ कि मामला लूटपाट से जुड़ा नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत विवाद से संबंधित था.

शालू फिलहाल जेल में है, जबकि जांचकर्ता पीड़ित के बेटे सुब्रत के कॉल रिकॉर्ड की जांच करना जारी रखे हुए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे कथित साजिश की कोई जानकारी थी या उसने इसमें कोई भूमिका निभाई थी.

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Kanpur, Uttar Pradesh: कानपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. कानपुर के मशहूर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या हो गई. बताया जा रहा है कि ये हत्या उनकी बहू के कहने पर की गई थी.

सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी, ​​देर रात की पार्टियों पर आपत्ति और छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी पैसे मांगने की मजबूरी ने कथित तौर पर कानपूर के इस धनी परिवार में गहरी नाराजगी पैदा कर दी. जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि इन्हीं तनावों के चलते अंततः हत्या की साजिश रची गई.

बहू के कहने पर हुई हत्या 

यह हत्या शनिवार रात कानपुर में हुई, जहां 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा अपने फ्लैट के अंदर मृत पाए गए. सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान, परिवार के पूर्व कर्मचारी विशाल (30) और उसके सहयोगी राज किशोर पर संदेह हुआ. मुठभेड़ के बाद दोनों को रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले में तब एक नया मोड़ आया जब विशाल ने कथित तौर पर दावा किया कि हत्या मिनोचा की 36 वर्षीय बहू शालू के कहने पर की गई थी, जिसने उसे काम के बदले पैसे देने का वादा किया था. इस आरोप के बाद शालू को हिरासत में ले लिया गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने पहले तो उन्हें गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.

‘मुझे छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी पैसे मांगने पड़ते थे’

जांचकर्ताओं के अनुसार, शालू ने बताया कि उसके ससुर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से घर के अंदर की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते थे और देर रात की पार्टियों में जाने या देर से घर लौटने पर आपत्ति जताते थे. उसने कथित तौर पर कहा कि एक धनी परिवार का हिस्सा होने के बावजूद, घरेलू खर्चों पर उसका बहुत कम नियंत्रण था और उसे अपने और अपने पति से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों के लिए भी अपने ससुर से पैसे मांगने पड़ते थे.

जांचकर्ताओं ने पाया कि 28 जुलाई को शालू एक पार्टी से देर से घर लौटी, जिसके कारण उसके ससुर के साथ तीखी बहस हुई. जांच के अनुसार, यह विवाद उनके रिश्ते में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ. जांचकर्ताओं का आरोप है कि शालू ने बाद में विशाल से संपर्क किया और अपने ससुर की हत्या के लिए उसे 6 लाख रुपये की पेशकश की. 

बेहद चालाकी से रची साजिश 

जानकारी के अनुसार, 6 सितंबर को 2 लाख रुपये दिए जाने थे, जबकि शेष 4 लाख रुपये कथित तौर पर 15 दिन बाद देने का वादा किया गया था. जानकारी के अनुसार, शालू ने कथित तौर पर अपार्टमेंट की एक डुप्लीकेट चाबी बनवाई और विशाल को सौंप दी. 4 सितंबर को जन्माष्टमी के त्योहार के दौरान, उसने कथित तौर पर कुछ सामान देने के बहाने विशाल को बुलाया और योजना को अंतिम रूप दिया. जांच के अनुसार, शालू शनिवार रात को अपने पति सुब्रत और अपने बच्चे के साथ एक पार्टी में गई थी.

उनके जाने के कुछ मिनट बाद, विशाल और राज किशोर कथित तौर पर अपार्टमेंट में पहुंचे. सुरक्षा गार्ड मदन ने उन्हें रोका, लेकिन विशाल ने कथित तौर पर फोन पर शालू से उसका संपर्क करवा दिया. शालू ने कथित तौर पर गार्ड को बताया कि विशाल और किशोर दवाइयां पहुंचाने आए हैं और उन्हें अंदर आने दिया जाना चाहिए. जांचकर्ताओं ने बताया कि मूल योजना विनीत मिनोचा को तकिए से गला घोंटकर मारने की थी ताकि मौत को दिल का दौरा बता दिया जाए. हालांकि, घटनाक्रम कुछ और ही निकला. जब मिनोचा कमरे में दाखिल हुए, तो दोनों आदमी बेटे के शयनकक्ष में छिपे हुए थे. आरोप है कि उन्होंने फिर उस पर चाकू से हमला किया और उसे 26 बार चाकू मारा, जिसके बाद वे अपार्टमेंट से भाग गए.

पुलिस को शालू पर हुआ शक 

जांचकर्ताओं ने बताया कि शालू और उसके पति सुबह करीब 3:00 बजे पार्टी से लौटे और उन्होंने मिनोचा को बेडरूम में खून से लथपथ पाया. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को सूचना दी. अपार्टमेंट की तलाशी लेने पर पता चला कि कोई भी कीमती सामान चोरी नहीं हुआ था. इससे जांचकर्ताओं को शुरू से ही संदेह हुआ कि मामला लूटपाट से जुड़ा नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत विवाद से संबंधित था.

शालू फिलहाल जेल में है, जबकि जांचकर्ता पीड़ित के बेटे सुब्रत के कॉल रिकॉर्ड की जांच करना जारी रखे हुए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे कथित साजिश की कोई जानकारी थी या उसने इसमें कोई भूमिका निभाई थी.

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