Cyber Crime: डिजिटल इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही साइबर क्राइम भी बढ़ते जा रहे हैं. साइबर ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बनाकर उनकी जीवनभर की कमाई छीन लेते हैं. इसके लिए वे कभी निवेश के नाम पर ठगी करते हैं, तो कभी उन्हें डरा-धमकाकर उनसे रकम हड़प लेते हैं. हाल ही में ओडिशा क्राइम ब्रांच की साइबर पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन निवेश ठगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है. उन्होंने साइबर क्राइम के आरोप में दिल्ली निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस मामले में पीड़ित से करीब 2.06 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी.
मैनेजर बनकर दिया लालच
जांच के अनुसार, पीड़ित को दिसंबर 2024 में व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया गया और उसे एक ग्रुप में जोड़ा गया. इस ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को वित्तीय विशेषज्ञ बताते हुए एक प्रतिष्ठित कंपनी से जुड़े फंड मैनेजर के रूप में पहचान बनाई और आकर्षक रिटर्न का लालच दिया. लगातार शेयर बाजार से जुड़ी सलाह और विश्लेषण साझा कर पीड़ित का विश्वास जीता गया।.
3 महीने में 2 करोड़ से ज्यादा का लगा चूना
ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से कुल 2.06 करोड़ रुपये कई खातों में ट्रांसफर कर दिए. बाद में जब उसने निवेश की राशि निकालने की कोशिश की, तो उसे विभिन्न बहानों से टाल दिया गया, जिससे ठगी का खुलासा हुआ.
द्वारका से आरोपी गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने डिजिटल साक्ष्यों और बैंक लेन-देन का विश्लेषण कर दिल्ली के द्वारका इलाके से 56 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं. गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
क्राइम ब्रांच ने लोगों से की अपील
इस साइबर क्राइम का केस सॉल्व करते हुए क्राइम ब्रांच ने लोगों को जागरूक करने के लिए उनसे अपील की है कि वे सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश के लालच से सावधान रहें, लोग किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें. साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें.