Live TV
Search
Home > धर्म > आज से शुरू हुआ पंचक, क्या सच में बढ़ जाता है अशुभ प्रभाव? जानें इन 5 दिनों में क्या करें और कौन-सी गलती पड़ सकती है भारी

आज से शुरू हुआ पंचक, क्या सच में बढ़ जाता है अशुभ प्रभाव? जानें इन 5 दिनों में क्या करें और कौन-सी गलती पड़ सकती है भारी

Raj Panchak April 2026: हर महीने में पंचक के 5 दिन ऐसे होते हैं ,जिस समय हमें कोई भी काम बहुत सोच-समझकर करना चाहिए.इस महीने में पंचक 13 अप्रैल से शुरू हो चुका है,आइए जानते हैं,इस समय  क्या करें व क्या ना करें.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 14, 2026 19:14:57 IST

Mobile Ads 1x1

April Panchak 2026: 13 अप्रैल 2026 से वरुथिनी एकादशी के साथ पंचक की शुरुआत हो चुकी है. ऐसी मान्यता है कि जब ये दोनों संयोग एक साथ बनते हैं, तो वातावरण में ऊर्जा का प्रभाव थोड़ा बदल जाता है, जिसका असर व्यक्ति के कामों और निर्णयों पर पड़ सकता है.पंचक को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन हर स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं होती. सही जानकारी, धैर्य और समझदारी से काम लेने पर इस समय को भी सामान्य तरीके से बिताया जा सकता है.

पंचांग के अनुसार, पंचक की शुरुआत 13 अप्रैल सुबह 3:44 बजे से होगी और यह 17 अप्रैल दोपहर तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान चंद्रमा अलग-अलग नक्षत्रों से होकर गुजरता है, जिसकी वजह से इस समय को थोड़ा संवेदनशील माना जाता है. भले ही 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है, लेकिन पंचक का प्रभाव कुछ दिन और बना रहेगा.

इन 5 दिनों में किन बातों का रखें ध्यान?

पंचक के दौरान कुछ कामों को टालने की सलाह दी जाती है, जैसे नया निर्माण कार्य शुरू करना, छत डालना, या बड़े निवेश करना. इसके अलावा अनावश्यक विवाद, जल्दबाजी में फैसले और जोखिम भरे कामों से बचना बेहतर माना जाता है. इस समय शांत रहकर सोच-समझकर कदम उठाना ही सही रहता है.

नक्षत्रों का प्रभाव क्या बताता है?

पंचक (April Panchak 2026) के दौरान चंद्रमा धनिष्ठा से लेकर रेवती नक्षत्र तक भ्रमण करता है. ज्योतिष के अनुसार, इन नक्षत्रों का असर अलग-अलग क्षेत्रों पर देखा जाता है,कभी संबंधों में तनाव, कभी खर्च में वृद्धि या स्वास्थ्य को लेकर सावधानी की जरूरत महसूस हो सकती है. इसलिए इस दौरान सतर्क रहना जरूरी माना जाता है.

पंचक में क्या करना लाभदायक होता है?

हालांकि इस समय को लेकर कई मान्यताएं हैं, लेकिन यह पूरी तरह नकारात्मक नहीं होता. इस दौरान पूजा-पाठ, ध्यान, जप और दान करना लाभकारी माना गया है. इससे मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता कम होती है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

MORE NEWS

Home > धर्म > आज से शुरू हुआ पंचक, क्या सच में बढ़ जाता है अशुभ प्रभाव? जानें इन 5 दिनों में क्या करें और कौन-सी गलती पड़ सकती है भारी

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 14, 2026 19:14:57 IST

Mobile Ads 1x1

April Panchak 2026: 13 अप्रैल 2026 से वरुथिनी एकादशी के साथ पंचक की शुरुआत हो चुकी है. ऐसी मान्यता है कि जब ये दोनों संयोग एक साथ बनते हैं, तो वातावरण में ऊर्जा का प्रभाव थोड़ा बदल जाता है, जिसका असर व्यक्ति के कामों और निर्णयों पर पड़ सकता है.पंचक को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन हर स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं होती. सही जानकारी, धैर्य और समझदारी से काम लेने पर इस समय को भी सामान्य तरीके से बिताया जा सकता है.

पंचांग के अनुसार, पंचक की शुरुआत 13 अप्रैल सुबह 3:44 बजे से होगी और यह 17 अप्रैल दोपहर तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान चंद्रमा अलग-अलग नक्षत्रों से होकर गुजरता है, जिसकी वजह से इस समय को थोड़ा संवेदनशील माना जाता है. भले ही 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है, लेकिन पंचक का प्रभाव कुछ दिन और बना रहेगा.

इन 5 दिनों में किन बातों का रखें ध्यान?

पंचक के दौरान कुछ कामों को टालने की सलाह दी जाती है, जैसे नया निर्माण कार्य शुरू करना, छत डालना, या बड़े निवेश करना. इसके अलावा अनावश्यक विवाद, जल्दबाजी में फैसले और जोखिम भरे कामों से बचना बेहतर माना जाता है. इस समय शांत रहकर सोच-समझकर कदम उठाना ही सही रहता है.

नक्षत्रों का प्रभाव क्या बताता है?

पंचक (April Panchak 2026) के दौरान चंद्रमा धनिष्ठा से लेकर रेवती नक्षत्र तक भ्रमण करता है. ज्योतिष के अनुसार, इन नक्षत्रों का असर अलग-अलग क्षेत्रों पर देखा जाता है,कभी संबंधों में तनाव, कभी खर्च में वृद्धि या स्वास्थ्य को लेकर सावधानी की जरूरत महसूस हो सकती है. इसलिए इस दौरान सतर्क रहना जरूरी माना जाता है.

पंचक में क्या करना लाभदायक होता है?

हालांकि इस समय को लेकर कई मान्यताएं हैं, लेकिन यह पूरी तरह नकारात्मक नहीं होता. इस दौरान पूजा-पाठ, ध्यान, जप और दान करना लाभकारी माना गया है. इससे मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता कम होती है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

MORE NEWS