Mukesh Ambani Kis Bhagwan Ki puja Krate hain: मुकेश अंबानी का नाम आज दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन में लिया जाता है. उनका जन्म 19 April 1957 में हुआ था और वो काफी सिंपल है. लोगों के मन में अक्सर एक सवाल घूमता है और वो है कि आखिर अंबानी परिवार कौन से भगवान को पूजता है. लोग सोचते हैं कि वो इतने अमीर है तो उनके ऊपर किस भगवान का हाथ है तो आइए जानते हैं कि वो कौन से भगवान है.
अंबानी परिवार कोई भी शुभ काम करने से पहले जिनकी पूजा करते हैं वो है भगवान श्रीनाथजी. कोई बड़ा त्योहार हो या कोई ईवेंट हर चीज की शुरुआत करने से पहले अंबानी परिवार के यहां श्रीनाथजी को पूजा जाता है.
इस मंदिर में हमेशा जाता है अंबानी परिवार
वैसे तो अंबानी अपना कोई शुभ काम करने से पहले कभी भगवान गणेश को पूजते हैं तो कभी भगवान शिव को, लेकिन जिन्हें वो कभी नहीं भूलते है वो है श्रीनाथजी, जी हां कोई भी काम करने से पहले अंबानी परिवार राजस्थान के नाथद्वारा में मौजूद श्रीनाथजी मंदिर जरूर जाते हैं. शायद ही आपको पता होगा की इसी मंदिर में जाकर ही अंबानी ने 4जी और 5जी सर्विसेस शुरू की थी. इन भगवान की फोटो अंबानी के घर में है और तो और ऑफिस में भी.
किस समुदाय में श्रीनाथजी को माना जाता?
वैसे तो भगवान के लिए कोई समुदाय नहीं.. हर कोई किसी को भी मान सकता है लेकिन अक्सर मोढ़ बनिया श्रीनाथजी को ज्यादा मानते हैं. ऐसा माना जाता है कि वहां पर दर्शन करने से ही सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और धन लक्ष्मी का लाभ होता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि श्रीनाथजी श्री कृष्ण के अवतार हैं.
मंदिर के बारे में
श्रीनाथजी जी का मंदिर राजस्थान के नाथद्वारा में बना हुआ है और ये उदयपुर से सिर्फ 48 किलोमीटर दूर है. श्रीनाथजी को श्री कृष्ण का अवतार माना जाता है. ये मंदिर राजस्थान का फेमस मंदिर माना जाता है और लोग काफी दूर से यहां पर दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर में रोज भगवान को नए कपड़े पहनाएं जाते हैं.
मंदिर में कब होती है आरती?
अगर आप उस मंदिर में जा रहे हैं तो आपको बता दें कि वहां पर आरती कब होती है. मंदिर में सुबह मंगला आरती से शुरूआत होती है और फिर पर्दा हटा के दर्शन किया जाता है. बाद में भगवान का श्रृंगार होता है और फिर उन्हें ग्वाल यानी नाश्ता कराया जाता है. फिर दोपहर में भगवान को खाना खिलाया जाता है. फिर उठापनका का समय आता है, जहां भगवान आराम करते हैं और फिर शाम को भगवान को खाना खिलाया जाता है. फिर शाम की आरती होती है.
समय- मंगला आरती – सुबह 5:15 से 6:00 बजे
समय – श्रृंगार – सुबह 7:15 से 7:45 बजे
समय- ग्वाल – सुबह 9:15 से 9:30 बजे
समय- राजभोग – सुबह 11:15 से 12:05 बजे
समय उठापन – दोपहर 3:30 से 3:45 बजे
समय- भोग – शाम 4:45 से 5:00 बजे (
समय- संध्या आरती – शाम 5:15 से 6:00 बजे
समय- शयन – शाम 6:50 से 7:30 बजे