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Home > धर्म > Sita Navmi 2026: शादी में बार-बार आ रही रुकावटें या रिश्तों में बढ़ता तनाव? माता सीता के ये उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत

Sita Navmi 2026: शादी में बार-बार आ रही रुकावटें या रिश्तों में बढ़ता तनाव? माता सीता के ये उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत

Sita Navmi Upay 2026: इस साल सीता नवमी 25 अप्रैल, शनिवार को पड़ रही है. सीता नवमी के पर्व को मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के लिए और माता सीता की अराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 16, 2026 20:09:02 IST

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Sita Navmi Upay 2026: इस साल सीता नवमी 25 अप्रैल, शनिवार को पड़ रही है. सीता नवमी के पर्व को मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के लिए और माता सीता की अराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए विशेष उपाय विवाह में आ रही रुकावटों को कम कर सकते हैं और अच्छे जीवनसाथी के योग भी बना सकते हैं. 

यह पर्व सिर्फ अविवाहित लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि दांपत्य जीवन में प्यार और संतुलन बनाए रखने के लिए भी खास महत्व रखता है.

पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

सीता नवमी के दिन व्रत रखना और विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन माता सीता और भगवान राम की संयुक्त पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान ‘ॐ जानकी रामाभ्यां नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना शुभ फल देता है. इसके अलावा माता सीता को सिंदूर, लाल चुनरी और सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करना चाहिए.माना जाता है कि जानकी स्तोत्र और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.

विवाह में आ रही बाधाओं के लिए करें ये उपाय

यदि शादी में देरी हो रही है, तो सीता नवमी के दिन एक खास उपाय किया जा सकता है. पीले कपड़े में हल्दी की पांच गांठें बांधकर माता सीता के चरणों में अर्पित करें और मनोकामना व्यक्त करें. पूजा के बाद इस पोटली को अपने पास सुरक्षित रखें. मान्यता है कि इससे विवाह के योग जल्द बनने लगते हैं और रिश्तों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.

प्रेम और वैवाहिक जीवन के लिए भी है खास दिन

जो लोग प्रेम विवाह करना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन विशेष अवसर लेकर आता है. पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखें और माता सीता को सुहाग की सामग्री अर्पित करें. साथ ही किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को श्रृंगार का सामान दान करना शुभ माना जाता है. वहीं, विवाहित महिलाएं अगर इस दिन व्रत रखकर पूजा करती हैं और माता सीता को सिंदूर अर्पित करती हैं, तो वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है. यह दिन रिश्तों को मजबूत करने और आपसी समझ बढ़ाने का भी प्रतीक माना जाता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: April 16, 2026 20:09:02 IST

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Sita Navmi Upay 2026: इस साल सीता नवमी 25 अप्रैल, शनिवार को पड़ रही है. सीता नवमी के पर्व को मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के लिए और माता सीता की अराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए विशेष उपाय विवाह में आ रही रुकावटों को कम कर सकते हैं और अच्छे जीवनसाथी के योग भी बना सकते हैं. 

यह पर्व सिर्फ अविवाहित लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि दांपत्य जीवन में प्यार और संतुलन बनाए रखने के लिए भी खास महत्व रखता है.

पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

सीता नवमी के दिन व्रत रखना और विधि-विधान से पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. इस दिन माता सीता और भगवान राम की संयुक्त पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान ‘ॐ जानकी रामाभ्यां नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जप करना शुभ फल देता है. इसके अलावा माता सीता को सिंदूर, लाल चुनरी और सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करना चाहिए.माना जाता है कि जानकी स्तोत्र और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने से विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.

विवाह में आ रही बाधाओं के लिए करें ये उपाय

यदि शादी में देरी हो रही है, तो सीता नवमी के दिन एक खास उपाय किया जा सकता है. पीले कपड़े में हल्दी की पांच गांठें बांधकर माता सीता के चरणों में अर्पित करें और मनोकामना व्यक्त करें. पूजा के बाद इस पोटली को अपने पास सुरक्षित रखें. मान्यता है कि इससे विवाह के योग जल्द बनने लगते हैं और रिश्तों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं.

प्रेम और वैवाहिक जीवन के लिए भी है खास दिन

जो लोग प्रेम विवाह करना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन विशेष अवसर लेकर आता है. पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखें और माता सीता को सुहाग की सामग्री अर्पित करें. साथ ही किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को श्रृंगार का सामान दान करना शुभ माना जाता है. वहीं, विवाहित महिलाएं अगर इस दिन व्रत रखकर पूजा करती हैं और माता सीता को सिंदूर अर्पित करती हैं, तो वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है. यह दिन रिश्तों को मजबूत करने और आपसी समझ बढ़ाने का भी प्रतीक माना जाता है.

  Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. India News इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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