CBSE Topper Story: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने हाल ही में कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित किया, जिसमें इस साल कुल पास प्रतिशत 93.70% दर्ज किया गया. हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 94.99% पास प्रतिशत हासिल किया, जबकि लड़कों का रिजल्ट 92.69% रहा. वहीं, ट्रांसजेंडर छात्रों का पास प्रतिशत 87.50% दर्ज किया गया.
इस साल का रिजल्ट कई मायनों में खास रहा, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं गुरुग्राम की छात्रा अनुष्का साहू, जिन्होंने 99.8% अंक हासिल कर एक शानदार मिसाल पेश की. उनका आगे डॉक्टर बनने का इरादा है.
अनुष्का साहू का शानदार प्रदर्शन
दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेक्टर 45, गुरुग्राम की छात्रा अनुष्का ने 99.8% अंक हासिल किए. उन्होंने पांच विषयों में 100 और अंग्रेज़ी में 99 अंक प्राप्त किए. उनका यह प्रदर्शन दिखाता है कि सही रणनीति और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
सालभर की तैयारी बनी सफलता की कुंजी
अनुष्का बताती हैं कि उन्होंने साल की शुरुआत से ही बोर्ड परीक्षा की तैयारी गंभीरता से शुरू कर दी थी. उनका मानना है कि अच्छे अंक पाने का सबसे बड़ा राज लगातार पढ़ाई और नियमित अभ्यास है. उन्होंने हर विषय को समान महत्व दिया और किसी भी शंका को तुरंत अपने शिक्षकों की मदद से दूर किया.
टाइम-टेबल और अनुशासन का बड़ा रोल
अनुष्का ने पूरे साल एक तय टाइम-टेबल का पालन किया. उन्होंने अपनी दादी के साथ मिलकर एक स्टडी प्लान तैयार किया, जिसमें हर विषय के लिए समय निर्धारित किया गया था. इस अनुशासन ने उन्हें पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में मदद की.
रिविजन स्ट्रेटजी ने दिलाई बढ़त
उनकी सफलता का एक बड़ा कारण उनका मजबूत रिविजन प्लान रहा. वे स्कूल में पढ़ाए गए टॉपिक का उसी दिन रिविजन करती थीं और हफ्ते के अंत में दोबारा उसे दोहराती थीं. बोर्ड परीक्षा से पहले वह पूरे सिलेबस का 3–4 बार रिविजन कर चुकी थीं, जिससे उनकी पकड़ बेहद मजबूत हो गई.
सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र का महत्व
अनुष्का ने खासकर मैथ्स और साइंस के लिए पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल किए. इसके साथ ही उन्होंने CBSE के सैंपल पेपर भी प्रैक्टिस किए. इससे उन्हें परीक्षा पैटर्न समझने और कमजोर टॉपिक्स पर काम करने में काफी मदद मिली.
डिस्ट्रैक्शन से दूरी और फोकस बनाए रखना
अनुष्का ने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई रखी. उनका मानना है कि इससे उन्हें पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिली. परिवार के साथ समय बिताना भी उनके लिए मोटिवेशन का बड़ा स्रोत रहा.
प्रेशर को कैसे संभाला
बोर्ड परीक्षा के दौरान दबाव होना स्वाभाविक है, लेकिन अनुष्का ने इसे सकारात्मक तरीके से संभाला. उनके परिवार और शिक्षकों ने उन्हें नंबरों की चिंता छोड़कर कॉन्सेप्ट पर ध्यान देने की सलाह दी. इसी सोच ने उन्हें शांत और केंद्रित बनाए रखा.
टॉप करने के लिए अनुष्का की सलाह
अनुष्का का कहना है कि छात्रों को NCERT किताबों को अच्छी तरह समझना चाहिए. साथ ही, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड सवालों की प्रैक्टिस और नियमित ब्रेक लेना भी जरूरी है. उनका मानना है कि अगर मेहनत सही दिशा में की जाए, तो अच्छे नंबर अपने आप मिल जाते हैं.
भविष्य का लक्ष्य: डॉक्टर बनना
अनुष्का का सपना मेडिकल फील्ड में जाकर डॉक्टर बनने का है. वे समाज की सेवा करना चाहती हैं और अपने स्कूल के सिद्धांत “खुद से पहले सेवा” को आगे बढ़ाना चाहती हैं. यह कहानी सिर्फ एक टॉपर की सफलता नहीं, बल्कि हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति से अपने सपनों को सच करना चाहते हैं.