Juhi Chawla Evergreen Song: 90 के दशक के बॉलीवुड गानों की बात हो और उनमें देसी तड़का, मजेदार बोल और नटखट अंदाज लोगों को काफी पसंद आता है. उस दौर में कई ऐसे गाने आए, जो अपनी कहानी से ज्यादा अपने अनोखे अंदाज की वजह से लोगों की जुबान पर चढ़ गए. वे गाने आज भी चर्चा में बने हुए हैं. ऐसा ही एक गाना है जूही चावला पर फिल्माया गया था, जिसके बोल ‘दरवाजा खुला छोड़ आई नींद के मारे’ थे. साल 1995 में आई फिल्म नाजायज का यह गाना आज भी म्यूजिक लवर्स के लिए यादगार है.
जूही चावला का देसी अंदाज
गाने में जूही चावला का अंदाज उनकी बाकी फिल्मों से काफी अलग दिखाई देता है. रंग-बिरंगे कपड़े, देसी डांस और गाने की मजेदार प्रस्तुति इसे उस दौर के दूसरे आइटम नंबर्स से अलग बनाती है. गाने का पूरा ट्रीटमेंट इतना देसी और नाटकीय है कि इसे देखने-सुनने के बाद एक बार फिर 90 के दशक की फिल्मों की याद ताजा हो जाती है. दिलचस्प बात यह है कि इसके देसी अंदाज को देखकर आज के दर्शकों को ‘राणा जी माफ करना’ जैसे लोकप्रिय गानों की याद भी आती है.
अलका याग्निक और इला अरुण की आवाज
‘दरवाजा खुला छोड़’ को अलका याग्निक और इला अरुण ने अपनी आवाज दी थी. संगीतकार अनु मलिक थे. वहीं गाने के बोल पुष्पा वर्मा और माया गोविंद ने तैयार किए थे. गाने में सवाल-जवाब वाला अंदाज और बीच-बीच में सुनाई देने वाला ‘टिक-टैप’ साउंड इसे खास बनाता है. इला अरुण की लोक शैली वाली आवाज ने इसमें जबरदस्त देसी रंग भरा. वहीं अलका याग्निक की आवाज ने इसे बॉलीवुड के पारंपरिक अंदाज से जोड़ दिया. यही मेल गाने की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है.
फिल्म नाजायज का यादगार गाना
फिल्म नाजायज 17 मार्च 1995 को रिलीज हुई थी और फिल्म में अजय देवगन, जूही चावला और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकार नजर आए थे. फिल्म को रिलीज हुए करीब 31 साल हो चुके हैं लेकिन जूही चावला का ‘दरवाजा खुला छोड़ आई’ गाना आज भी 90 के दशक के यादगार गानों में शामिल है. इसकी वजह सिर्फ जूही चावला का डांस नहीं बल्कि गाने की देसी धुन, अनोखे बोल और अलका याग्निक-इला अरुण की आवाज का शानदार कॉम्बिनेशन है.