6
हम बात कर रहे हैं नाना पाटेकर की. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि बेटे की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा था. अभिनेता ने बताया था कि वह धूम्रपान के इतने आदी था कि वह दिन में 60 सिगरेट पी जाते थे. एक्टर अपने बेटे से बहुत नफरत करते थे. आखिर क्या था इसके पीछे का कारण? वजह आपको हैरान कर सकते हैं.
बेटे से करते थे नफरत
अभिनेता नाना पाटेकर ने द लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने खुलासा किया कि उनके बड़े बेटे को जन्म से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं. उन्होंने कहा, ‘उसकी एक आंख में दिक्कत थी, जो दिखाई नहीं देती थी. मुझे इतना बुरा लगता था कि जब मैं उसे देखता था, तो मैं यही सोचता था कि लोग क्या सोचेंगे, नाना का बेटा कैसा है. मैंने यह नहीं सोचा कि उसे कैसा महसूस होता होगा. मैं सिर्फ यही सोचता था कि लोग मेरे बेटे के बारे में क्या सोचेंगे.’ उन्होंने अपने बेटे का नाम दुर्वासा रखा था, लेकिन बेटे की मौत के बाद अभिनेता सदमे में चले गए थे.
एक दिन में 60 सिगरेट पी जाते थे नाना पाटेकर
आगे बातचती करते हुए अभिनेता ने बताया कि बेटे की मौत ने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया था. इसके बाद उन्हें धूम्रपान की इतनी लत थी कि वे दिन में 60 सिगरेट पीते थे. एक्टर ने कहा, ‘उस समय मैं दिन में लगभग 60 सिगरेट पीता था. नहाते समय भी सिगरेट पीता था. लेकिन यह बहुत बुरी आदत है. बदबू के कारण कोई मेरी कार में नहीं बैठता था. मैं शराब तो ज्यादा नहीं पीता था, लेकिन सिगरेट बहुत पीता था.’
कैसे छूटी सिगरेट?
नाना पाटेकर ने खुलासा किया कि उन्होंने आखिरकार अपनी बहन की वजह से धूम्रपान छोड़ दिया. अभिनेता ने बताया, ‘मेरी बहन की वजह से ही मैंने धूम्रपान छोड़ा. उसने अपने इकलौते बेटे को खो दिया था. फिर मेरी बहन ने मुझे धूम्रपान के बाद खांसते हुए देखा. उसने कहा, ‘तुम और क्या देखना चाहते हो?’
इन फिल्मों से बनाई पहचान
नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई जबरदस्त फिल्में की हैं. अभिनेता को ‘क्रांतिवीर’, ‘वेलकम’ और ‘तिरंगा’ जैसी सुपरहिट फिल्मों के लिए जाना जाता हैं. नाना पाटेकर को आखिरी बार ‘हाउसफुल 5’ में देखा गया था.