Yash romantic movies: यश ने फिल्म ‘KGF’ के जरिए भारतीय सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. दमदार स्क्रीन प्रेजेंस, भारी आवाज और रौबदार अंदाज ने उन्हें पैन इंडिया सुपरस्टार बना दिया. रॉकी भाई के किरदार में उनकी लोकप्रियता ऐसी बढ़ी कि आज भी दर्शक उन्हें उसी अंदाज में देखना पसंद करते हैं. लेकिन क्या लगातार इसी तरह के किरदार निभाने से यश एक खास इमेज में बंधते जा रहे हैं? उनके आने वाले प्रोजेक्ट ‘टॉक्सिक’ और ‘रामायण’ को लेकर यह सवाल एक बार फिर चर्चा में है. खासकर तब, जब वह ‘रामायण’ में रावण की भूमिका निभाने जा रहे हैं.
KGF से पहले रोमांस और कॉमेडी में भी दिखा चुके हैं दम
यश का अभिनय सफर सिर्फ रॉकी भाई तक सीमित नहीं रहा है. ‘KGF’ से पहले भी वह कन्नड़ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता थे. उन्होंने 2008 में फिल्म ‘मोगिना मनसू’ से अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद ‘ड्रामा’ (2012), ‘गुगली’ (2013), ‘मिस्टर एंड मिसेज रमाचारी’ (2014), ‘मास्टरपीस’ (2015) और ‘संतु स्ट्रेट फॉरवर्ड’ (2016) जैसी फिल्मों में काम किया.इन फिल्मों में यश के अभिनय के कई अलग अलग रंग देखने को मिले. ‘गुगली’ में उनका रोमांटिक और चुलबुला अंदाज पसंद किया गया, जबकि ‘ड्रामा’ में उनकी कॉमिक टाइमिंग नजर आई. वहीं ‘मिस्टर एंड मिसेज रमाचारी’ में उन्होंने प्यार, गुस्से और जुनून से भरे युवा का किरदार निभाया. यानी वह एक्शन के साथ रोमांस, कॉमेडी और इमोशन में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं.
रॉकी भाई ने बदल दी यश की पहचान
साल 2018 में ‘KGF: Chapter 1’ रिलीज हुई और यश की लोकप्रियता का दायरा देशभर में फैल गया. रॉकी भाई के किरदार में उनकी लंबी दाढ़ी, भारी आवाज, गुस्से से भरी आंखें और दमदार अंदाज दर्शकों के बीच छा गया. 2022 में ‘KGF: Chapter 2’ ने इस लोकप्रियता को और बढ़ा दिया. इसके बाद यश की पहचान एक बड़े एक्शन स्टार के रूप में मजबूत हो गई. अब ‘टॉक्सिक’ में भी उनका डार्क और रफ टफ अंदाज देखने को मिलने वाला है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वह अपनी इसी छवि से बाहर निकलकर कुछ अलग भूमिकाएं चुनेंगे?
‘रामायण’ में रावण बनकर दिखाएंगे नया अंदाज
यश के करियर का एक बड़ा प्रोजेक्ट नितेश तिवारी की ‘रामायण’ है. इसमें वह रावण की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. रावण का व्यक्तित्व ताकत, प्रतिभा, अहंकार और सत्ता की चाह जैसे कई पहलुओं से जुड़ा है. यश ने भी रावण को एक जटिल व्यक्तित्व वाला किरदार बताया है. उनके मुताबिक, उसमें कई खूबियां थीं, लेकिन अहंकार, लालच और सत्ता की चाह उसके पतन की वजह बनी. यह भूमिका यश को एक ऐसे किरदार में अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का मौका देती है, जो सिर्फ खलनायक नहीं, बल्कि कई विरोधाभासों से भरा व्यक्तित्व है.
क्या पुराने रोमांटिक यश की पर्दे पर होगी वापसी?
यश के बड़े प्रोजेक्ट्स उनके स्टारडम को नया विस्तार दे सकते हैं, लेकिन दर्शक उनके अभिनय के दूसरे रंग भी देखना चाहते हैं. ‘KGF’ ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई है, मगर ‘गुगली’ और ‘ड्रामा’ जैसी फिल्मों में उनका सहज और हल्का फुल्का अंदाज भी दर्शकों को पसंद आया था. यश जैसे प्रतिभाशाली अभिनेता के लिए हर बार गुस्से, भारी आवाज और एक्शन से भरपूर किरदार निभाना जरूरी नहीं है. अगर वह फिर किसी रोमांटिक या कॉमेडी भूमिका में नजर आते हैं तो यह उनके प्रशंसकों के लिए नया अनुभव हो सकता है. आखिरकार, एक सुपरस्टार की असली ताकत यही है कि वह अपनी बनाई हुई छवि का मालिक बने, उसका कैदी नहीं.