भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.691 अरब डॉलर घटकर 717.056 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी.
विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी मुद्रा संपत्तियों (Foreign Currency Assets) और सोने के भंडार में कमी रही. भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में इन दोनों की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है.
विदेशी मुद्रा संपत्ति और सोने के भंडार में गिरावट
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा संपत्तियों का होता है. 30 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में इसमें 2.088 अरब डॉलर की गिरावट आई और यह घटकर 591.118 अरब डॉलर रह गई.
वहीं, देश के सोने के भंडार में भी 559 मिलियन डॉलर की कमी आई. इसके बाद गोल्ड रिजर्व घटकर 102.591 अरब डॉलर रह गया.
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से देशों को दिए जाने वाले विशेष आहरण अधिकार यानी SDR में भी 47 मिलियन डॉलर की गिरावट आई. अब यह घटकर 18.558 अरब डॉलर रह गया है.
IMF में भारत की स्थिति मजबूत हुई
हालांकि, इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की रिजर्व पोजिशन में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसमें 3 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ और यह बढ़कर 4.790 अरब डॉलर हो गई.
अगर रुपये में बात करें तो 30 अक्टूबर तक भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 68.09 लाख करोड़ रुपये था. यह पिछले सप्ताह के मुकाबले 24,777 करोड़ रुपये कम है.
गिरावट के बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार में सालाना बढ़ोतरी
हफ्तेभर में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट जरूर आई है, लेकिन बड़ी तस्वीर देखें तो भारत की स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है. मार्च 2026 के आखिर के मुकाबले देश का विदेशी मुद्रा भंडार 25.949 अरब डॉलर बढ़ा है. रुपये में यह बढ़ोतरी करीब 2.55 लाख करोड़ रुपये रही है.सालाना आधार पर भी विदेशी मुद्रा भंडार में 27.324 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है. रुपये में देखें तो इसमें 6.86 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.अलग-अलग हिस्सों की बात करें तो पिछले एक साल में विदेशी मुद्रा संपत्तियों में 26.527 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, सोने के भंडार में 865 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है.दूसरी ओर, SDR में 87 मिलियन डॉलर की कमी आई है, जबकि IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन 18 मिलियन डॉलर बढ़ी है.
30 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखने को मिली है, लेकिन मार्च 2026 और पिछले साल के मुकाबले इसमें अच्छी बढ़ोतरी बनी हुई है। यानी एक हफ्ते की गिरावट के बावजूद देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार पहले से बेहतर स्थिति में है।