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Home > हेल्थ > Cervical Spondylitis: बार-बार होता है गर्दन दर्द, हो सकता है यह गंभीर बीमारी, समय रहते पहचानें लक्षण

Cervical Spondylitis: बार-बार होता है गर्दन दर्द, हो सकता है यह गंभीर बीमारी, समय रहते पहचानें लक्षण

Cervical Spondylitis Symptoms: सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस की पहचान इसके खास लक्षणों से होती है. इसके साथ होने वाले दर्द के साथ-साथ अकड़न, सुन्नपन या झनझनाहट भी महसूस हो सकती है.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: April 22, 2026 11:59:19 IST

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Cervical Spondylitis Symptoms: घंटों तक मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल, और साथ ही गलत बैठने के तरीके के कारण होने वाला गर्दन का दर्द अब एक आम समस्या बन गया है. बहुत से लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, यह हमेशा केवल एक साधारण दर्द ही नहीं होता है. कई मामलों में, यह सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस का संकेत भी हो सकता है.

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस क्या है?

सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस एक ऐसी स्थिति है जो रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से विशेष रूप से, सर्वाइकल स्पाइन से जुड़ी होती है. यह हिस्सा सिर को सहारा देता है और उसके हिलने-डुलने में मदद करता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इस हिस्से की हड्डियां और डिस्क कमजोर होने लगती हैं, जिससे दर्द और अकड़न जैसी समस्याएं पैदा होती हैं.

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के सामान्य लक्षण

  • गर्दन में लगातार दर्द और अकड़न\
  • सिरदर्द समस्या
  • दर्द जो कंधों और बांहों तक फैलता है
  • हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन
  • नसें दबने के कारण होने वाली कमजोरी

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के कारण

  • लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना.
  • लगातार स्क्रीन देखना
  • गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना.
  • उम्र बढ़ने के कारण हड्डियों का कमजोर होना.

बचाव के उपाय

  • एक्सपर्ट के मुताबिक, इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका है बैठने और काम करने का सही तरीका अपनाना.
  • अपनी पीठ सीधी रखें.
  • स्क्रीन को आंखों के सामने स्तर पर रखें.
  • अपनी गर्दन को लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रखें.
  • बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें.
  • व्यायाम करना और सक्रिय रहना बहुत जरूरी है.
  • हल्की स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम दर्द और अकड़न से काफी राहत दिला सकते हैं. नियमित शारीरिक गतिविधि रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है.

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि दर्द लगातार बढ़ता जा रहा है, आपके हाथों में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो रहा है, या आपको घरेलू उपायों से भी कोई राहत नहीं मिल रही है, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है.

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें. हमने इसको लिखने में  सामान्य जानकारियों की मदद ली है. इंडिया न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Cervical Spondylitis Symptoms: घंटों तक मोबाइल और लैपटॉप के इस्तेमाल, और साथ ही गलत बैठने के तरीके के कारण होने वाला गर्दन का दर्द अब एक आम समस्या बन गया है. बहुत से लोग इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, यह हमेशा केवल एक साधारण दर्द ही नहीं होता है. कई मामलों में, यह सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस का संकेत भी हो सकता है.

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस क्या है?

सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस एक ऐसी स्थिति है जो रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से विशेष रूप से, सर्वाइकल स्पाइन से जुड़ी होती है. यह हिस्सा सिर को सहारा देता है और उसके हिलने-डुलने में मदद करता है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, इस हिस्से की हड्डियां और डिस्क कमजोर होने लगती हैं, जिससे दर्द और अकड़न जैसी समस्याएं पैदा होती हैं.

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के सामान्य लक्षण

  • गर्दन में लगातार दर्द और अकड़न\
  • सिरदर्द समस्या
  • दर्द जो कंधों और बांहों तक फैलता है
  • हाथों में झनझनाहट या सुन्नपन
  • नसें दबने के कारण होने वाली कमजोरी

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के कारण

  • लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना.
  • लगातार स्क्रीन देखना
  • गर्दन झुकाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना.
  • उम्र बढ़ने के कारण हड्डियों का कमजोर होना.

बचाव के उपाय

  • एक्सपर्ट के मुताबिक, इस समस्या से बचने का सबसे आसान तरीका है बैठने और काम करने का सही तरीका अपनाना.
  • अपनी पीठ सीधी रखें.
  • स्क्रीन को आंखों के सामने स्तर पर रखें.
  • अपनी गर्दन को लंबे समय तक एक ही स्थिति में न रखें.
  • बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें.
  • व्यायाम करना और सक्रिय रहना बहुत जरूरी है.
  • हल्की स्ट्रेचिंग और मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम दर्द और अकड़न से काफी राहत दिला सकते हैं. नियमित शारीरिक गतिविधि रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है.

डॉक्टर से कब मिलें?

यदि दर्द लगातार बढ़ता जा रहा है, आपके हाथों में कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो रहा है, या आपको घरेलू उपायों से भी कोई राहत नहीं मिल रही है, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है.

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी तरह का सलाह चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या एक्सपर्ट से सलाह लें. हमने इसको लिखने में  सामान्य जानकारियों की मदद ली है. इंडिया न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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