Watermelon Eating Mistakes: गर्मियों में आम की तरह लोगों को ही तरबूज का भी शौक होता है. चाहे बच्चे हों या बूढ़े, इसका मीठा स्वाद और रस से भरा टेक्सचर सबको खूब पसंद आता है. तरबूज खाते ही ताजगी महसूस होने लगती है. साल 2024 में, फूड बायोसाइंस में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला है कि तरबूज में मौजूद पोषक तत्व और एंजाइम्स आपका पेट भरा हुआ रखते हैं, जिससे लू लगने जैसी समस्याएं नहीं होती और क्रेविंग भी कंट्रोल रहती है, लेकिन कुछ लोगों की शिकायत रहती है कि तरबूज खाने से उनका पेट फूल जाता है या उनका डायजेशन खराब हो जाता है.
ऐसी ही तमाम शिकायतों के बारे में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. अनुकल्प प्रकाश बताते हैं कि तरबूज में पानी की मात्रा 90% से अधिक होती है, जिसके चलते ये आसानी से पच जाता है, लेकिन खाने के तुरंत बाद, स्पेशली फैट या प्रोटीनयुक्त फूड के बाद तरबूज खाने से पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है, जिसके कारण पेट में भारीपन या पेट फूलने की समस्या हो सकती है.
कब-कब नहीं खाना चाहिए?
तरबूज एक हेल्दी और हाइड्रेटिंग फ्रूट है, जो हर किसी के लिए नुकसानदायक नहीं होता, लेकिन इसे खाने का सही समय और तरीका मालूम हो तो इसके पोषक तत्व गर्मी की ज्यादातर हेल्थ प्रॉबलम्स को ट्रीट कर सकते हैं. जानें-
- एक्टपर्ट की मानें तो तरबूज जैसे एक्सट्रा हाइड्रेशन वाले फलों को लंच को तुरंत पहले या बाद में नहीं खाना चाहिए. ऐसा करने पर बॉडी में नेगेटिव रिएक्शन हो सकता है.
- पानी या जूस पीने के तुरंत बाद भी तरबूज खाने की मना ही होती है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जो आंतों पर एक्सट्रा दबाव डाल सकती है.
- कई बार स्वाद के चक्कर में लोग ज्यादा मात्रा में तरबूज खा लेते हैं, जिससे पाचन क्रिया पर असर पड़ सकता है. इससे पेट के एसिड नेगेटिव रिएक्शन कर सकते हैं.
- दूध या दूध से बने उत्पादों के साथ तरबूज खाने से एसिडिटी और पेट भूलने की दिक्कत हो सकती है.
- फ्रिज से तुरंत निकालने के बाद ठंडा तरबूज भी नहीं खाना चाहिए. क्योंकि अचानक तापमान बदलने से भी डायजेशन डिसटर्ब हो सकता है.
- तरबूज को खाली पेट खाने की गलती भी न करें, क्योंकि इसमें नेचुरल शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर अचानक स्पाईक कर सकता है.
क्या तरबूज जानलेवा हो सकता है?
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में डॉक्टर सज्जन राजपुरोहित बताते हैं कि खाने के साथ या खाने के तुरंत पहले-बाद में तरबूज खाने से डायजेशन खराब हो सकता है और गंभीर स्थिति भी हो सकती है, लेकिन इसके जानलेवा स्तर तक पहुंचने के पीछे के कारण दूसरे हैं-
- तरबूज को ऐसी जगह उगाया गया हो, जहां बैक्टीरिया सर्मोनेला, इकोलाइन और निस्टीरिया जैसे बैक्टीरिया की मौजूदगी ज्यादा हो.
- केमिकल पेस्टिसाइड के ज्यादा छिड़काव से तरबूज पर परत बन जाती है. ऐसे में बिना पानी से धोके खाने के गंभीर नुकसान हो सकते हैं.
- कई बार तरबूज को बड़ा, मीठा और लाल दिखाने के लिए कुछ लोग आर्टिफिशियल सब्सटेंस का इस्तेमाल करते है.
- इस सभी खतरों से बचने के लिए तरबूज को अच्छे वेंडर से जांच-परखकर खरीदें और पानी से ठीक तरह धोके-साफ करके ही खाना चाहिए.
ये लोग न खाएं तरबूज
तरबूज हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है. खासतौर पर डायबिटीज के पेशेंट को तरबूज खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि तरबूज में नेचुरल शुगर की मात्रा काफी अधिक होती है, जो ब्लड शुगर का लेवल बढ़ा सकती है. इसके अलावा, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या अक्सर पेट की समस्या बने रहने पर भी तरबूज का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह-मशवरा अवश्य कर लेना चाहिए.
क्या है तरबूज खाने का सही तरीका?
एनडीटीवी की रिपोर्ट में डॉ. अनुकल्प प्रकाश बताते हैं कि खाने के तुरंत पहले या तुरंत बाद तरबूज नहीं खाना चाहिए. अच्छे डायजेशन और गर्मी में पेट की दिक्कतों से बचने के लिए हमेशा तरबूज को अकेले ही खाएं. इसे दूसरे फलों के साथ भी मिक्स न करें. नाश्ते के 2 घंटे बाद या शाम के समय तरबूज खाने से हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है.
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