Swelling in Uterus: महिलाओं की सेहत पुरुषों की तुलना में अधिक जटिल होती है. वे रुटीन में भी कई ऐसी परेशानियों का सामना करती हैं जिनकी अनदेखी घातक साबित हो जाती है. वैसे तो महिलाओं में कई तरह की परेशानियां देखी जाती हैं. लेकिन, गर्भाशय में सूजन की समस्या अधिक देखी जाती है. हालांकि, महिलाओं को हर माह आने वाले पीरियड्स और प्रेग्नेंसी के दौरान थोड़ी बहुत सूजन होना आम बात है. गर्भाशय में सूजन होने पर महिलाओं को रोजाना के काम करने में परेशानी हो सकती है. जबकि, उनकी लाइफस्टाइल भी प्रभावित होती है. गर्भाशय में सूजन आने के कई कारण हो सकते हैं. इस समस्या को आमतौर पर महिलाएं नजरअंदाज कर जाती हैं. इसी का नतीजा है कि, महिलाओं को आने वाले समय में कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. अब सवाल है कि आखिर, गर्भाशय में सूजन के क्या कारण हैं? गर्भाशय में सूजन के लक्षण और बचाव क्या हैं? इस बारे में बता रही हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अमृता साहा-
गर्भाशय में सूजन के क्या कारण?
बच्चेदानी में सूजन के कई कारण हो सकते हैं. जैसे- फाइब्रॉइड होना, दवाओं का ज्यादा सेवन, अधिक मात्रा में भोजन करना, ज्यादा टाइट कपड़े पहनना, गर्भाशय से संबंधित रोग, यौन संबंध के दौरान सावधानी न बरतना और डिलीवरी के समय होने वाला जोखिम आदि.
गर्भाशय में सूजन के शुरुआती लक्षण?
- पेट में दर्द महसूस होना
- प्राइवेट पार्ट में जलन होना
- बार-बार यूरिन आना
- पाचन क्रिया प्रभावित होना
- गैस की समस्या का बढ़ना
गर्भाशय में सूजन से बचाव के उपाय
- गर्भाशय में सूजन को रोकने के लिए आप डाइट में बदलाव कर सकते हैं. ऐसी चीजों को डाइट में शामिल करें जो सूजन को कम करने में मदद करती है. इसके लिए आप फल, सब्जियां, साबुत अनाज, व लीन प्रोटीन का सेवन अधिक मात्रा में करें. इन खाद्य पदार्थों में आवश्यक पोषक तत्व, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो गर्भाशय सहित पूरे शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं.
- सही मात्रा में पानी पीने से महिलाओं का कई तरह की समस्या से बचाव होता है. डिहाईड्रेशन की वजह से गर्भाशय पर दबाव पड़ता है. जिसकी वजह से सूजन आ सकती है. इसलिए शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी अवश्य पिएं.
- स्ट्रेस और तनाव का शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है. यह गर्भाशय में होने वाली सूजन को भी बढ़ा सकता है. दरअसल, स्ट्रेस होने पर हार्मोन का स्तर अनियंत्रित होता है. जिससे शरीर में सूजन बढ़ सकती है. गर्भाशय की सूजन को कम करने के लिए आप स्ट्रेस को कम करने का प्रयास करें. इसके लिए आप योगा और प्राणायाम कर सकती हैं.
- मोटापा आपके शरीर में रोग का एक मुख्य कारक माना जाता है. पेट के आसपास का फैट पाचन क्रिया को प्रभावित करता है. जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण प्रभावित हो सकता है. ऐसे में गर्भाशय की सूजन बढ़ सकती है. इससे रोकने के लिए आप मोटापे को कंट्रोल करें.