राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (5 सितंबर 2026) को बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए देश के आठ अलग-अलग हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की है.
कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से सलाह-मशविरा करने के बाद ये नियुक्तियां की हैं.
8 जजों को मिली नई जिम्मेदारी
- राजस्थान हाईकोर्ट: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाया गया है.
- पटना हाईकोर्ट: दिल्ली हाईकोर्ट के जज वल्लूरी कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का पद सौंपा गया है.
- कोलकाता हाईकोर्ट: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज रवींद्र वी. घाुगे अब कोलकाता हाईकोर्ट की कमान संभालेंगे.
- पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट: इसी कोर्ट में कार्यरत जज अश्विनी कुमार मिश्रा को अब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है.
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट: उड़ीसा हाईकोर्ट के जज कृष्णा राम महापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है.
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट: गुजरात हाईकोर्ट के जज अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है.
- बॉम्बे हाईकोर्ट: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाया गया है.
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट: राजस्थान हाईकोर्ट के जज पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है.
In exercise of the power conferred by the Constitution of India, in consultation with the Chief Justice of India, the President is pleased to appoint the following High Court Judges as Chief Justices of the High Courts: pic.twitter.com/yggIOo1B7Q
— Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) September 5, 2026
राजस्थान हाईकोर्ट में नियुक्ति क्यों रही चर्चा में?
राजस्थान हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब वहां के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (एक्टिंग चीफ जस्टिस) संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर विवाद चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत को पत्र लिखकर जस्टिस शर्मा के आचरण पर सवाल उठाए थे. इस मुद्दे को लेकर राजस्थान में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था. हालांकि, जस्टिस शर्मा ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि वे अपना जवाब CJI को सौंप चुके हैं.