Bill Gates AI Warning: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने चेतावनी दी कि गलत हाथों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इतना पावरफुल हो सकता है कि इससे एक अरब लोगों की मौत हो सकती है.एक इंटरव्यू में, गेट्स ने कहा कि AI टूल्स को गलत इरादे से मिलाना अब तक बनाए गए किसी भी हथियार से ज़्यादा खतरनाक हो सकता है. उन्होंने सरकार से इस खतरे को गंभीरता से लेने की अपील की.’गेट्स ने अमेरिकी सरकार से AI कानून बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट कंट्रोल काफी नहीं है और सरकारी निगरानी और रेगुलेशन ज़रूरी हैं. गेट्स ने अगस्त में पब्लिश हुए एक आर्टिकल में AI के तीन बड़े खतरों के बारे में भी बताया.
बिल गेट्स ने क्या कहा?
NBC के कार्यक्रम Meet the Press को दिए एक इंटरव्यू के अंश में गेट्स ने कहा कि AI में ऐसी घटनाओं को जन्म देने की क्षमता है, जिनमें एक अरब लोगों की मौत तक हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि गलत इरादे रखने वाले लोगों के हाथों में नवीनतम AI टूल्स का इस्तेमाल अब तक के सबसे खतरनाक हथियारों में से एक बन सकता है.
AI तकनीक के तेजी से विकसित होने के साथ सिलिकॉन वैली में इसके संभावित गंभीर खतरों को लेकर चिंता बढ़ रही है. हाल ही में Anthropic के कर्मचारी जैकब कॉक्सन ने अपनी नौकरी छोड़ दी और आरोप लगाया कि Anthropic और OpenAI सुपर-इंटेलिजेंट AI की दिशा में तेजी से आगे बढ़कर लोगों की जिंदगी को जोखिम में डाल रहे हैं.
Anthropic के एक अन्य कर्मचारी ने भी दावा किया कि अगले एक दशक में AI के कारण पूरी मानव जाति के खत्म होने की संभावना 10 प्रतिशत से अधिक हो सकती है. हालांकि, ये व्यक्तिगत आकलन और दावे हैं, न कि स्थापित वैज्ञानिक तथ्य.
AI के संभावित खतरों को लेकर चल रही इस बहस के बीच Anthropic के CEO डारियो अमोडी ने AI विकास की गति धीमी करने की अपील की है. इस प्रस्ताव को OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क जैसे तकनीकी क्षेत्र के लोगों का समर्थन भी मिला है.
गेट्स ने कानून बनाने की जरूरत बताई
बिल गेट्स ने कहा कि AI के मामले में केवल कंपनियों का खुद से नियम बनाना पर्याप्त नहीं है. उनके मुताबिक, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और राजनेताओं को भी AI के सुरक्षा उपायों और निगरानी से जुड़ी चर्चा में शामिल होना चाहिए. उन्होंने कहा कि AI की सुरक्षा और निगरानी के लिए कुछ नियमों को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए.
गेट्स इससे पहले अगस्त में लिखे एक लेख में भी AI के खतरों को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि तेजी से शक्तिशाली होते AI टूल्स का इस्तेमाल गलत लोग साइबर हमलों, धोखाधड़ी, गलत सूचना फैलाने और बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते हैं. उन्होंने अस्पतालों, वित्तीय संस्थानों, बिजली ग्रिड और सरकारी प्रणालियों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को संभावित जोखिमों में शामिल किया था.
ऑस्ट्रेलिया में एक AI मॉडल ने सरकारी पोर्टल हैक किया
वहीं दुनिया में पहली बार, एक AI मॉडल ने सरकारी पोर्टल हैक किया. यह घटना ऑस्ट्रेलिया में हुई. एक OpenAI AI मॉडल ने ऑस्ट्रेलियाई हेल्थ डेटा सिस्टम में घुसपैठ की और हेल्थकेयर खर्च और दवा सब्सिडी से जुड़ी जानकारी हासिल करते हुए फाइलें एक्सेस कीं.OpenAI ने 54 दिन बाद सरकार को इस घटना के बारे में बताया. बाद में, प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने न्यूयॉर्क में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन से फोन पर बात की और देरी पर अपनी नाराज़गी जताई.इस बीच, OpenAI के CEO सैम ने कहा कि AI पर कंट्रोल बनाए रखना अब ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि अगर इंसान कंट्रोल खो देते हैं, तो नतीजे बहुत गंभीर होंगे.ऑस्ट्रेलिया इस बात की जांच करेगा कि कंपनी के खिलाफ क्रिमिनल चार्ज लगाए जाएं या नहीं. यह भी जांच कर रहा है कि ऑस्ट्रेलियाई सिक्योरिटी एजेंसियां इस घुसपैठ का पहले पता क्यों नहीं लगा पाईं. OpenAI ने यह भी माना कि उसके मॉडल्स ने ऐसे काम किए जो कंपनी का इरादा नहीं था. CEO सैम ने कहा कि सभी देशों को मिलकर सिक्योरिटी स्टैंडर्ड बनाने चाहिए जिससे टेक्नोलॉजी कंट्रोल में रहे, भले ही वह और ज़्यादा पावरफुल हो जाए.