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PM Modi Independence Day 2026 Speech: ‘5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू…’, पीएम मोदी की धाकड़ स्पीच सुन घबड़ा सकता है पाकिस्तान

PM Modi Independence Day 2026 Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराएया और देश को संबोधित किया. तो चलिए जानते हैं पीएम मोदी के स्पीच की बड़ी बातें.

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Edited By: Uttam Ojha
Last Updated: 2026-08-15 09:36:02

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PM Modi Independence Day 2026 Speech: देश की आजादी के 79 वर्ष पूरे हो चुके हैं और इस साल 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है. 15 अगस्त यानी आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराएया और देश को संबोधित किया.इस दौरान पीएम मोदी ने कई मुद्दों पर बात की  तो चलिए जानते हैं पीएम मोदी के स्पीच की बड़ी बातें.पीएम मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश नए संकल्पों को लेकर आगे बढ़ रहा है. पीएम ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा, आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है. उन्होंने कहा, आज ऐतिहासिक पल है. आजादी के बाद 15 अगस्त को लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है.

सपने और लक्ष्य दोनों ऊंचे होने चाहिए: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि अब देश छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने वाला नहीं है. बड़े सपने हमारी सोच का दायरा बढ़ाते हैं और हमारे संकल्प को मजबूत बनाते हैं. जब संकल्प दृढ़ होता है, तो कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का रास्ता मिल जाता है. इसलिए हमारे सपने और लक्ष्य दोनों ऊंचे होने चाहिए. ऊंचे सपने और मजबूत संकल्प ही हमारे सामर्थ्य को बढ़ाते हैं और हमें उन्हें साकार करने की ताकत देते हैं.

12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बीते 12 वर्षों में देशवासियों ने एक संकल्प के साथ, समर्पण के साथ, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में प्रयास किया है. इन्हीं प्रयासों को आदरपूर्वक स्वीकार करता हूं. यही वजह है कि इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं. इन्हीं के साहस की वजह से हम 12 साल में फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बन गए हैं. कभी हम फ्रेजाइल 5 का हिस्सा थे.

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा,  2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था. उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है. तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं. पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा. रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया. इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े. हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा.

2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना बड़ा सपना: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना. इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है. जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है. भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है.

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा,  2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था. उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है. तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं. पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा. रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया. इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े. हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा.

2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना बड़ा सपना: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना. इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है. जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है. भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है.

पीएम मोदी ने देश के महान सपूतों को याद किया

प्रधानमंत्री ने कहा, देश आज उन महान सपूतों का पुण्य स्मरण करता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग और बलिदान की पराकाष्ठा की. अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी थी. पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं. 

पूरा देश आपदा पीड़ितों के साथ खड़ा है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा, भू-स्खलन का प्रकोप रहा, अनेक परिवार प्रभावित हुए. उनके दुःख-दर्द को हम भलीभांति अनुभव करते हैं. पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़े हैं.

अपने संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है देश: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला. हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं. कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है. जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है.

भारत ने अपना सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किया: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बीते वर्षों में हमारा कन्विक्शन रहा है कि भारत को हमें अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है. हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए. हमें अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी है. आत्मनिर्भर भारत का संकल्प दृढ़ता के साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं. वोकल फॉर लोकल से हर भारत का मन जुड़ रहा है. देश आजाद होने के बाद विश्व में तो सेमीकंडक्टर की चर्चा हुई, लेकिन हम कोई सेमीकंडक्टर प्लांट आगे नहीं बढ़ा पाए. आज स्थिति क्या है? यह सेमीकंडक्टर हर चीज के लिए अनिवार्य है. हर उपकरण में चिप लगना जरूरी है. इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत ने अपना सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किया. आज भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट हैं. आने वाले 7-8 वर्ष में और पांच सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने वाले हैं.

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में उठाए मजबूत कदम: पीएम मोदी

लाल किले से अपने 13वें संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, जैसी चर्चा क्रिटिकल मिनरल्स की हो रही है. पूरी तकनीक इसी पर निर्भर है. भारत इसमें भी अपने आप को सुरक्षित करने में जुटा है. मिशन क्रिटिकल मिनरल्स हमने लॉन्च किया. हमने कॉरिडोर लॉन्च किया है. कई देश हम पर इसके लिए भरोसा कर रहे हैं. चाहे सेमीकंडक्टर की बात हो या क्रिटिकल मिनरल्स की. उसी तरह एनर्जी की भी बात बढ़ती जा रही है. इसके बिना दुनिया को चलाना मुश्किल है. इसलिए हमने एआई हो, डेटा सेंटर हो, हमें बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी. एनर्जी सिक्योरिटी यह दुनिया की मांग है. इस दिशा में हमने मजबूत कदम उठाए हैं. इस रास्ते में एक जरूरी जरिया है परमाणु ऊर्जा. 2047 तक हम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.

हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, यह हमारी गलत सोच के कारण है. हमने समुद्र तट का 99 फीसदी इलाका नो गो एरिया घोषित कर के रखा है. हमने ही समुद्र के अंदर जाकर एक्प्लोरेशन न करने का फैसला किया. हमने उस 99 फीसदी इलाका जो नो गो हुआ करते थे. हमने उसे खुला कर दिया. अब हम समुद्र के अंदर एक्सप्लोरेशन करने का प्रयास किया है. उसी दिशा में हमने समुद्र मंथन की घोषणा की थी. हाल ही में हमने 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर उस काम को आगे बढ़ाने का काम किया.

कुछ लोगों को देश को भयभीत करने में आनंद आता है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि हमें कुछ समस्याओं को झेलना पड़ेगा. 12 साल में हमने कोरोना जैसी महामारी झेली, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया. कोरोना के बाद कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह तनाव का माहौल. कुछ लोगों को तो सिर्फ देश को भयभीत करने, डराने में मजा आता है. कोरोना वैक्सीन नहीं मिलेगी, यह नहीं होगा, पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी, डीजल नहीं मिलेगा, फर्टिलाइजर नहीं मिलेगा. कुछ लोगों को देश को डराने में आनंद आ रहा था. लेकिन देश ने देख लिया कि हम नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेते हुए, जिस तरह से योजनाओं को आगे बढ़ाया था, उनसे देश को कोई समस्या नहीं हुई. आज देश में पेट्रोल भी है, गैस भी है, डीजल भी है. हम अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं.

आत्मनिर्भरता के मंत्र से किया चुनौतियों का सामना: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने संबोधन में कहा, एक समय था, जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ लोग एसी में बैठकर बात करने वाले लोग हमें बता रहे थे कि वैश्वीकरण का क्या होगा. जहां से वैश्वीकरण की आवाज आती थी, उसने बोलना ही बंद कर दिया. लेकिन इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने इन संसाधनों का हथियारीकरण करने का काम किया. संसाधनों का हथियारीकरण. पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, तकनीक की चीजें. अगर हम आत्मनिर्भर का मंत्र लेकर आगे नहीं चले होते तो ऐसी चुनौतियों का सामना कैसे करते. ऐसी चुनौतियां आगे बढ़ती जा रही हैं.

दुनिया में बढ़ रहा भारत का सम्मान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आज दुनिया में स्थिर सरकार के साथ आगे बढ़ रहा है. दुनिया में हमारा सम्मान बढ़ रहा है. हम सबको दिशा देने वाला भारत का संविधान है. आज दुनिया भारत का सामर्थ्य पहचान रही है. अब देखिए कितना बड़ा अवसर आया है, लेकिन ये जो व्यापार समझौते हुए हैं. इसलिए मैं एमएसएमई को कहना चाहूंगा कि हमें इन मौकों को छोड़ना नहीं है. हमारी मशीनरी हो, टेक्सटाइल हो, दवाइयां हों, हमें मौका छोड़ना नहीं है. हमें गुणवत्ता के साथ चलना होगा. हमें वैश्विक मानकों पर चलना होगा.

जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए, उन्हें पूरा करने में लगे 5-7 साल: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमारे सीफूड की दुनिया में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है. हमारी सी बेल्ट इस क्षेत्र में काफी काम आ सकती है. मैंने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य एक मजबूत नींव पर खड़ा है. हमने पिछले 10-12 साल में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है, यह आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है. इसका एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब हमें लक्ष्य प्राप्त करके रहना है. हमें अपनी संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलना होगा. जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए हैं, वह काम हमें करने में हमें 5-7 साल लगे हैं. मुझे भरोसा है कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं.

अपनी पारंपरिक व्यवस्था, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, सुधारों को आगे बढ़ाना भी जरूरी है. यह हमारे लिए कन्विक्शन है. आने वाले दिनों में भी हम नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म की तरफ बढ़ने वाले हैं. सभी को अपनी पारंपरिक व्यवस्था, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा. हमें अपने किसान, मजदूरों को नई दिशा में लेकर चलना होगा. विकसित भारत बनने के लिए हमें नई धारा चाहिए.

पीएम मोदी ने किया देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं. जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे. इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी. सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति. हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा. उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं. पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए. डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा. उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है. इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा. हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों. जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा. वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी. क्वालिटी से कोई समझौता नहीं. हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए.

उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार. उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं. इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है. हमें नवाचार का केंद्र बनना है. अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है.

रक्षा क्षेत्र में बनना होगा आत्मनिर्भर: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति. यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए. हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए. बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा.  पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति. रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है. हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा. हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा. ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा. छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति. हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है. दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं. हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है. इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं. 

‘सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर. भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है. आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है. जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों. हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों. क्रिएटिव वर्ल्ड के अंदर भारत का लोहा माना जा रहा है. भारत का ऑडियो-वीडियो औऱ एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में दुनिया हमारी राह देखती है. हमारे पास वन संपदा है, 100 से ज्यादा राष्ट्रीय पार्क हैं. लेकिन विदेशियों को आकर्षिक करने में हम पीछे रहे हैं. हमारा काम है कि हम इस क्षेत्र में आगे बढ़ें और पूरी दुनिया को आकर्षित करें.’

सप्तधारा की सात शक्तियों से आगे ले जाएंगे देश: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, सप्तधारा की यह सात शक्तियों से हमें राष्ट्र को आगे ले जाने को लेकर जो लक्ष्य लेकर चल हे हैं, उन्हें पार करना होगा.

दुनिया का नेतृत्व भारत के हाथों में हो, यह समय की मांग: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्युन 500 में आगे भारत की कंपनियां हों. आज बैंकिंग क्षेत्र फल-फूल रहा है. दुनिया के शीर्ष बैंकों में भारत के बैंकों का हिस्सा क्यों न हो. भारत की फार्मा ने विदेश में बहुत काम किया है. समय की मांग है कि दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी एक-दो कंपनियां होनी चाहिए. क्या समय की मांग नहीं है कि दुनिया का नेतृत्व हमारे हाथ में होना चाहिए. हमारी अकाउंटिंग फर्म्स दुनिया की शीर्ष फर्म्स में क्यों नहीं होनी चाहिए. हमारे ऐसे ब्रांड्स हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती हो. मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्वराज संस्थाओं को कहना चाहता हूं कि हमें अपनी रफ्तार बढ़ानी होगी.

सपने लेकर आएं युवा, हम संसाधन की कमी नहीं होने देंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि मेहनत में कोई कमी न करते हुए हम विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करके रहेंगे. हमें मिलकर आगे बढ़ना है. सुधारों को आगे बढ़ाते रहना है. हम यह दृढ़ विश्वास से कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है, इसका साधक कौन है- इसका साधक देश का युवा है. देश के विकास में युवा सबसे बड़ी ताकत है और विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी भी देश का युवा है. हमें युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए आगे बढ़ना है. स्टार्ट अप इंडिया के चलते देश में स्टार्ट अप बनते जा रहे हैं. मैं युवाओं को कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आएं, हम संसाधन की कमी नहीं होने देंगे. सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ाया है. देश के नौजवानों को इसने नई ताकत दी है. स्किल इंडिया को हमने आगे बढ़ाया. खेलो इंडिया बढ़ाया.

आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को देंगे एआई कौशल: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, लाल किले से मैं देश के नौजवानों के लिए घोषणा करना चाहता हूं. आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को हम एआई कौशल देने के लिए काम करेंगे, ताकि हमारा युवा एआई की दुनिया में नेतृत्व का सामर्थ्य रखे.

2025-26 में 25 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश में पहले केवल 60 हजार करोड़ का बायोइकोनॉमी का काम होता था. वह 2014 के बाद 20 लाख करोड़ पर पहुंच चुका है. 2009-10 का कालखंड था, जब सिर्फ 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन देश में बिके थे. 2025-26 में 25 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं. विमानन क्षेत्र भी नौजवानों के लिए तेजी से आगे बढ़ा है. मेंटेनेंस ओवरहॉलिंग के कारण देश में स्किल्ड मैनपावर को बढ़ावा मिल रहा है. मेड इन इंडिया एयरक्राफ्ट को भी बढ़ावा मिला है. देश में बना पहला सी295 उड़ान भर चुका है.

युवाओं के लिए खड़ा करेंगे निशुल्क कोचिंद देने का नेटवर्क: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश में कोचिंग कक्षाओं की स्पर्धा बढ़ती जा रही है. हर परिवार को लगता है कि उन्होंने बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा तो उनका भला नहीं हो सकता. इसलिए हमने छात्रों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है. हम युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करने वाले हैं.

दुनिया में हर पोडियम पर सुनाई देता है भारत का राष्ट्रगान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है. भारत का राष्ट्रगान आज दुनिया में हर पोडियम पर सुनाई देता है. टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना ने इसे काफी बढ़ावा दिया है. खेलो इंडिया गेम्स, खेलों के लिए कोचिंग, खेल चिकित्सा आदि में युवाओं के लिए काफी जगह बनी है. हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर उभर रहे हैं. 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों को भारत आयोजित करने वाला है.

उन्होंने कहा, ओलंपिक में इससे जुड़े 40 खेल होते हैं और 350 स्पर्धाएं होती हैं. भारत में इनमें से दो-तिहाई खेलों में हमारी मौजूदगी नहीं होती. हम उनमें योग्यता हासिल नहीं कर पाते. लेकिन मैं आपको चुनौती देता हूं. जिन स्पर्धाओं में भारत योग्यता हासिल नहीं करता, हम उनके लिए आगे बढ़ेंगे. 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में प्रतिभा ढूंढने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद इन प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे.

माओवाद-नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में बढ़ रहा देश: पीएम मोदी

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया. चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था. देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी. नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया. 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे. हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं. जहां पर कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती रक्तरंजित होती थी, आज वहां विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है.

हथियार वाले नक्सली तो मारे गए, लेकिन दिमाग वाले नक्सली अभी देश में हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश की सत्ता में वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोग जगह बनाकर बैठे थे. इन लोगों ने सरकारों की नीतियों को भी प्रभावित किया था. हमें नक्सलवादियों से देश को आजाद कराने में मदद मिली है. हथियार वाले नक्सल तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में हैं. यह देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे हैं. हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा. इन्हें अलग-थलग करना होगा. सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है. सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं. जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं. हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है.

नागरिक रक्षा का बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है. मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही नागरिक रक्षा (सिविल डिफेंस) का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा. इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी.

महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनें राजनीतिक दल: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, हमने संसद में महिला शक्ति को बल देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया था. मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह कर रहा हूं कि महिलाओं के समार्थ्य के पुजारी बनिए. जल्द से जल्द हमारी माताओं-बहनों को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व मिले, वे भारत के विकास में योगदान दें. आइये महिला आरक्षण लागू कर के आप भी उन्हें आगे बढ़ाने का श्रेय लीजिए, लेकिन हमारी नारी शक्ति को बल दीजिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबधन में कहा, आज मुझे एक काम के लिए आपकी मदद चाहिए. सभी नौजवानों से मैं चाहता हूं कि आप नेतृत्व करिए. आपका एक या दो घंटे देश को बहुत बड़ी शक्ति देने वाला है. इन दिनों में देश में जनगणना का काम हो रहा है. गिनती सिर्फ आंकड़ों से बात बनती नहीं है. उसकी बारीकियों से योजनाएं बनती हैं, देश के आगे बढ़ने की रूप रेखा तैयार होती है. कभी कभी सरकार के प्रतिनिधि जल्दी में होते हैं, वे कुछ गड़बड़ी कर देते हैं. इस बार निर्णय हुआ है कि आप अपनी जानकारी जनगणना में भरकर दे सकते हैं. लेकिन आप परिवार के सब बैठकर डिजिटली अपनी रजिस्ट्री करा दें. आप जितनी परफेक्ट जानकारी देंगे, देश को उससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. इससे देश की समय और शक्ति काम आएगी. 

समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने लाल किले से पंच प्राण की बात की थी. इसने हमारे संकल्पों को बड़ा बल दिया. जिस भारत का सपना, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था. आइये इन संकल्पों को हम दोहराएं. मैं सभी देशवासियों से कहूंगा कि समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है. 

“आइये सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल कर रहें. आइये हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाएं, लक्ष्य से जुड़े रहें, एक दीप से जलें दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं.”

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सपने और लक्ष्य दोनों ऊंचे होने चाहिए: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि अब देश छोटे लक्ष्यों तक सीमित रहने वाला नहीं है. बड़े सपने हमारी सोच का दायरा बढ़ाते हैं और हमारे संकल्प को मजबूत बनाते हैं. जब संकल्प दृढ़ होता है, तो कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने का रास्ता मिल जाता है. इसलिए हमारे सपने और लक्ष्य दोनों ऊंचे होने चाहिए. ऊंचे सपने और मजबूत संकल्प ही हमारे सामर्थ्य को बढ़ाते हैं और हमें उन्हें साकार करने की ताकत देते हैं.

12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बीते 12 वर्षों में देशवासियों ने एक संकल्प के साथ, समर्पण के साथ, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में प्रयास किया है. इन्हीं प्रयासों को आदरपूर्वक स्वीकार करता हूं. यही वजह है कि इतने कम समय में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले हैं. इन्हीं के साहस की वजह से हम 12 साल में फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बन गए हैं. कभी हम फ्रेजाइल 5 का हिस्सा थे.

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा,  2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था. उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है. तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं. पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा. रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया. इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े. हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा.

2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना बड़ा सपना: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना. इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है. जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है. भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है.

भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा,  2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें फ्रेजाइल-5 में डंप कर दिया था. उन हालात के बीच भारत ने पिछले 12 साल में रफ्तार पकड़ी है. तेज गति से अब हम आगे बढ़ रहे हैं. पिछले 12 वर्ष में रक्षा उद्योग 4 गुना बढ़ा, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 7 गुना बढ़ा. रेलवे कोच का उत्पादन 21 गुना बढ़ा, डिजिटल-इनोवेशन की दुनिया में हमने अपना परचम लहराया. इंटरनेट कंज्यूमर चार गुना बढ़े, डिजिटल ट्रांजैक्शन करीब 100 गुना बढ़े. हर काम लगभग 15 गुना औसत से बढ़ा.

2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना बड़ा सपना: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत का एक बड़ा सपना है- 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना. इस सपने को पूरा करने की ताकत और संकल्प 140 करोड़ भारतीयों से मिल रहा है. जब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश खुद को एक विकसित देश बनाने का लक्ष्य तय करता है, तो इससे पूरी दुनिया को एक मजबूत संदेश जाता है. भारत के इस लक्ष्य से दुनिया की नजर में भारत की छवि बदल रही है और दुनिया भारत को नए तरीके से देख रही है.

पीएम मोदी ने देश के महान सपूतों को याद किया

प्रधानमंत्री ने कहा, देश आज उन महान सपूतों का पुण्य स्मरण करता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग और बलिदान की पराकाष्ठा की. अपने तप, त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर अपनी पूरी जिंदगी खपा दी थी. पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं. 

पूरा देश आपदा पीड़ितों के साथ खड़ा है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा, भू-स्खलन का प्रकोप रहा, अनेक परिवार प्रभावित हुए. उनके दुःख-दर्द को हम भलीभांति अनुभव करते हैं. पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़े हैं.

अपने संकल्पों और सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है देश: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, मेरे देशवासियों, अब छोटे सपनों से काम नहीं चलने वाला. हमें बड़े सपने देखने हैं, क्योंकि बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं, हमारी सोच की क्षितिज को विस्तृत करते हैं. कोई भी राष्ट्र तब महान बनता है, जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है. जब अपने सपनों, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ता है.

भारत ने अपना सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किया: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, बीते वर्षों में हमारा कन्विक्शन रहा है कि भारत को हमें अब दूसरे देशों पर निर्भर रहकर नहीं जीना है. हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए. हमें अपने हितों की सुरक्षा खुद करनी है. आत्मनिर्भर भारत का संकल्प दृढ़ता के साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं. वोकल फॉर लोकल से हर भारत का मन जुड़ रहा है. देश आजाद होने के बाद विश्व में तो सेमीकंडक्टर की चर्चा हुई, लेकिन हम कोई सेमीकंडक्टर प्लांट आगे नहीं बढ़ा पाए. आज स्थिति क्या है? यह सेमीकंडक्टर हर चीज के लिए अनिवार्य है. हर उपकरण में चिप लगना जरूरी है. इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत ने अपना सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू किया. आज भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट हैं. आने वाले 7-8 वर्ष में और पांच सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने वाले हैं.

ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में उठाए मजबूत कदम: पीएम मोदी

लाल किले से अपने 13वें संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, जैसी चर्चा क्रिटिकल मिनरल्स की हो रही है. पूरी तकनीक इसी पर निर्भर है. भारत इसमें भी अपने आप को सुरक्षित करने में जुटा है. मिशन क्रिटिकल मिनरल्स हमने लॉन्च किया. हमने कॉरिडोर लॉन्च किया है. कई देश हम पर इसके लिए भरोसा कर रहे हैं. चाहे सेमीकंडक्टर की बात हो या क्रिटिकल मिनरल्स की. उसी तरह एनर्जी की भी बात बढ़ती जा रही है. इसके बिना दुनिया को चलाना मुश्किल है. इसलिए हमने एआई हो, डेटा सेंटर हो, हमें बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होगी. एनर्जी सिक्योरिटी यह दुनिया की मांग है. इस दिशा में हमने मजबूत कदम उठाए हैं. इस रास्ते में एक जरूरी जरिया है परमाणु ऊर्जा. 2047 तक हम 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.

हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, यह हमारी गलत सोच के कारण है. हमने समुद्र तट का 99 फीसदी इलाका नो गो एरिया घोषित कर के रखा है. हमने ही समुद्र के अंदर जाकर एक्प्लोरेशन न करने का फैसला किया. हमने उस 99 फीसदी इलाका जो नो गो हुआ करते थे. हमने उसे खुला कर दिया. अब हम समुद्र के अंदर एक्सप्लोरेशन करने का प्रयास किया है. उसी दिशा में हमने समुद्र मंथन की घोषणा की थी. हाल ही में हमने 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर उस काम को आगे बढ़ाने का काम किया.

कुछ लोगों को देश को भयभीत करने में आनंद आता है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि हमें कुछ समस्याओं को झेलना पड़ेगा. 12 साल में हमने कोरोना जैसी महामारी झेली, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया. कोरोना के बाद कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह तनाव का माहौल. कुछ लोगों को तो सिर्फ देश को भयभीत करने, डराने में मजा आता है. कोरोना वैक्सीन नहीं मिलेगी, यह नहीं होगा, पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी, डीजल नहीं मिलेगा, फर्टिलाइजर नहीं मिलेगा. कुछ लोगों को देश को डराने में आनंद आ रहा था. लेकिन देश ने देख लिया कि हम नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेते हुए, जिस तरह से योजनाओं को आगे बढ़ाया था, उनसे देश को कोई समस्या नहीं हुई. आज देश में पेट्रोल भी है, गैस भी है, डीजल भी है. हम अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं.

आत्मनिर्भरता के मंत्र से किया चुनौतियों का सामना: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने संबोधन में कहा, एक समय था, जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ लोग एसी में बैठकर बात करने वाले लोग हमें बता रहे थे कि वैश्वीकरण का क्या होगा. जहां से वैश्वीकरण की आवाज आती थी, उसने बोलना ही बंद कर दिया. लेकिन इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने इन संसाधनों का हथियारीकरण करने का काम किया. संसाधनों का हथियारीकरण. पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, तकनीक की चीजें. अगर हम आत्मनिर्भर का मंत्र लेकर आगे नहीं चले होते तो ऐसी चुनौतियों का सामना कैसे करते. ऐसी चुनौतियां आगे बढ़ती जा रही हैं.

दुनिया में बढ़ रहा भारत का सम्मान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आज दुनिया में स्थिर सरकार के साथ आगे बढ़ रहा है. दुनिया में हमारा सम्मान बढ़ रहा है. हम सबको दिशा देने वाला भारत का संविधान है. आज दुनिया भारत का सामर्थ्य पहचान रही है. अब देखिए कितना बड़ा अवसर आया है, लेकिन ये जो व्यापार समझौते हुए हैं. इसलिए मैं एमएसएमई को कहना चाहूंगा कि हमें इन मौकों को छोड़ना नहीं है. हमारी मशीनरी हो, टेक्सटाइल हो, दवाइयां हों, हमें मौका छोड़ना नहीं है. हमें गुणवत्ता के साथ चलना होगा. हमें वैश्विक मानकों पर चलना होगा.

जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए, उन्हें पूरा करने में लगे 5-7 साल: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमारे सीफूड की दुनिया में आगे बढ़ने की संभावना बनी हुई है. हमारी सी बेल्ट इस क्षेत्र में काफी काम आ सकती है. मैंने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य एक मजबूत नींव पर खड़ा है. हमने पिछले 10-12 साल में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है, यह आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है. इसका एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब हमें लक्ष्य प्राप्त करके रहना है. हमें अपनी संस्कृति, सोच और काम की गति को बदलना होगा. जो काम पिछले पांच दशक में नहीं हुए हैं, वह काम हमें करने में हमें 5-7 साल लगे हैं. मुझे भरोसा है कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं.

अपनी पारंपरिक व्यवस्था, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, सुधारों को आगे बढ़ाना भी जरूरी है. यह हमारे लिए कन्विक्शन है. आने वाले दिनों में भी हम नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म की तरफ बढ़ने वाले हैं. सभी को अपनी पारंपरिक व्यवस्था, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा. हमें अपने किसान, मजदूरों को नई दिशा में लेकर चलना होगा. विकसित भारत बनने के लिए हमें नई धारा चाहिए.

पीएम मोदी ने किया देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं. जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे. इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी. सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति. हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा. उत्पादन के साथ हमें छोटे-छोटे पुर्जे बनाने हैं और बड़े उत्पाद भी बनाने हैं. पूरी वैल्यू चेन पर हमारा अधिकार होना चाहिए. डिजाइन से उत्पादन तक भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनना होगा. उत्पादन के क्षेत्र में जो लोग हैं, यह उनके लिए अवसर है. इसलिए हमें गुणवत्ता और पैमाने में वैश्विक मानदंडों पर खरा उतरना होगा. हमारे उत्पाद यूजर फ्रेंडली हों, हमारे उत्पाद लोगों को लुभाने वाले हों. जीरो डिफेक्ट उत्पाद हमारी पहचान हों, यह तय करना होगा. वैश्विक बाजार में हमारी पहचान गुणवत्ता के आधार पर होगी. क्वालिटी से कोई समझौता नहीं. हमारा लक्ष्य गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता होना चाहिए.

उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मेरी सप्तधारा की तीसरी शक्ति है तकनीक और नवाचार. उभरती हुई तकनीक हर पल हमें चुनौती दे रही हैं. इसलिए देश को दुनिया के लिए बाजार बनाना है. हमें नवाचार का केंद्र बनना है. अब भारत को डिजिटल सार्वजनिक तकनीक को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाना है.

रक्षा क्षेत्र में बनना होगा आत्मनिर्भर: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, सप्तधारा की चौथी शक्ति है- गतिशक्ति. यह गतिशक्ति हमें देश में निर्बाध संपर्क चाहिए. हमें आधुनिक सड़क चाहिए, मल्टीमॉडल संपर्क चाहिए. बंदरगाहों को विकास और संवर्धन की दिशा में बढा़ना होगा.  पांचवी शक्ति है- रक्षा शक्ति. रक्षा में आत्मनिर्भर होना, दुनिया ने समझ लिया इसके बिना कोई चारा नहीं है. हमें रक्षा के क्षेत्र में भी बाजार बनना होगा. हमें रक्षा उत्पादों की श्रृंखला बनना होगा. ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम को देखना होगा. छठी शक्ति है- ऊर्जा शक्ति. हमें हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है. दुनिया जब ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा करती है तो हम इस ओर आगे बढ़ते हैं. हमारी समुद्री तटरखेा बहुत मजबूत है. इसमें हम आगे बढ़ सकते हैं. 

‘सातवीं शक्ति है- भारत की सॉफ्ट पावर. भारत की सॉफ्ट पावर की ताकत है. आज योग ने दुनिया को भारत से जोड़कर रखा है. जिस भारत के पास आयुर्वेद हो, आस्था के केंद्र हों. हमारी फिल्में हों, हैंडलूम हों, हमारी गेमिंग हों. क्रिएटिव वर्ल्ड के अंदर भारत का लोहा माना जा रहा है. भारत का ऑडियो-वीडियो औऱ एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में दुनिया हमारी राह देखती है. हमारे पास वन संपदा है, 100 से ज्यादा राष्ट्रीय पार्क हैं. लेकिन विदेशियों को आकर्षिक करने में हम पीछे रहे हैं. हमारा काम है कि हम इस क्षेत्र में आगे बढ़ें और पूरी दुनिया को आकर्षित करें.’

सप्तधारा की सात शक्तियों से आगे ले जाएंगे देश: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, सप्तधारा की यह सात शक्तियों से हमें राष्ट्र को आगे ले जाने को लेकर जो लक्ष्य लेकर चल हे हैं, उन्हें पार करना होगा.

दुनिया का नेतृत्व भारत के हाथों में हो, यह समय की मांग: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्युन 500 में आगे भारत की कंपनियां हों. आज बैंकिंग क्षेत्र फल-फूल रहा है. दुनिया के शीर्ष बैंकों में भारत के बैंकों का हिस्सा क्यों न हो. भारत की फार्मा ने विदेश में बहुत काम किया है. समय की मांग है कि दुनिया की बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी एक-दो कंपनियां होनी चाहिए. क्या समय की मांग नहीं है कि दुनिया का नेतृत्व हमारे हाथ में होना चाहिए. हमारी अकाउंटिंग फर्म्स दुनिया की शीर्ष फर्म्स में क्यों नहीं होनी चाहिए. हमारे ऐसे ब्रांड्स हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती हो. मैं राज्य सरकारों को कहना चाहता हूं, मैं स्वराज संस्थाओं को कहना चाहता हूं कि हमें अपनी रफ्तार बढ़ानी होगी.

सपने लेकर आएं युवा, हम संसाधन की कमी नहीं होने देंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि मेहनत में कोई कमी न करते हुए हम विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करके रहेंगे. हमें मिलकर आगे बढ़ना है. सुधारों को आगे बढ़ाते रहना है. हम यह दृढ़ विश्वास से कर रहे हैं. इसका सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है, इसका साधक कौन है- इसका साधक देश का युवा है. देश के विकास में युवा सबसे बड़ी ताकत है और विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभार्थी भी देश का युवा है. हमें युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाते हुए आगे बढ़ना है. स्टार्ट अप इंडिया के चलते देश में स्टार्ट अप बनते जा रहे हैं. मैं युवाओं को कहना चाहता हूं कि आप सपने लेकर आएं, हम संसाधन की कमी नहीं होने देंगे. सस्ते डेटा ने युवाओं को आगे बढ़ाया है. देश के नौजवानों को इसने नई ताकत दी है. स्किल इंडिया को हमने आगे बढ़ाया. खेलो इंडिया बढ़ाया.

आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को देंगे एआई कौशल: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, लाल किले से मैं देश के नौजवानों के लिए घोषणा करना चाहता हूं. आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ लोगों को हम एआई कौशल देने के लिए काम करेंगे, ताकि हमारा युवा एआई की दुनिया में नेतृत्व का सामर्थ्य रखे.

2025-26 में 25 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश में पहले केवल 60 हजार करोड़ का बायोइकोनॉमी का काम होता था. वह 2014 के बाद 20 लाख करोड़ पर पहुंच चुका है. 2009-10 का कालखंड था, जब सिर्फ 1.5 लाख इलेक्ट्रिक वाहन देश में बिके थे. 2025-26 में 25 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं. विमानन क्षेत्र भी नौजवानों के लिए तेजी से आगे बढ़ा है. मेंटेनेंस ओवरहॉलिंग के कारण देश में स्किल्ड मैनपावर को बढ़ावा मिल रहा है. मेड इन इंडिया एयरक्राफ्ट को भी बढ़ावा मिला है. देश में बना पहला सी295 उड़ान भर चुका है.

युवाओं के लिए खड़ा करेंगे निशुल्क कोचिंद देने का नेटवर्क: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश में कोचिंग कक्षाओं की स्पर्धा बढ़ती जा रही है. हर परिवार को लगता है कि उन्होंने बच्चे को कोचिंग नहीं भेजा तो उनका भला नहीं हो सकता. इसलिए हमने छात्रों के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का निर्णय लिया है. हम युवाओं को निशुल्क कोचिंग देने का नेटवर्क खड़ा करने वाले हैं.

दुनिया में हर पोडियम पर सुनाई देता है भारत का राष्ट्रगान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है. भारत का राष्ट्रगान आज दुनिया में हर पोडियम पर सुनाई देता है. टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना ने इसे काफी बढ़ावा दिया है. खेलो इंडिया गेम्स, खेलों के लिए कोचिंग, खेल चिकित्सा आदि में युवाओं के लिए काफी जगह बनी है. हम 2036 में ओलंपिक के मजबूत दावेदार बनकर उभर रहे हैं. 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों को भारत आयोजित करने वाला है.

उन्होंने कहा, ओलंपिक में इससे जुड़े 40 खेल होते हैं और 350 स्पर्धाएं होती हैं. भारत में इनमें से दो-तिहाई खेलों में हमारी मौजूदगी नहीं होती. हम उनमें योग्यता हासिल नहीं कर पाते. लेकिन मैं आपको चुनौती देता हूं. जिन स्पर्धाओं में भारत योग्यता हासिल नहीं करता, हम उनके लिए आगे बढ़ेंगे. 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में प्रतिभा ढूंढने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद इन प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम चलाए जाएंगे.

माओवाद-नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में बढ़ रहा देश: पीएम मोदी

80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, माओवाद-नक्सलवाद ने देश के कई परिवारों को बर्बाद किया. चार दशक तक इसने देश की बड़ी आबादी को बंदूक की नोक पर दबोच कर रखा था. देश के नागरिकों की रक्षा में देश साढ़े तीन हजार सुरक्षाबल और पुलिस के जवानों को जान की बाजी लगानी पड़ी. नक्सलवाद ने देश की धरती को लहूलुहान कर दिया. 2014 में जब आपने हमें मौका दिया तभी हमने संकल्प किया था कि हम नक्सलवाद को देश से खत्म करेंगे. हम उसे पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हैं. जहां पर कभी नक्सलियों की गोलियां चलती थीं, जहां कभी धरती रक्तरंजित होती थी, आज वहां विश्वास, प्रयास और विकास का तिरंगा लहरा रहा है.

हथियार वाले नक्सली तो मारे गए, लेकिन दिमाग वाले नक्सली अभी देश में हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश की सत्ता में वर्षों तक माओवादी सोच वाले लोग जगह बनाकर बैठे थे. इन लोगों ने सरकारों की नीतियों को भी प्रभावित किया था. हमें नक्सलवादियों से देश को आजाद कराने में मदद मिली है. हथियार वाले नक्सल तो गए लेकिन दिमाग वाले नक्सल देश में हैं. यह देश को हिंसा में घसीटने की कोशिश में जुटे हैं. हमें इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा. इन्हें अलग-थलग करना होगा. सुरक्षित भारत बनाना हमारा दायित्व है. सुरक्षा सीमा के अंदर हो या बाहर हम सबके लिए तैयार हैं. जरूरी नहीं कि युद्ध सीमाओं पर हो, आज तेल रिफाइनरियों पर हमले हो रहे हैं, बैंकिग क्षेत्र हमलों का शिकार हो रहे हैं. हमें इन क्षेत्रों की सुरक्षा भी करनी है.

नागरिक रक्षा का बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, हमें देश की सुरक्षा के लिए नागरिकों को भी आगे लाना है. मैं लाल किले से एलान कर रहा हूं कि हम जल्द ही नागरिक रक्षा (सिविल डिफेंस) का देश में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करेगा. इसमें युवाओं की बड़ी भागीदारी होगी.

महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनें राजनीतिक दल: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, हमने संसद में महिला शक्ति को बल देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया था. मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह कर रहा हूं कि महिलाओं के समार्थ्य के पुजारी बनिए. जल्द से जल्द हमारी माताओं-बहनों को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व मिले, वे भारत के विकास में योगदान दें. आइये महिला आरक्षण लागू कर के आप भी उन्हें आगे बढ़ाने का श्रेय लीजिए, लेकिन हमारी नारी शक्ति को बल दीजिए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबधन में कहा, आज मुझे एक काम के लिए आपकी मदद चाहिए. सभी नौजवानों से मैं चाहता हूं कि आप नेतृत्व करिए. आपका एक या दो घंटे देश को बहुत बड़ी शक्ति देने वाला है. इन दिनों में देश में जनगणना का काम हो रहा है. गिनती सिर्फ आंकड़ों से बात बनती नहीं है. उसकी बारीकियों से योजनाएं बनती हैं, देश के आगे बढ़ने की रूप रेखा तैयार होती है. कभी कभी सरकार के प्रतिनिधि जल्दी में होते हैं, वे कुछ गड़बड़ी कर देते हैं. इस बार निर्णय हुआ है कि आप अपनी जानकारी जनगणना में भरकर दे सकते हैं. लेकिन आप परिवार के सब बैठकर डिजिटली अपनी रजिस्ट्री करा दें. आप जितनी परफेक्ट जानकारी देंगे, देश को उससे आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. इससे देश की समय और शक्ति काम आएगी. 

समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने लाल किले से पंच प्राण की बात की थी. इसने हमारे संकल्पों को बड़ा बल दिया. जिस भारत का सपना, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था. आइये इन संकल्पों को हम दोहराएं. मैं सभी देशवासियों से कहूंगा कि समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है. 

“आइये सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल कर रहें. आइये हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाएं, लक्ष्य से जुड़े रहें, एक दीप से जलें दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं.”

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