Kedarnath Dham Yatra Updates 2026: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 22 अप्रैल, बुधवार को बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए हैं. चार धाम यात्रा के चौथे दिन सुबह 8 बजे केदारनाथ धाम का पूर्वी द्वार को खोला गया, जिसके बाद सबसे पहले मुख्य पुजारी, रावल व हक-हकूकधारियों ने मंदिर के अंदर प्रवेश करके पूजा अर्चना की. करीब 51 क्विंटल फूलों से सजे केदारनाथ धाम मंदिर पर सेना के हेलीकॉप्टर ने पुष्प वर्षा की. इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित थे और उन्होंने सहर्ष श्रद्धालुओं का स्वागत किया.
बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें लगी थी, जहां श्रद्धालु ‘हर हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के नारे लगा रहे थे. धान में श्रद्धालुओं की व्यवस्था और सुरक्षा के लिए आर्मी और सुरक्षा बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है. जानें रोजाना बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए कपाट खुलने का समय और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी-
डेली कितने बजे खुलेंगे कपाट?
केदारनाथ धाम के कपाट पूरे 10 दिन पहले खोल दिए गए है, जबकि पिछले साल 2 मई को मंदिर के दरवाजे खुले थे. चार धाम यात्रियों के लिए 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट भी खुल जाएंगे. इससे पहले 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोले गए थे.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केदारनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है. जहां इस साल श्रद्धालु सुबह 4 बजे से रात 9 बजे तक दर्शन हेतु खुले रहने का अनुमान है. जहां सुबह की आरती 12 से 4 बजे और रात की आरती 8 से 10 बजे की बीच होने की संभावना है.
देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी… pic.twitter.com/BYQItBsZi4
— Narendra Modi (@narendramodi) April 22, 2026
इन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध
केदारनाथ धाम के कपाट खुलते ही यात्रियों के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी गई हैं, जिसके तहत मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. मंदिर में घुंसने से पहले ये सामग्री क्लॉक रूम में जमा करानी होगी. बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा करने की परमिशन नहीं मिलेगी.
रजिस्टर्ड यात्रियों को मंदिर के दर्शन के लिए स्टॉल टॉकन लेना भी अनिवार्य कर दिया गया है. बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के यात्रियों को रोक दिया जाएगा. विशेष तौर पर 55 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और डायबिटीज बीपी आदि के मरीजों के लिए भी मेडिकल परमिशन लेना जरूरी है.
कैसे कराएं यात्रा का रजिस्ट्रेशन?
यदि आप भी बाबा केदारनाथ के दर्शन करना चाहते हैं तो उत्तराखंड सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. इसके अलावा, गूगल प्ले स्टोर पर Tourist Care Uttarakhand मोबाइल ऐप से भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
जो यात्री रजिस्ट्रेशन करना नहीं जानते, वो श्रद्धालु व्हाट्सऐप के +91-8394833833 नंबर पर ‘Yatra’ लिखके भेजें और दिए गए दिशा निर्देशों के आधार पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं।
केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी… pic.twitter.com/BYQItBsZi4
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‘नो फ्लाई जोन’ बनी केदारनाथ की वादियां
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हेली सेवाओं के सही संचालन को ध्यान में रखते हुए बाबा केदारनाथ धाम इलाके को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया गया है. अब बिना अनुमति के इस क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा. जिल प्रशासन के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करके ड्रोन उड़ाते हुए मिलता है तो सभी सामग्री जब्त करके जुर्माना और उचित कार्रवाई भी की जाएगी.