Khan Sir Hospital: पटना के मशहूर कोचिंग टीचर फैसल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उनके अस्पताल को लेकर फायर सेफ्टी विभाग ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है. जांच में फायर सेफ्टी से जुड़ी कई कमियां मिलने के बाद अस्पताल को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं. अब सवाल उठ रहा है कि क्या कमियां दूर नहीं होने पर खान हॉस्पिटल को सील किया जा सकता है? आइए जानते हैं पूरा मामला.
नोटिस के बाद भी दूर नहीं हुईं कमियां
फायर सेफ्टी विभाग ने कोचिंग से जुड़े विवाद के बाद खान हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था. जांच के दौरान अस्पताल में फायर सेफ्टी से जुड़ी कई कमियां सामने आईं. अधिकारियों के मुताबिक, अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण भी पूरी तरह पूरा नहीं हुआ था और जरूरी फायर NOC भी नहीं ली गई थी.
इन कमियों को दूर करने के लिए विभाग की ओर से पहले E-1 और G-1 नोटिस जारी किए गए थे. अस्पताल प्रशासन को जरूरी सुधार करने और फायर सेफ्टी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे. हालांकि, विभाग के मुताबिक, नोटिस के बाद भी सभी कमियां दूर नहीं की गईं.
क्या है H-1 नोटिस और क्यों बढ़ी चिंता?
अब फायर विभाग ने H-1 नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह कार्रवाई किसी बिल्डिंग को सील करने से पहले संबंधित प्रबंधन से जवाब मांगने की प्रक्रिया का हिस्सा होती है. यानी अगर अस्पताल प्रशासन को नोटिस मिलने के बाद भी जरूरी कमियां दूर नहीं करता है, तो आगे सख्त कार्रवाई हो सकती है. अधिकारियों के अनुसार, H-1 नोटिस जारी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को कमियां दूर करने के लिए समय दिया जाएगा. अगर तय अवधि में नियमों का पालन नहीं किया गया, तो विभाग अस्पताल को सील करने की कार्रवाई पर आगे बढ़ सकता है.
25 मई के फायर ऑडिट में क्या मिला?
फायर ऑफिसर इंद्रजीत कुमार ने 25 मई को खान हॉस्पिटल का फायर ऑडिट किया था. इस दौरान बिल्डिंग में निर्माण कार्य अधूरा पाया गया. साथ ही, फायर विभाग से जरूरी NOC नहीं लिए जाने की बात भी सामने आई. अधिकारियों के मुताबिक, 2021 के बाद बनी बिल्डिंग्स को काम शुरू करने से पहले फायर विभाग से NOC लेना जरूरी है. ऐसे में अब अस्पताल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियों को दूर करना और जरूरी मंजूरियां हासिल करना है. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अस्पताल पर सील होने का खतरा बढ़ सकता है.