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SBI Gold Loan Scam Case: नकली सोना, फर्जी हस्ताक्षर और बिना जेवर दिए गए लोन; कौन हैं प्रशांत जिन पर लगे गंभीर आरोप

SBI Gold Loan Scam Case:  बहुचर्चित गोल्ड लोन अनियमितता मामले में आरोपी प्रशांत कुमार मलिक को आर्थिक अपराध शाखा (Odisha Economic Offences Wing) ने अरेस्ट किया है.

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Last Updated: April 23, 2026 08:32:37 IST

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SBI Gold Loan Scam Case:  ओडिशा आर्थिक अपराध शाखा (Odisha Economic Offences Wing) ने बहुचर्चित गोल्ड लोन अनियमितता मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रशांत कुमार मलिक को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है.  मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी को प्रशांत कुमार मलिक को मंगवलार (21 अप्रैल, 2026) को ही हिरासत में लिया गया  था. बुधवार को OPID एक्ट के तहत नामित कटक कोर्ट में पेश किए जाने की प्रक्रिया की गई. 

प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India) के जगतसिंहपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के प्रबंधक द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर सामने आया था. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अक्टूबर, 2024 से जुलाई 2025 के बीच बालिचंद्रपुर शाखा में कार्यरत आरोपी ने गोल्ड लोन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की. इसके बाद करीब 5.21 करोड़ रुपये की हेराफेरी की. इसका खुलासा होने पर ब्रांच में हड़कंप मच गया.

नहीं निभाई जिम्मेदारी 

वहीं, जांच में सामने आया कि आरोपी प्रशांत कुमार मलिक इस घोटाले में पूरी तरह से संलिप्त है.  प्रशांत उस उस समय यानी घोटाले के दौरान सीनियर एसोसिएट-कम-कैश इंचार्ज के पद पर था. आरोप है कि प्रशांत कुमार मलिक ने गोल्ड लोन स्वीकृति के दौरान नियमों का पालन नहीं किया. उसके जिम्मे सोने के आभूषणों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और लोन प्रक्रिया की निगरानी थी.

नकली आभूषण भी रखे गए गिरवी!

आरोप है कि प्रशांत कुमार मलिक ने बिना वैध दस्तावेजों के लोन स्वीकृत किया. इतना ही नहीं असली सोने के आभूषणों के आधार पर 105 गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिए. इनमें से कुछ मामलों में नकली आभूषण गिरवी रखे गए, जबकि कई मामलों में बिना किसी आभूषण के ही लोन पास कर दिए गए. यह अनियमितता प्रशांत कुमार मलिक के कार्यकाल के दौरान जारी रही.

हस्ताक्षर में पाए गए हैं संदिग्ध 

वहीं, प्राथमिक जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई लोन फाइलों में जरूरी दस्तावेज, जैसे गोल्ड वैल्यूएशन रिपोर्ट, गायब हैं और कुछ जगहों पर हस्ताक्षर भी संदिग्ध पाए गए.  फिलहाल, इस पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

बारीकी से की जा रही जांच

उधर, जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी प्रशांत ने लोन राशि को अपने निजी खातों और अन्य खातों में ट्रांसफर कर दुरुपयोग किया. मामले की जांच के दौरान मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, डेबिट/क्रेडिट कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इनकी बारीकी से जांच जारी है. 

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SBI Gold Loan Scam Case:  ओडिशा आर्थिक अपराध शाखा (Odisha Economic Offences Wing) ने बहुचर्चित गोल्ड लोन अनियमितता मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रशांत कुमार मलिक को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है.  मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी को प्रशांत कुमार मलिक को मंगवलार (21 अप्रैल, 2026) को ही हिरासत में लिया गया  था. बुधवार को OPID एक्ट के तहत नामित कटक कोर्ट में पेश किए जाने की प्रक्रिया की गई. 

प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank Of India) के जगतसिंहपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के प्रबंधक द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर सामने आया था. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अक्टूबर, 2024 से जुलाई 2025 के बीच बालिचंद्रपुर शाखा में कार्यरत आरोपी ने गोल्ड लोन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं की. इसके बाद करीब 5.21 करोड़ रुपये की हेराफेरी की. इसका खुलासा होने पर ब्रांच में हड़कंप मच गया.

नहीं निभाई जिम्मेदारी 

वहीं, जांच में सामने आया कि आरोपी प्रशांत कुमार मलिक इस घोटाले में पूरी तरह से संलिप्त है.  प्रशांत उस उस समय यानी घोटाले के दौरान सीनियर एसोसिएट-कम-कैश इंचार्ज के पद पर था. आरोप है कि प्रशांत कुमार मलिक ने गोल्ड लोन स्वीकृति के दौरान नियमों का पालन नहीं किया. उसके जिम्मे सोने के आभूषणों की जांच, दस्तावेजों का सत्यापन और लोन प्रक्रिया की निगरानी थी.

नकली आभूषण भी रखे गए गिरवी!

आरोप है कि प्रशांत कुमार मलिक ने बिना वैध दस्तावेजों के लोन स्वीकृत किया. इतना ही नहीं असली सोने के आभूषणों के आधार पर 105 गोल्ड लोन स्वीकृत कर दिए. इनमें से कुछ मामलों में नकली आभूषण गिरवी रखे गए, जबकि कई मामलों में बिना किसी आभूषण के ही लोन पास कर दिए गए. यह अनियमितता प्रशांत कुमार मलिक के कार्यकाल के दौरान जारी रही.

हस्ताक्षर में पाए गए हैं संदिग्ध 

वहीं, प्राथमिक जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई लोन फाइलों में जरूरी दस्तावेज, जैसे गोल्ड वैल्यूएशन रिपोर्ट, गायब हैं और कुछ जगहों पर हस्ताक्षर भी संदिग्ध पाए गए.  फिलहाल, इस पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.

बारीकी से की जा रही जांच

उधर, जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी प्रशांत ने लोन राशि को अपने निजी खातों और अन्य खातों में ट्रांसफर कर दुरुपयोग किया. मामले की जांच के दौरान मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, डेबिट/क्रेडिट कार्ड समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं. इनकी बारीकी से जांच जारी है. 

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