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Home > देश > पीएम मोदी ने की दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ बैठक, 2030 तक के लिए रखा ये लक्ष्य, बोले- ‘हम चिप से लेकर चिप्स…’

पीएम मोदी ने की दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ बैठक, 2030 तक के लिए रखा ये लक्ष्य, बोले- ‘हम चिप से लेकर चिप्स…’

पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ बैठक के बाद कहा कि आठ साल बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है. लोकतांत्रिक मूल्य, मार्केट इकोनॉमी और कानून को लेकर सम्मान हम दोनों देशों के डीएनए में है.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 20, 2026 23:08:55 IST

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ बैठक की. बैठक में दोनों देशों के बीच एमओयू एक्सचेंज हुए. इसके साथ ही दोनों देशों ने व्यापार, संस्कृति और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आठ साल बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है. लोकतांत्रिक मूल्य, मार्केट इकोनॉमी और कानून को लेकर सम्मान हम दोनों देशों के डीएनए में है. हिंद प्रशांत क्षेत्र में भी हमारा कॉमन आउटपुट है. इन सबके आधार पर पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक गतिशील और व्यापक हुए हैं.

दोनों देशों के विकास और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे- पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली जे म्युंग की यात्रा से हम इस भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य की साझेदारी में बदलने जा रहे हैं. हम चिप से लेकर चिप्स, टैलेंट से लेकर तकनीक, पर्यावरण से लेकर ऊर्जा हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे और साथ मिलकर दोनों देशों के विकास और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. दोनों देशों के बीच फाइनेंशियल फ्लो को सुगम बनाने के लिए हमने भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की है.

इंडस्ट्रियल कॉपरेशन कमेटी का किया गया गठन

उन्होंने कहा कि सहयोग को बल देने के लिए हमने एक इंडस्ट्रियल कॉपरेशन कमेटी का गठन किया है. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने के लिए इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग शुरू कर रहे हैं. हम कोरिया की कंपनी खासकर एसएमई की भारत में एंट्री सहज करने के लिए कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी स्थापित करेंगे.

पीएम ने आगे कहा कि अगले एक साल के अंदर हम भारत-कोरिया ट्रेड समझौते को अपग्रेड भी करेंगे. एआई, सेमिकंडक्टर और आईटी में साझेदारी और गहरा करने के लिए हम इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहे हैं. शिप बिल्डिंग, सस्टेनिबिलिटी, स्टील जैसे क्षेत्रों में एमओयू कर रहे हैं. कल्चर और क्रिएटिविटी के क्षेत्र में आपसी सहयोग से फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग में भी नए आयाम स्थापित करेंगे. आज का बिजनेस फोरम इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने का मंच बनेगा.

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Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 20, 2026 23:08:55 IST

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ बैठक की. बैठक में दोनों देशों के बीच एमओयू एक्सचेंज हुए. इसके साथ ही दोनों देशों ने व्यापार, संस्कृति और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आठ साल बाद कोरिया के राष्ट्रपति की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है. लोकतांत्रिक मूल्य, मार्केट इकोनॉमी और कानून को लेकर सम्मान हम दोनों देशों के डीएनए में है. हिंद प्रशांत क्षेत्र में भी हमारा कॉमन आउटपुट है. इन सबके आधार पर पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक गतिशील और व्यापक हुए हैं.

दोनों देशों के विकास और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे- पीएम मोदी

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली जे म्युंग की यात्रा से हम इस भरोसेमंद साझेदारी को भविष्य की साझेदारी में बदलने जा रहे हैं. हम चिप से लेकर चिप्स, टैलेंट से लेकर तकनीक, पर्यावरण से लेकर ऊर्जा हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे और साथ मिलकर दोनों देशों के विकास और समृद्धि सुनिश्चित करेंगे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. 2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. दोनों देशों के बीच फाइनेंशियल फ्लो को सुगम बनाने के लिए हमने भारत-कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की है.

इंडस्ट्रियल कॉपरेशन कमेटी का किया गया गठन

उन्होंने कहा कि सहयोग को बल देने के लिए हमने एक इंडस्ट्रियल कॉपरेशन कमेटी का गठन किया है. क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने के लिए इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग शुरू कर रहे हैं. हम कोरिया की कंपनी खासकर एसएमई की भारत में एंट्री सहज करने के लिए कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप भी स्थापित करेंगे.

पीएम ने आगे कहा कि अगले एक साल के अंदर हम भारत-कोरिया ट्रेड समझौते को अपग्रेड भी करेंगे. एआई, सेमिकंडक्टर और आईटी में साझेदारी और गहरा करने के लिए हम इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहे हैं. शिप बिल्डिंग, सस्टेनिबिलिटी, स्टील जैसे क्षेत्रों में एमओयू कर रहे हैं. कल्चर और क्रिएटिविटी के क्षेत्र में आपसी सहयोग से फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग में भी नए आयाम स्थापित करेंगे. आज का बिजनेस फोरम इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने का मंच बनेगा.

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