PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे. यह संबोधन उस दिन के ठीक एक दिन बाद होगा, जब विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने वाला एक बिल लोकसभा में गिर गया था. इस पूरे मामले पर एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज यानी शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे.
उम्मीद है कि मोदी महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के मुद्दे और संसद में हुई घटनाओं पर बात करेंगे. संसद में ही शुक्रवार को विपक्षी पार्टियों ने ‘संविधान (131वां संशोधन) बिल’ के खिलाफ वोट दिया था.
अब तक पीएम मोदी ने कब-कब देश को किया संबोधित?
- 8 नवंबर 2016 (रात 8:00 बजे): नोटबंदी की घोषणा.
- 8 अगस्त 2019 (रात 8:00 बजे): जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद देश को संबोधित किया.
- 19 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): कोरोना वायरस पर बात की और 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की.
- 24 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा.
- 14 अप्रैल 2020 (सुबह 10 बजे – विशेष उल्लेख): लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा.
- 12 मई 2020 (रात 8:00 बजे): आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा.
- 21 सितंबर 2025: PM मोदी ने ‘GST बचत उत्सव’ की घोषणा की, जो 22 सितंबर से लागू हुआ.
आज किन मुद्दों पर पीएम मोदी करेंगे बात?
उम्मीद जताई जा रही है कि आज पीएम मोदी देश को महिला आरक्षण के मुद्दे पर लोगों को संबोधित करेंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बिल के तहत 2011 की जनगणना पर आधारित परिसीमन प्रक्रिया के बाद 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण कानून को लागू करने के मकसद से लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 तक की जानी थी, सरकार ने कहा था कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या बढ़ाना ज़रूरी है.
इस अहम बिल को पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत थी, लेकिन सत्ताधारी BJP के नेतृत्व वाला गठबंधन ज़रूरी संख्या जुटा नहीं पाया. शुक्रवार रात लोकसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान 298 सदस्यों ने इसके समर्थन में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट किया. ट डालने वाले कुल 528 सदस्यों में से बिल को दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए 352 वोटों की ज़रूरत थी.