राजस्थान के 309 निकायों (10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 200 से अधिक नगर पालिकाओं के 10,245 वार्ड) में हुई वोटों की गिनती के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनसे प्रदेश की शहरी राजनीति का मिजाज साफ दिखने लगा है. सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच जब मतगणना शुरू हुई, तब से ही मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है.
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शुरुआत से ही अपनी बढ़त बनाए रखी है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी उसे कड़ी टक्कर दे रही है. शुरुआती रुझानों और सुबह 11:45 बजे तक सामने आए घोषित नतीजों के मुताबिक, 10,245 वार्डों में से बीजेपी 1,937 सीटों पर परचम लहरा चुकी थी, जबकि कांग्रेस 1,646 सीटों के साथ मजबूती से पीछे चल रही थी। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत दिखाई और 1,040 सीटों पर कब्जा जमाया।
वहीं शाम 5 बजे तक के घोषित नतीजों के मुताबिक, 10,245 वार्डों में से बीजेपी 4,023 सीटों पर परचम लहरा चुकी है, जबकि कांग्रेस 3,438 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है. निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी ताकत दिखाई और 2,435 सीटों पर कब्जा जमाया.
छोटे दलों की बात करें तो:
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP): 42 वार्ड
- भारत आदिवासी पार्टी (BAP): 8 वार्ड
- बहुजन समाज पार्टी (BSP): 6 वार्ड
- माकपा (CPI-M): 6 वार्ड
- आम आदमी पार्टी (AAP): 5 वार्ड
इन नतीजों में वे 77 उम्मीदवार भी शामिल हैं, जो बिना किसी विरोध के निर्विरोध चुन लिए गए.
बड़े शहरों से लेकर स्थानीय निकायों तक का हाल
1. बड़े नगर निगमों में बढ़त:
दोपहर 1:45 बजे तक लगभग 80 प्रतिशत रुझान और नतीजे साफ हो चुके थे. बीजेपी ने जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा जैसे बड़े नगर निगमों में अपना दबदबा बनाते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया. वहीं, बीकानेर में कांग्रेस अपनी साख बचाने में कामयाब रही और आगे निकली. अजमेर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन बहुमत के आंकड़े से थोड़ी पीछे रह गई, जबकि जोधपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला बराबरी (टाई) पर आ अटका.
2. वसुंधरा राजे के गढ़ में कांग्रेस का सरप्राइज:
इस चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पारंपरिक राजनीतिक गढ़ ‘झालावाड़’ में देखने को मिला. यहां कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर परिषद पर अपना कब्जा जमा लिया. इतना ही नहीं, कांग्रेस खानपुर और भवानीमंडी में भी अपने बोर्ड बनाने की स्थिति में दिख रही है.
3. बारां में AAP का खाता और अलवर का पेंच:
बारां में आम आदमी पार्टी ने चौंकाते हुए बढ़त बनाई और बहुमत की ओर कदम बढ़ाए. वहीं, अलवर नगर निगम (65 वार्ड) के नतीजों (दोपहर 3:45 बजे तक) ने मुकाबला फंसा दिया है, यहां बीजेपी को 28 और कांग्रेस को 23 सीटें मिली हैं. चूंकि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में 14 वार्ड जीतने वाले निर्दलीय और अन्य प्रत्याशी ही अब यह तय करेंगे कि मेयर की कुर्सी पर कौन बैठेगा.
कुल मिलाकर, 14 से अधिक नगर परिषदों में बीजेपी ने सीधा बहुमत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है. जहां एक तरफ बीजेपी पूरे प्रदेश में अपनी बड़ी जीत का जश्न मना रही है, वहीं कांग्रेस ने भी झालावाड़ जैसे गढ़ में सेंध लगाकर मुकाबला एकतरफा नहीं होने दिया.