Top Government Subsidy: आज के महंगाई वाले दौर में महंगे खाद-बीज, नई सिंचाई तकनीक और आधुनिक मशीनों की बढ़ती कीमतें किसानों पर बोझ बनती जा रही है. हालांकि केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से कई सब्सिडी योजनाएं चलाई जा रही है, जिसका लाभ लेकर किसान खेती में होने वाले खर्चों से कुछ हद तक राहत पा सकते हैं. राज्य सरकारें तो समय-समय पर ऐसी योजनाएं लाती रहती हैं, लेकिन ‘खेती के खर्च में राहत’ देने और किसान की आय डबल करने में केंद्र सरकार की ये 5 योजनाएं किसानों के लिए वरदान जैसी है.
कई किसानों को इन योजनाओं की जानकारी नहीं है, इसलिए आज हम बताएंगे कि कैसे आप इनके जरिए सरकार से बीमा, क्रेडिट कार्ड, नई मशीनरी, सिंचाई और सालाना ₹6,000 तक की आर्थिक मदद ले सकते हैं. सबसे अच्छी बात तो ये है कि इनमें आवेदन करने के बाद सब्सिडी का पैसा सीधा आपके खाते में आता है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना भी नहीं रहती. यहां जानें इन योजनाओं के बारे में-
कृषि मशीनीकरण योजना
सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मकेनाइजेशन ने खेत की जुताई से लेकर फसल की कटाई को आधुनिक रूप देने का काम किया है. कभी बैल और हलों से खेत की जुताई-निराई करने वाले किसान आज सस्ती दरों पर आधुनिक मशीनें खरीद सकते हैं. इसके लिए सरकार 50 से 80 फीसदी तक सब्सिडी देती है. इस तरह मशीनरी खरीदकर खेती करने से किसान भाई कम समय और कम मेहनत में ही फसलों से अच्छा उत्पादन ले सकते हैं.
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
पीएम कृषि सिंचाई योजना उन इलाकों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां समय पर सिंचाई न हो पाने के कारण फसलें सूख जाती थीं. जैसा कि खाद-उर्वरक की तरह पानी भी खेती में जान फूंकने का काम करता है, इसलिए सरकार ने हर खेत तक नई सिंचाई तकनीकों को पहुंचाने की पहल की है. इस योजना में ड्रिप और स्प्रिंकलर्स जैसी आधुनिक तकनीकें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे पैसा और पानी के कम खर्च में ही फसलें लहलहा उठती हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड
कभी सिर्फ बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स की जेब तक सीमित रहने वाले क्रेडिट कार्ड को अब किसानों के लिए भी उपलब्ध कराया जा रहा है. ये एक तरीके का लोन ही होता है, जिसकी ब्याज दर औसतन कम ही होती है और यदि किसान समय से पहले कर्ज चुका दे और छूट भी मिल जाती है. इस कार्ड से पशुपालन से लेकर सिंचाई, मशीन, नई तकनीक, बीज, खाद और कीटनाशकों की खरीद में इस्तेमाल कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
खेती एक ट्रेडीशनल बिजनेस है. सीधा प्रकृति की गोद में अन्न, फल, सब्जी उगाए जाते हैं, जिसके कारण कभी-कभी फसलें प्राकृतिक आपदाओं से नष्ट हो जाती है और किसानों की महीनों की मेहनत खराब हो जाती है. ऐसी स्थिति में पीएम फसल बीमा योजना, किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि या कीटों से फसल को सुरक्षा प्रदान करता है. बेहद कम प्रीमियम वाली इस सरकारी बीमा योजना से कई बार किसानों को नुकसान का फुल कवरेज भी मिला है.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना
पीएम किसान योजना में सरकार की ओर से हर साल किसानों को 6,000 रुपये दिए जाते हैं. ये पैसा दो-दो हजार की तीन किस्तों में डीबीटी के माध्यम से सीधा बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है, ताकि खेती के लिए बीज, खाद की खरीद या छोटे-मोटे खर्चों को पूरा किया जा सके. इस स्कीम के आने से पहले किसान आर्थिक सहायता के लिए साहूकारों पर निर्भर थे, लेकिन अब लाखों किसान इस स्कीन का सीधा लाभ ले रहे हैं.