जम्मू कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों के साथ बड़ा खेला हो रहा है. वहां चढ़ने वाली चांदी में भारी गड़बड़ी देखने को मिली है. करीब 550 करोड़ रुपए की चांदी सिर्फ 30 करोड़ रुपये की निकली. माता वैष्णो देवी मंदिर के चांदी में कुछ ऐसे तत्व मिले हैं, जो कैंसर का खतरा पैदा करते हैं. इस घटना से बवाल मच गया है.
कैसे पता चला ये स्कैम?
माता वैष्णो देवी मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाई गई चांदी को गलाने के लिए सरकारी टकसाल भेजा गया था. टकसाल की तरफ से मंदिर के श्राइन बोर्ड को बताया गया कि भेजी गई 20 टन चांदी में सिर्फ तीन-चार फीसदी ही असली चांदी है. बाकी सब मिलावट है. चांदी के अलावा उसमें कैडमियम, लोहा और जिंक जैसे धातुओं को मिलाया गया था. जिस चांदी की कीमत के 550 करोड़ रुपये मिलते. अब उसी के 30 करोड़ रुपये ही मिलेंगे. इससे श्राइन बोर्ड को तगड़ा घाटा हुआ है.
कैंसर बीमारी के मिले तत्व
इस गड़बड़ी के सामने आते ही इस जांच के लिए भेजा गया. फिर पता चला कि चांदी के सिक्कों को बनाने के लिए जिस धातु का प्रयोग किया गया है. उसमें एक एलिमेंट ऐसा था, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को पैदा कर सकती है. जैसे ही ये जानकारी पता चली कि मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया. आपको बता दें कि वो धातु कैडमियम है, जो एक कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ है, जिस पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) ने पूरी तरह से रोक लगा रखी है. इस धातु को जलाने से जो धुआं निकलता है, वह फेफड़ों और किडनी को नुकसान पहुंचाता है.
कहां से आती थी ये चांदी?
कहा जा रहा है कि ये चांदी श्रद्धालु कटरा स्थित दुकानों से खरीदते थे और माता वैष्णों देवी में समर्पित करते थे. हालांकि, अभी इसकी जांच जारी है. इस घटना ने कई भक्तों को ठगने का काम किया है.