Home Minister Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हुए मतदान को लेकर बंगाल के लोगों की सराहना की है. उन्होंने कहा कि मतदान के पहले चरण में सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए बंगाल के लोगों ने बदलाव के लिए अभूतपूर्व उत्साह और जोश के साथ मतदान किया है. ये उन लोगों के लिए उत्साहजनक है, जो लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने अभूतपूर्व उत्साह और जोश के साथ परिवर्तन के लिए मतदान किया है. मैं चुनाव आयोग, CAPF, चुनाव आयोग के सहयोग में लगा पूरा तंत्र और बंगाल पुलिस को बहुत-बहुत अभिनंदन देना चाहता हूं क्योंकि बहुत लंबे अरसे बाद बंगाल के चुनाव में एक भी मृत्यु नहीं हुई, ऐसा चुनाव हुआ है.
बंगाल की जनता ने तय कर दिया भविष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “बंगाल की जनता ने पहले चरण में ही अपना भविष्य तय कर दिया है. कविगुरु टैगोर, महान सुभाष चंद्र बोस और खुदीराम बोस की भूमि ने विकास को चुना है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो विकास यात्रा चल रही है उसमें बंगाल भी जुड़ने वाला है, ये मतदाताओं ने स्पष्ट कर दिया है. दीदी जाने वाली है, भाजपा आने वाली है. भय जाने वाला है, भरोसा आने वाला है… 152 में से 110 से ज्यादा सीटें भाजपा जीतने जा रही है, इसका अर्थ है कि दूसरे चरण के चुनाव के बाद हम प्रचंड बहुमत से शुद्ध रूप से भाजपा सरकार बनाने वाले हैं.”
इस बार चुनाव में नहीं हुई कोई मृत्यु
अमित शाह ने कहा, “मैं कुछ आंकड़े भी देना चाहता हूं. 2016 के चुनाव में 1278 लोग घायल हुए थे, 2021 में 1681, 2023 के पंचायत चुनाव में 664 और 2024 के आम चुनाव में 761. उसकी तुलना में 30 से कम लोग कल घायल हुए हैं. यह बताता है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए और मृत्यु का आंकड़ा एक भी नहीं है. यह जो मतदान बढ़ा है, वह भाजपा सरकार बनाने, परिवर्तन का संकेत है.”
अफवाह फैला रही ममता सरकार
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “बंगाल की मुख्यमंत्री यह अफवाह फैला रही हैं कि अगर बंगाल में भाजपा आई तो बाहरी लोग शासन करेंगे, मैं दीदी को बताना चाहता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा, बंगाली मीडियम में पढ़ा-लिखा और बंगाली भाषी होगा. वह आपका भतीजा नहीं भाजपा का कार्यकर्ता होगा.”
भयमुक्त हुआ मतदान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल चुनाव को लेकर कहा, “यहां एंटी इनकंबेंसी चरम पर है, गत चुनाव में भी चरम पर थी. लेकिन तब मतदान जितना भयमुक्त होना चाहिए था उतना नहीं हुआ, ढेर सारे बूथ लूटे गए थे, ढेर सारी जगहों पर कार्यकर्ताओं को घरों से निकलने नहीं दिया गया था. इस चुनाव में शुरू से मतदाता सूची का शुद्धिकरण हुआ है, फर्जी मतदाताओं के नाम कटे हैं, प्रशासन, पुलिस, CAPF ने सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी है और चुनाव आयोग ने भी भयमुक्त वातावरण बनाया है.