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Home > विदेश > गायब अंगूठा और बीमारी के निशान, मिस्र की खामोश ममी ने सुनाई 2300 साल पुरानी कहानी!

गायब अंगूठा और बीमारी के निशान, मिस्र की खामोश ममी ने सुनाई 2300 साल पुरानी कहानी!

2300 साल पुरानी मिस्र की ममी मिली है. उस पर आधुनिक तकनीक के सहारे नए रहस्यों से पर्दा उठाया गया है. वैज्ञानिकों ने हाल ही में ममी का सीटी स्कैन किया, जिससे खोपड़ी की बनावट असामान्य थी. उनके पैर का अंगूठा गायब था और वो काफी बीमार थी.

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Last Updated: April 24, 2026 15:55:47 IST

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2300 year old Egyptian Mummy: रेगिस्तान की तपती रेत के नीचे एक खामोश शरीर दफन था, जिसके अंदर 2300 सालों तक अनगिनत राज छिपे रहे. अब आधुनिक तकनीक के सहारे नए रहस्यों से पर्दा उठा है. वैज्ञानिकों ने हाल ही में ममी का सीटी स्कैन किया, जिससे खोपड़ी की बनावट असामान्य थी. ममी का एक अंगूठा गायब था और कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बारे में भी पता चला है. इससे उस समय के जीवन और चिकित्सा पद्धतियों के बारे में पता चलता है. हैरानी की बात ये है कि इसके लिए मम्मी को खोला गया था. इस जांच ने शोधकर्ताओं को यह समझने का मौका दिया कि प्राचीन मिस्र में लोग किस तरह की बीमारियों से ग्रसित थे और उस समय पर ममीकरण की प्रक्रिया कितनी मुश्किल थी?

1916 में मिली थी ममी

बता दें कि हाल ही में सेमेलवेइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उन्नत 3D इमेजिंग और सीटी स्कैनिंग के जरिए 2,300 साल पुरानी ममी के अंगों पर रिसर्च किया है. कहा जा रहा है कि ये ममी 1916 में मिली थी. हालांकि अब तक इसका अध्ययन नहीं किया गया था. ये ममी 100 साल से ज्‍यादा समय तक काहिरा के इजिप्‍ट म्‍यूजियम में रखी थी. इस ममी पर अध्ययन करने पर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

ममी की खोपड़ी और पैर की जांच

सीटी स्कैन की तकनीक के जरिए 2,300 साल पुरानी ममी के अंदरूनी भागों का खुलासा किया गया है. इसके जरिए बिना पट्टियां खोले हड्डियों की टूट-फूट, प्राचीन बीमारियों और ममीकरण की सूक्ष्म परतों के बारे में पता चला है. वैज्ञानिकों ने ममी की खोपड़ी और एक पैर की जांच की है. ममी के अवशेष 401 से 259 ईसा पूर्व के बीच के बताए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ममी को खोले और नुकसान पहुंचाए बिना हड्डियों के गायब हिस्सों और रोग के निशानों के बारे में पता किया गया है. 

2300 साल पुरानी ममी के अंगों का अध्ययन

सीटी स्कैन में 2300 सालों से बंद पड़ीं ममी के अंगों पर ध्यान केंद्रित कर अध्ययन किया गया है. इनमें दो खोपड़ियाँ, दो निचले अंग, एक हाथ और लिनन की पट्टियों में लिपटा पैर शामिल है. पैर के अंगूठे का एक हिस्सा गायब था. लग रहा था कि ये हिस्सा शव को संरक्षित करते समय या उसके बाद में टूटा है. वहीं  अब ये भी साफ हुआ है कि कुछ हड्डियों में रोग के लक्षण दिखे. एक अंग ऑस्टियोपोरोसिस से प्रभावित नज़र आया. इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर की संभावना को बढ़ जाती है. पुराने समय में इसके कारण चलने-फिरने में दिक्कत महसूस की गई होगी.

ममी की हड्डियां नहीं थीं विकसित

दूसरा अंग कम उम्र के लोगों का लग रहा है. उस ममी की हड्डियां कम विकसित हैं. शोधकर्ता अब भी इस बारे में अध्ययन करने की कोशिश कर रहे हैं कि ये किसी बच्चे का हाथ है या युवा का. हड्डियों की संरचना और विकास संबंधी संकेत का विश्लेषण किया जा रहा है.

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2300 year old Egyptian Mummy: रेगिस्तान की तपती रेत के नीचे एक खामोश शरीर दफन था, जिसके अंदर 2300 सालों तक अनगिनत राज छिपे रहे. अब आधुनिक तकनीक के सहारे नए रहस्यों से पर्दा उठा है. वैज्ञानिकों ने हाल ही में ममी का सीटी स्कैन किया, जिससे खोपड़ी की बनावट असामान्य थी. ममी का एक अंगूठा गायब था और कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बारे में भी पता चला है. इससे उस समय के जीवन और चिकित्सा पद्धतियों के बारे में पता चलता है. हैरानी की बात ये है कि इसके लिए मम्मी को खोला गया था. इस जांच ने शोधकर्ताओं को यह समझने का मौका दिया कि प्राचीन मिस्र में लोग किस तरह की बीमारियों से ग्रसित थे और उस समय पर ममीकरण की प्रक्रिया कितनी मुश्किल थी?

1916 में मिली थी ममी

बता दें कि हाल ही में सेमेलवेइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने उन्नत 3D इमेजिंग और सीटी स्कैनिंग के जरिए 2,300 साल पुरानी ममी के अंगों पर रिसर्च किया है. कहा जा रहा है कि ये ममी 1916 में मिली थी. हालांकि अब तक इसका अध्ययन नहीं किया गया था. ये ममी 100 साल से ज्‍यादा समय तक काहिरा के इजिप्‍ट म्‍यूजियम में रखी थी. इस ममी पर अध्ययन करने पर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

ममी की खोपड़ी और पैर की जांच

सीटी स्कैन की तकनीक के जरिए 2,300 साल पुरानी ममी के अंदरूनी भागों का खुलासा किया गया है. इसके जरिए बिना पट्टियां खोले हड्डियों की टूट-फूट, प्राचीन बीमारियों और ममीकरण की सूक्ष्म परतों के बारे में पता चला है. वैज्ञानिकों ने ममी की खोपड़ी और एक पैर की जांच की है. ममी के अवशेष 401 से 259 ईसा पूर्व के बीच के बताए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ममी को खोले और नुकसान पहुंचाए बिना हड्डियों के गायब हिस्सों और रोग के निशानों के बारे में पता किया गया है. 

2300 साल पुरानी ममी के अंगों का अध्ययन

सीटी स्कैन में 2300 सालों से बंद पड़ीं ममी के अंगों पर ध्यान केंद्रित कर अध्ययन किया गया है. इनमें दो खोपड़ियाँ, दो निचले अंग, एक हाथ और लिनन की पट्टियों में लिपटा पैर शामिल है. पैर के अंगूठे का एक हिस्सा गायब था. लग रहा था कि ये हिस्सा शव को संरक्षित करते समय या उसके बाद में टूटा है. वहीं  अब ये भी साफ हुआ है कि कुछ हड्डियों में रोग के लक्षण दिखे. एक अंग ऑस्टियोपोरोसिस से प्रभावित नज़र आया. इसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर की संभावना को बढ़ जाती है. पुराने समय में इसके कारण चलने-फिरने में दिक्कत महसूस की गई होगी.

ममी की हड्डियां नहीं थीं विकसित

दूसरा अंग कम उम्र के लोगों का लग रहा है. उस ममी की हड्डियां कम विकसित हैं. शोधकर्ता अब भी इस बारे में अध्ययन करने की कोशिश कर रहे हैं कि ये किसी बच्चे का हाथ है या युवा का. हड्डियों की संरचना और विकास संबंधी संकेत का विश्लेषण किया जा रहा है.

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