Trump Iran War Middle East: लंबे समय से ईरान इजराइल में जंग चल रही हैं. ये जंग अब रुकने का नाम नहीं ले रही है. वहीं इस युद्ध के बीच अमेरिका की दखल अंदाजी ईरान के लिए घातक साबित हो गई है. वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी सेना पश्चिम एशिया में एक लंबे संघर्ष की तैयारी कर रही है. साथ ही बता दें कि असल में, अमेरिकी नौसेना इस क्षेत्र में ईंधन, भोजन, हथियार और बाकी ज़रूरी सामान पहुँचाने के लिए जहाज़ तैनात कर रही है. वहीं अब अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें शेयर करके इस बात की जानकारी दी है. इन तस्वीरों के साथ लिखे कैप्शन से पता चलता है कि ईंधन, भोजन, हथियार और ज़रूरी सामान गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Delbert D. Black पर लादा जा रहा है. कहीं न कहीं अब इसे ईरान के लिए खतरा माना जा रहा है.
6,000 टन से ज़्यादा गोला-बारूद
जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के अंदर अंदर, अमेरिका ने इज़रायल को 6,000 टन से ज़्यादा गोला-बारूद और हथियार भेजे हैं. इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इजराइल और अमेरिका मिलकर ईरान के खिलाफ फिर कोई नै साजिश रच रहे हैं. बताया जा रहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ़ एक नया सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी में लगा हुआ है. इज़रायली मीडिया के मुताबिक, दो मालवाहक जहाज़ और कई विमान इज़रायल गए हैं, जो 6,500 टन गोला-बारूद, सैन्य ट्रक, जॉइंट लाइट टैक्टिकल व्हीकल और बाकी हथियार लेकर आए हैं. ईरान से जुड़े संघर्ष की शुरुआत के बाद से, अमेरिका ने इज़रायल को कुल 115,600 टन गोला-बारूद और हथियार दिए हैं.
ईरान के लिए बजी खतरे की घंटी
साथ ही बता दें कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाक़ात की और उन्हें ईरान पर हमला करने के संभावित सैन्य विकल्पों के बारे में जानकारी दी. फॉक्स न्यूज़ के अनुसार, एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रंप के साथ हुई एक बैठक के दौरान ये विकल्प पेश किए. इस जानकारी में बताया गया कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप जवाबी हमला करने की मंज़ूरी देते हैं, तो एक सीमित लेकिन बहुत ज़ोरदार सैन्य अभियान चलाया जा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे हमले में ईरान की बची हुई सैन्य क्षमताओं, उसके नेतृत्व और ज़रूरी बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया जाएगा.