Summer Heat Protection Hacks: भारत के लोगों की लाइफस्टाइल में जुगाड़ का बड़ा रोल है. दिन की छोटी मोटी दिक्कतों से निपटने के लिए पहले जुगाड़ ही किया जाता है. लेकिन कई बार जुगाड़ कारगर साबित हो जाते हैं और इससे हजारों रुपये की बचत भी हो जाती है. ऐसा ही एक जुगाड़ गर्मियां आते ही देखने को मिल जाता है. जैसे ही धूप और गर्मी का पारा चढ़ने लगता है, लोग अपने घरों की दीवार, छत और बालकनी पर हरे रंग का जालीदार पर्दा लगा देते हैं. ये जुगाड़ भी हीट, लू और धूल को घर के अंदर आने से रोकता है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ये जालीदार पर्दा हरे रंग का ही क्यों होता है? इसके क्या फायदे हैं? यहां जानिए
क्या है हरी नेट का साइंस?
न्यूज 24 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस जालीदार चादर के जरिए धूप की तेज किरणें सीधे घर के अंदर नहीं जा पाती. रौशनी भी जाली के माध्यम से अंदर पहुंचती हैं, जिससे तपिश तो कम होती ही है, घर में हीट को फैलने से भी रोका जा सकता है.
- इस जालीदार चादर का हरा रंग भी सूरज की हार्मफुल UV किरणों को अबजॉर्व और रिफ्लेक्ट करता है.
- मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी हरा रंग आंखों को सुकून देता है और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कराता है.
- इसी के विपरीत, काले और गहरे रंगों की चादरे गर्मी को खींचकर घर के अंदर फैला सकती हैं.
तापमान नियंत्रित करने में कारगर
गर्मी के दिनों चढ़ते पारे को रोकने के लिए लोग बालकनी, छत और कई बार दीवारों पर हरी नेट लटकाते हैं, जिससे एक सेफ्टी लेयर बन जाती है और हीट को अंदर जाने नहीं देती. इससे छत के जरिए आने वाली गर्मी भी रुक जाती है और अंदर का तापमान भी अनुमानित तौर पर 5 से 7 डिग्री तक कम रहता है. इससे घर के अंदर चलने वाले एसी-कूलर से बढ़ने वाले बिल को कम कंट्रोल कर सकते हैं.
पौधों की सुरक्षा
गर्मियों में बालकनी या छत पर पौधे लगाने से घर की हवा शुद्ध हो जाती है. इससे तापमान पर भी कुछ असर होता है, लेकिन कड़ी धूप में पौधे के झुलसने की भी चिंता रहती है. ऐसे में ये हरी जालीदार चादर पौधों को धूप की तपिश से बचाती है. इससे गर्मी में धूल आने और कीट पतंगों की भी समस्या खत्म हो जाती है.