Horror Restaurant: आज के समय में रेस्टोरेंट सिर्फ खाने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नए-नए थीम और अनुभव देने की कोशिश भी कर रहे हैं. लेकिन इसी कोशिश के बीच वाराणसी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है.
यह मामला वाराणसी के एक थीम-आधारित डाइनिंग स्पॉट से जुड़ा है, जिसे लोग “कंकाल हॉरर रेस्टोरेंट” के नाम से जानते हैं. यह रेस्टोरेंट हॉरर थीम पर आधारित है, जहां कर्मचारी भूत और कंकाल जैसे किरदारों में ग्राहकों का मनोरंजन करते हैं. इसी रेस्टोरेंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और आलोचना भी झेली.
बच्चे के डरने का पल बना विवाद का केंद्र
वायरल वीडियो में एक कर्मचारी भूत का रूप धारण कर एक परिवार के पास जाता हुआ दिखाई देता है. शुरुआत में कुछ लोग इसे मनोरंजन के रूप में लेते हैं, लेकिन वीडियो का एक हिस्सा लोगों को परेशान कर गया. इसमें एक छोटा बच्चा बेहद डर जाता है और रोने लगता है. वह बार-बार अपने पिता से “प्लीज़ पापा, नहीं” कहकर मदद की गुहार लगाता दिखाई देता है.
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस दौरान बच्चा काफी देर तक असहज और डरा हुआ रहा, जबकि वीडियो में उसे तुरंत शांत कराने या स्थिति को रोकने की कोई स्पष्ट कोशिश नजर नहीं आती.
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट होने के बाद लाखों बार देखा जा चुका है और इस पर 60 मिलियन से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं. Instagram पर लोग इस घटना को लेकर दो हिस्सों में बंट गए हैं. कई यूज़र्स ने कहा कि मनोरंजन की आड़ में किसी बच्चे को इस तरह डराना गलत है और इससे मानसिक असर पड़ सकता है. वहीं कुछ लोगों ने माता-पिता की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए कि ऐसी जगहों पर बच्चों को ले जाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.
लोगों की नाराजगी और चिंता
सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने इसे “मनोरंजन नहीं, ट्रॉमा” बताया. लोगों का कहना है कि डराने-धमकाने वाले ऐसे अनुभव बच्चों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं. कुछ ने यह भी लिखा कि मनोरंजन और भय के बीच एक पतली रेखा होती है, जिसे पार नहीं करना चाहिए.
हॉरर थीम कॉन्सेप्ट पर उठे सवाल
वाराणसी के चेतगंज इलाके में स्थित यह रेस्टोरेंट खुद को एक अनोखा हॉरर डाइनिंग अनुभव देने वाला स्थान बताता है, जहां ग्राहक भूतिया माहौल में खाना खाते हैं. हालांकि इस तरह के कॉन्सेप्ट ने इसे सोशल मीडिया पर लोकप्रिय बनाया, लेकिन हालिया वीडियो ने इस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मनोरंजन की सीमा पर बहस
यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं रह गई, बल्कि इसने यह चर्चा भी शुरू कर दी है कि मनोरंजन के नाम पर कहां तक जाना सही है. क्या अनुभव बनाने के नाम पर बच्चों की भावनात्मक सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा सकता है? यह सवाल अब सोशल मीडिया पर लगातार उठ रहा है.