अमेरिकी मूल की हिंदू महिला जो यूएस में पैदा हुई, वहां पली-बढ़ी और लोगों की जान बचाने के लिए दिन-रात अस्पताल में सेवाएं दे रही थी. लेकिन सोशल मीडिया पर उसकी एक छोटी सी और हंसती-खेलती वीडियो ने तांडव मचा दिया. वीडियो को देख लोग महिला को भारत वापस जाने की चेतावनी तक देने लगे. यह मामला अमेरिका से सामने आया है जहां भारतीय मूल की एक महिला डॉक्टर को सिर्फ इसलिए ऑनलाइन रेसिज्म का शिकार होना पड़ा क्योंकि उन्होंने अपनी बिंदी को लेकर एक हल्का-फुल्का और प्यारा सा वीडियो शेयर किया था. लेकिन इस पूरे मामले पर डॉ. करिश्मा रेड्डी ने करारा और समझदारी भरा जवाब दिया है जिसे लेकर अब लोग जमकर तारीफें कर रहे हैं.
बिंदी वाले एक छोटे से वीडियो पर भड़के ट्रोल्स
डॉक्टर करिश्मा रेड्डी ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक लाइट-हार्टेड रील शेयर की थी. यह वीडियो अस्पताल में एक मरीज के साथ उनकी बिंदी को लेकर हुई एक प्यारी सी बातचीत से जुड़ा था. जिसे लेकर डॉ. रेड्डी ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके कल्चर से जुड़ा यह छोटा सा वीडियो इंटरनेट के नफरती लोगों के निशाने पर आ जाएगा. वीडियो के अपलोड होते ही कमेंट सेक्शन में भद्दे कमेंट की बाढ़ आ गई.
कई लोगों ने उन्हें यहां तक कह डाला कि ‘वापस भारत लौट जाओ.’ इस चौंकाने वाले एक्सपीरिएंस के बारे में बात करते हुए डॉ. रेड्डी ने बताया, ‘मैंने अपने पूरी लाइफ का ज्यादातर समय अस्पतालों और क्लीनिकों के हेल्थकेयर माहौल में बिताया है, जहां भारतीय लोगों को कभी अलग महसूस ही नहीं कराया गया. शायद मैं थोड़ी भोली थी, लेकिन सच कहूं तो मैंने अपनी पूरी जिंदगी में इतनी एंटी-इंडियन नफरत कभी नहीं देखी थी.’
हिंदू धर्म और गाय को लेकर फैली गलतफहमियों पर तोड़ी चुप्पी
डॉ. रेड्डी ने बताया कि ट्रोल करने वालों को इस बात से कोई मतलब नहीं था कि उनका जन्म और पालन-पोषण अमेरिका में हुआ है, बल्कि वे लगातार उनकी पहचान पर सवाल उठा रहे थे. इसके अलावा, कई कमेंट्स में हिंदू धर्म और गाय को लेकर अजीबोगरीब बातें लिखी गई थीं. इन सभी गलतफहमियों को दूर करते हुए डॉक्टर रेड्डी ने बड़े ही शानदार तरीके से समझाया कि हिंदू धर्म में गाय को क्यों नहीं खाया जाता. ‘हिंदू लोग बीफ (गोमांस) नहीं खाते हैं. इसका मुख्य कारण यह नहीं है कि हमारे किसी पवित्र ग्रंथ में ऐसा लिखा है. बल्कि इसके पीछे एक ऐतिहासिक और मानवीय वजह है.’
अफवाहों के खिलाफ लताड़ा
डॉ. रेड्डी ने समझाया कि ‘पुराने समय में जब प्रसव के दौरान कई महिलाओं की मौत हो जाती थी, तब छोटे बच्चे गाय के दूध पर ही पलकर जीवित रहते थे. इसलिए गाय के प्रति सम्मान दिखाने के लिए कि उसने इंसानों को कितना बड़ा गिफ्ट दिया है. हम गायों को काटते या मारते नहीं हैं. इसके पीछे कोई अंधविश्वास नहीं है, बस कृतज्ञता है.’ उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि, ‘पता नहीं लोग क्या-क्या अफवाहें फैलाते हैं कि हम क्या करते हैं या क्या नहीं. कृपया थोड़े दयालु बनिए और नफरत फैलाने से बचिए.’
सोशल मीडिया पर लोगों का मिला जबरदस्त समर्थन
जब डॉक्टर करिश्मा रेड्डी ने इस नफरत के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी तो दुनिया भर के लोगों ने उनका समर्थन करना शुरू कर दिया. उनके इस वीडियो को दो लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. एक यूजर ने लिखा, ‘हिंदू धर्म में गाय के महत्व को इतने सम्मान के साथ समझाने के लिए धन्यवाद. यह वाकई बहुत ज्ञानवर्धक था.’ दूसरे यूजर ने लिखा कि ‘जो लोग ऑनलाइन नफरत फैलाते हैं, वे असल में अपनी खुद की कुंठाओं से जूझ रहे होते हैं. मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि वे नफरत की जगह सहानुभूति को चुनें.’ एक अन्य मरीज ने लिखा कि ‘डॉ. रेड्डी ने मेरे क्रॉनिक पेन को ठीक करके मेरी जिंदगी बदल दी है. वह एक बेहतरीन इंसान हैं और वह नफरत नहीं, बल्कि सम्मान की हकदार हैं.’