खलनायक के तौर पर करियर की शुरुआत, हीरो से पहले बने विलेन, 1995 की इस फिल्म के बाद चमकी किस्मत
Shahrukh Khan: बॉलीवुड में लोग हीरो बनने का सपना लेकर आते हैं लेकिन कई बार उनका सपना पूरा नहीं होता. कई बार उन्हें छोटे-छोटे रोल करने पड़ते हैं. इसके अलावा उन्हें कई बार विलन के तहत पहचान मिलती है. 90 के दशक की शुरुआत में बहुत से एक्टर्स अपनी इमेज को पॉजिटिव दिखाने के लिए परेशान थे, तो वहीं एक एक्टर ऐसा आया, जिसने नेगेटिव किरदारों से अपनी पहचान बनानी शुरू की. एक्टर ने ‘डर’ और ‘बाजीगर’ जैसी फिल्मों में नेगेटिव रोल किया, जिसमें उनकी एक्टिंग काबिल-ए-तारीफ थी. उनके इन किरदारों से हीरो से ज्यादा पहचान बनाई. वहीं 1995 में आई एक फिल्म ने उनकी छवि बदल दी और वो सुपरस्टार बन गए. वे तीन दशकों से इंडस्ट्री पर राज भी कर रहे हैं.
विलेन के तौर पर करियर की शुरुआत
बॉलीवुड के इतिहास में बहुत से एक्टर्स आए, जिन्हें काफी अच्छी पहचान मिली, तो वहीं बहुत से ऐससे एक्टर्स होते हैं, जो दशकों तक इंडस्ट्री में रहते हैं. ऐसे में बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान ने एक विलेन के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. हालांकि कुछ सालों बाद उन्हें रोमांस का किंग कहा जाने लगा.
बिना गॉडफादर इंडस्ट्री में आए शाहरुख
बता दें कि दिल्ली से मुंबई पहुंचे शाहरुख खान का कोई गॉडफादर नहीं था. शुरुआती दौर में बड़े संघर्षों के बाद उन्हें टीवी सीरियल मिला. इसके बाद उन्होंने फिल्मों की तरफ रुख किया. तब उन्हें ऐसे किरदार ऑफर किए गए, जिन्हें सभी एक्टर्स रिजेक्ट कर रहे थे.
डर और बाजीगर में विलेन का किरदार
1993 में आई फिल्मों डर और बाजीगर में शाहरुख खान ने विलेन का किरदार निभाया. डर में उन्होंने पागल आशिक राहुल का किरदार निभाकर दर्शकों को डराया. वहीं बाजीगर में दर्शकों को उनका ऐसा विलेन वाला किरदार पसंद आया, जिसमें उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छत से फेंक दिया था.
शाहरुख खान ने मिटाया विलेन के टैग
उस दौरान इंडस्ट्री के जानकारों का कहना था कि शाहरुख खान नेगेटिव किरदारों में ही पसंद किए जाएंगे. वे कभी चॉकलेटी हीरो नहीं बन पाएंगे. हालांकि साल 1995 में आई एक फिल्म ने उनके माथे से विलेन का टैग हमेशा के लिए मिटा दिया.
रोमांटिक हीरो के तौर पर बनी पहचान
बता दें कि साल 1995 में शाहरुख खान ने काजोल के साथ 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से अपने हीरो वाले अंदाज को दिखाया. इस फिल्म ने विलेन का टैग हटाया और साथ ही रोमांटिक हीरो के तौर पर उनकी पहचान बनाई.
बॉक्स ऑफिस पर बदला समीकरण
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म को आदित्य चोपड़ा के डायरेक्शन में बनाया गया था. फिल्म में शाहरुख खान ने राज मल्होत्रा का किरदार निभाया. फिल्म में उनकी केमिस्ट्री काजोल के साथ दिखाई गई. ये फिल्म 20 अक्तूबर 1995 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस का समीकरण बदल दिया.
बदली शाहरुख खान की इमेज
इस फिल्म के बाद उनकी इमेज चीखती-चिल्लाती आवाज वाले विलेन की नहीं बल्कि एक ऐसे हीरो की बनी, जो गर्लफ्रेंड को भगाकर नहीं बल्कि उसके पिता से मांगकर और जीतकर ले जाता है. इस फिल्म का जादू लोगों के सिर पर इस कदर चढ़ा हुआ है कि वे अब बी इस पिल्म और फिल्म के गाने सुनना चाहते हैं.
दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के शो
आपको जानकर हैरानी होगी कि दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के शो मुंबई के मराठा मंदिर सिनेमा में 25 साल से चल रहे हैं. हालांकि इस फिल्म के बाद शाहरुख खान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने तमाम फिल्मों में ऐसा रोमांस दिखाया कि लड़कियां उनके जैसे पार्टनर की इच्छा रखने लगीं.