Punganur Cow: 3 फीट से भी छोटी गाय, कीमत 4 लाख से भी ज्यादा, दूध ₹1000/लीटर, हर कोई है हैरान
Punganur Cow: देश में मवेशियों की 50 देसी नस्लें हैं, जिनमें से पुंगनूर नस्ल की एक अलग पहचान है. यह गाय अपने छोटे कद के लिए दुनिया भर में मशहूर है. हालांकि, अब यह नस्ल विलुप्त होने की कगार पर है. आंध्र प्रदेश में इस नस्ल के संरक्षण के प्रयास अभी चल रहे हैं. पुंगनूर गाय न केवल अपने छोटे कद के कारण आकर्षण का केंद्र है, बल्कि यह बहुत ही उम्दा क्वालिटी का दूध भी देती है. इसके अलावा, इसका छोटा कद इसे पालना बहुत आसान बनाता है. आइए जानते हैं, पुंगनूर गाय के रोचक बातों के बारे में.
उंचाई
इस गाय को 'पुंगनूर गाय' के नाम से जाना जाता है. यह आंध्र प्रदेश की मूल निवासी एक दुर्लभ नस्ल है. इसकी ऊंचाई लगभग 2.25 फीट होती है, और इसे दुनिया की सबसे छोटी गाय माना जाता है.
छोटा आकार
अपने छोटे आकार के बावजूद, इसमें कई बेहतरीन गुण हैं. देखने में यह गाय बहुत खूबसूरत होती है और इसका स्वभाव भी बहुत शांत होता है, जिस वजह से यह लोगों के बीच तुरंत ही लोकप्रिय हो जाती है.
दूध की कीमत
इस गाय के दूध की कीमत आम गायों के दूध से कई गुना ज्यादा होता है. बताया जाता है कि इसका दूध लगभग ₹1,000 प्रति लीटर तक बिकता है. दूध की शुद्धता, इसमें मौजूद भरपूर पोषक तत्व और इसका धार्मिक महत्व की वजह से यह इतना महंगा है.
पूजा-पाठ
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक (स्नान) करना बेहद शुभ माना जाता है. यही कारण है कि धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के दौरान इसकी भारी मांग रहती है, जिससे इसकी कीमत काफी बढ़ जाती है.
कीमत
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस गाय की कीमत लगभग ₹4 लाख होने का अनुमान है, जो इसे और भी ज्यादा खास बनाती है. इसके बावजूद, लोग इसे खरीदने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
गोबर और मूत्र
इसके अलावा, इस गाय के गोबर और मूत्र की भी काफी मांग है. इसके मूत्र में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिनका उपयोग किसान अपनी फसलों पर छिड़काव के लिए करते हैं. गोबर का इस्तेमाल जैविक खाद और अन्य उत्पादों को बनाने में किया जाता है. इस प्रकार, पुंगनूर गाय किसानों के लिए आय का एक बेहतरीन स्रोत बन सकती है.
गर्मी तथा सूखे की क्षमता
पुंगनूर गाय की एक और खास बात यह है कि इसे बहुत ज्यादा चारे की जरूरत नहीं होती है. यह सूखे चारे पर भी आसानी से पल-बढ़ जाती है और इसमें गर्मी तथा सूखे को सहने की जबरदस्त क्षमता होती है.
5 किलोग्राम चारा ही काफी
इस गाय के लिए रोजाना लगभग 5 किलोग्राम चारा ही काफी होता है. यही वजह है कि छोटे किसान और यहां तक कि जिनके पास जगह की कमी है. वे भी इस नस्ल को पाल सकते हैं.