Live TV
Search
Home > लाइफस्टाइल > Bottles Juice: मार्केट से बीमारियों की ‘होम डिलीवरी’ करा रहा है बोतलबंद जूस, वजह जानकर तुरंत निकाल फेंकेंगे

Bottles Juice: मार्केट से बीमारियों की ‘होम डिलीवरी’ करा रहा है बोतलबंद जूस, वजह जानकर तुरंत निकाल फेंकेंगे

मार्केट में मिने वाले बोतल बंद जूस का चलन बढ़ रहा है. अक्सर कुछ लोग गर्मियों में ऐसे जूस की बोतलें लाकर घर पर स्टोर करते हैं. ये तरीका सुविधाजनक हो सकता है, लेकिन इससे आपकी सेहत को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. ये जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे और तुरंत बोतल बंद जूस को फेंक देंगे.

Written By: Kajal Jain
Last Updated: 2026-04-20 11:44:20

Mobile Ads 1x1

गर्मियों में कूल और एनर्जेटिक रहने के लिए खट्ट फलों का जूस पीने की सलाह दी जाती है. ये शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति करती है. इसलिए गर्मियां आते के साथ लोग चाय-कॉफी छोड़के डेली एक गिलास ताजा जूस पीते हैं. ये गर्मी से जुड़ी समस्याओं को दूर रता है, चेहरे पर भी ग्लो लाने का काम करता है. कुछ लोग मार्केट जाकर ताजा जूस पीना ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन जिन लोगों के पास समय और उपलब्धता नहीं है, वो बाजार से बोतल बंद जूस लाकर स्टोर करते हैं. देखने में तो ये तरीका आपको सुविधाजनक लगेगा, लेकिन ये आपकी हेल्थ के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है. यहां जानें कैसे?

गर्मी में खट्टे फल और जूस पीने के फायदे

गर्मी में नींबू, संतरा, फालसा, अंगूर जैसे खट्टे फल विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट का भंडार होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं. गर्मियों में फाइबर और एसिड से भरपूर ये खट्टे फल नेचुरल एनर्जी बूस्टर का भी काम करते हैं. इन फलों में कैलोकी काफी कम होती है, जिससे ये वजन को घटाने में आपकी मदद कर सकते हैं. रोजाना एक गिलास खट्टे फलों के जूस से बॉडी की हाइड्रेशन को री-स्टोर कर सकते हैं, लेकिन खट्टे फल या इसके जूस को गलत तरीके से स्टोर करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. 

प्लास्टिक में क्यों न रखें जूस?

नींबू, संतरा, मौसमी, फालसा, अंगूर या दूसरे खट्टे फलों में साधारण फलों के मुकाबले साइट्रिक एसिड ज्यादा होता है. फलों के रस का ये एसिड जब प्लास्टिक के संपर्क में आता है तो BPA और थैलेट्स जैसे हानिकारक रसायन फलों के रस में घुल जाते हैं और एनर्जी बढ़ाने के बजाए बेवजह थकान का कारण बनते हैं.

हार्मोन्स और पाचन के लिए रिस्क

खट्टे फलों का रस जब प्लास्टिक की बोतल में स्टोर किया जाता है तो फलों के रस का साइट्रिक एसिड और बोतल के माइक्रोप्लास्टिक आपस में रिएक्शन करके आपके डायजेशन पर बुरा असर  डाल सकते हैं. ये मूड स्विंग और महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता जैसी दिक्कतें भी पैदा कर सकते हैं.

ऑक्सीडाइजेशन से नुकसान

खट्टे फलों के रस को जब प्लास्टिक की बोतल में पैक किया जाता है तो रस में ऑक्सीजन की आवाजाही नहीं हो पाती. इससे जूस का ऑक्सीडाइजेशन तेज हो जाता है और जूस में मौजूद विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. फिर इस जूस को पीने पर कोई फायदा नहीं मिलता.

खट्टे फलों के जूस को कैसे स्टोर करें?

वैसे तो फल चाहे खट्टे हो या मीठे, इन्हें तो लंबे वक्त तक रेफ्रिजरेटर में स्टोर किया जा सकता है, लेकिन फलों के जूस को ज्यादा देर तक स्टोर करके नहीं रखना चाहिए.

  • Foodयदि आप मार्केट से ताजा जूस खरीद रहे हैं तो उसी वक्त या घर लाके तुरंत पी सकते हैं. ज्यादा देर तक खट्टे फलों का जूस स्टोर करने पर इसका स्वाद कड़वा और रंग डार्क होने लगता है. 
  • प्लास्टिक की बोतल में मिलने वाले जूस में भी प्रीजर्वेटिव्स पाए जाते हैं जो जूस की लॉन्जीविटी को तो बढ़ा देते हैं, लेकिन सेहत के लिए नए रिस्क भी पैदा करते हैं. 
  • जूस को कुछ देर के लिए स्टोर करना चाहते हैं तो कांच या स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करें. ये खान-पान की चीजों के साथ केमिकल रिएक्ट नहीं करते.

MORE NEWS

Home > लाइफस्टाइल > Bottles Juice: मार्केट से बीमारियों की ‘होम डिलीवरी’ करा रहा है बोतलबंद जूस, वजह जानकर तुरंत निकाल फेंकेंगे

Written By: Kajal Jain
Last Updated: 2026-04-20 11:44:20

Mobile Ads 1x1

गर्मियों में कूल और एनर्जेटिक रहने के लिए खट्ट फलों का जूस पीने की सलाह दी जाती है. ये शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति करती है. इसलिए गर्मियां आते के साथ लोग चाय-कॉफी छोड़के डेली एक गिलास ताजा जूस पीते हैं. ये गर्मी से जुड़ी समस्याओं को दूर रता है, चेहरे पर भी ग्लो लाने का काम करता है. कुछ लोग मार्केट जाकर ताजा जूस पीना ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन जिन लोगों के पास समय और उपलब्धता नहीं है, वो बाजार से बोतल बंद जूस लाकर स्टोर करते हैं. देखने में तो ये तरीका आपको सुविधाजनक लगेगा, लेकिन ये आपकी हेल्थ के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है. यहां जानें कैसे?

गर्मी में खट्टे फल और जूस पीने के फायदे

गर्मी में नींबू, संतरा, फालसा, अंगूर जैसे खट्टे फल विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट का भंडार होते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं. गर्मियों में फाइबर और एसिड से भरपूर ये खट्टे फल नेचुरल एनर्जी बूस्टर का भी काम करते हैं. इन फलों में कैलोकी काफी कम होती है, जिससे ये वजन को घटाने में आपकी मदद कर सकते हैं. रोजाना एक गिलास खट्टे फलों के जूस से बॉडी की हाइड्रेशन को री-स्टोर कर सकते हैं, लेकिन खट्टे फल या इसके जूस को गलत तरीके से स्टोर करना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. 

प्लास्टिक में क्यों न रखें जूस?

नींबू, संतरा, मौसमी, फालसा, अंगूर या दूसरे खट्टे फलों में साधारण फलों के मुकाबले साइट्रिक एसिड ज्यादा होता है. फलों के रस का ये एसिड जब प्लास्टिक के संपर्क में आता है तो BPA और थैलेट्स जैसे हानिकारक रसायन फलों के रस में घुल जाते हैं और एनर्जी बढ़ाने के बजाए बेवजह थकान का कारण बनते हैं.

हार्मोन्स और पाचन के लिए रिस्क

खट्टे फलों का रस जब प्लास्टिक की बोतल में स्टोर किया जाता है तो फलों के रस का साइट्रिक एसिड और बोतल के माइक्रोप्लास्टिक आपस में रिएक्शन करके आपके डायजेशन पर बुरा असर  डाल सकते हैं. ये मूड स्विंग और महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता जैसी दिक्कतें भी पैदा कर सकते हैं.

ऑक्सीडाइजेशन से नुकसान

खट्टे फलों के रस को जब प्लास्टिक की बोतल में पैक किया जाता है तो रस में ऑक्सीजन की आवाजाही नहीं हो पाती. इससे जूस का ऑक्सीडाइजेशन तेज हो जाता है और जूस में मौजूद विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. फिर इस जूस को पीने पर कोई फायदा नहीं मिलता.

खट्टे फलों के जूस को कैसे स्टोर करें?

वैसे तो फल चाहे खट्टे हो या मीठे, इन्हें तो लंबे वक्त तक रेफ्रिजरेटर में स्टोर किया जा सकता है, लेकिन फलों के जूस को ज्यादा देर तक स्टोर करके नहीं रखना चाहिए.

  • Foodयदि आप मार्केट से ताजा जूस खरीद रहे हैं तो उसी वक्त या घर लाके तुरंत पी सकते हैं. ज्यादा देर तक खट्टे फलों का जूस स्टोर करने पर इसका स्वाद कड़वा और रंग डार्क होने लगता है. 
  • प्लास्टिक की बोतल में मिलने वाले जूस में भी प्रीजर्वेटिव्स पाए जाते हैं जो जूस की लॉन्जीविटी को तो बढ़ा देते हैं, लेकिन सेहत के लिए नए रिस्क भी पैदा करते हैं. 
  • जूस को कुछ देर के लिए स्टोर करना चाहते हैं तो कांच या स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करें. ये खान-पान की चीजों के साथ केमिकल रिएक्ट नहीं करते.

MORE NEWS