Mumbai Bengaluru Vande Bharat Sleeper: इन दिनों भारत में अगर कोई ट्रेन चर्चे में है तो वो है वंदे भारत. ये एक ऐसी ट्रेन है जिससे आपका सफर बेहद आसान और आरामदायक हो जाता है. एक बार फिर ट्रेन ये यात्रा करने वालों के लिए खुशखबरी आई है कि भारतीय रेलवे ने मुंबई और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मंजूरी दे दी है. हावड़ा (पश्चिम बंगाल) और गुवाहाटी/कामाख्या (असम) के बीच भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने के बाद ये लक्जरी लंबी दूरी की यात्रा में एक और बड़ा कदम है.
इस ट्रेन की अनाउंसमेंट 5 अप्रैल को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा की गई थी, लेकिन जब बेंगलुरु सेंट्रल के सांसद पी. सी. मोहन द्वारा ने ये डिलेट शेयर किया तो लोग ज्यादा जागरूक हुए.
कितने समय में पूरा होगा सफर?
जैसा की पहले मुंबई और बेंगलुरु के बीच ट्रेन से यात्रा करने में उद्यान एक्सप्रेस जैसी ट्रेने थी और ये ट्रेन सफर करने में कुल 21-23 घंटे लेती थी, लेकिन अब वंदे बारत स्लीपर ट्रेन आ गई तो ये कम समय लेगी क्योंकि ये तीज स्पीड से चलती है. वंदे भारत के जरिए आप 15-17 घंटे में पहुंच जाएंगे. हाल के अपडेट के अनुसार प्रीमियम ट्रेन की योजना कल्याण कर्नाटक क्षेत्र (कालाबुरागी) के माध्यम से बनाई गई है.
क्या-क्या होंगी ट्रेन में सुविधाएं? (Mumbai Bengaluru Vande Bharat Sleeper Feature)
ट्रेन में 16 मॉडर्न स्लीपर कोच फुली एयर कंडीशनंड मिलेंगे.
ट्रेन में 823 यात्रियों की क्षमता है.
ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किमी/घंटा तक है.
आसान सवारी के लिए उन्नत सस्पेंशन.
एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई स्लीपिंग बर्थ.
ट्रेन का रूट (Mumbai Bengaluru Vande Bharat Sleeper Route)
मुंबई और बेंगलुरु जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में रिपोर्टों से पता चला है कि ट्रेन मेन जंक्शनों से होकर गुजर सकती है जिसमें पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर और गुंतकल शामिल है. ये भारत की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी. योजना में दो रेक के साथ दैनिक परिचालन शामिल है, प्रत्येक शहर से व्यवसायिक और अवकाश यात्रियों दोनों के लिए एक. ट्रेन का टिकट प्राइस कितना है इस बात की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
साल 2026 तक बनेंगी 12 ट्रेन
मुंबई और बेंगलुरु के बीच नियमित रूप से यात्रा करने वालों के लिए ये ट्रेन गेम-चेंजर बन सकती है. ये समय बचाने वाला है, शहर से शहर कनेक्टिविटी, उड़ानों की तुलना में आरामदायक और प्रतिस्पर्धी मूल्य प्रदान करता है. इस साल की शुरुआत में रेल मंत्री ने कहा था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का उत्पादन तेज कर दिया गया है. दिसंबर 2026 तक ऐसी 12 ट्रेनों की योजना बनाई गई है. उन्होंने कहा, ‘हर तरफ छह रेक वाली 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें 2026 के अंत तक शुरू की जाएंगी.’