Tilak Varma Comeback: ICC ODI वर्ल्ड कप 2027 में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की मेजबानी में यह टूर्नामेंट अगले साल 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा. इसे ध्यान में रखते हुए BCCI चयन समिति और भारतीय टीम प्रबंधन ने बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को दोबारा वनडे सेटअप में शामिल करने की तैयारी कर ली है. तिलक ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच 6 दिसंबर 2025 को विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था. मध्यक्रम में बाएं हाथ का बल्लेबाज होने के कारण वे टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती और संतुलन दे सकते हैं.
गेंदबाजी पर भी काम करने की सलाह
टीम प्रबंधन ने तिलक वर्मा को अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी पर भी ध्यान देने को कहा है. भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में नियमित गेंदबाजी विकल्पों की कमी रही है, जिससे निचले क्रम के बल्लेबाजों और विशेषज्ञ गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. अगर तिलक 4-5 ओवर गेंदबाजी का विकल्प देते हैं, तो इससे टीम का संतुलन काफी बेहतर हो जाएगा.
विश्व कप के लिए गंभीर रणनीति की शुरुआत अक्टूबर 2026 में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे से होगी. 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू वनडे सीरीज में कई प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध नहीं रहेंगे. इसी दौरान एक मजबूत T20 टीम एशियाई खेलों के लिए जापान दौरे पर जाएगी.
गंभीर और गिल की पसंद बने तिलक
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि मध्यक्रम में बैकअप खिलाड़ियों की कमी है. हार्दिक पांड्या और नितिश कुमार रेड्डी की फिटनेस समस्याओं को देखते हुए टीम को टॉप ऑर्डर में ऐसा बल्लेबाज चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर कम से कम 4 ओवर निकाल सके. बीते एक साल में प्लेइंग XI का संतुलन बनाने के लिए वाशिंगटन सुंदर या अक्षर पटेल को नंबर 5 या 6 पर बल्लेबाजी के लिए भेजना पड़ा है.
साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों के हिसाब से मास्टर प्लान
टीम प्रबंधन दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों को ध्यान में रखकर योजना बना रहा है. हाल ही में इंग्लैंड सीरीज के दौरान उप-कप्तान श्रेयस अय्यर से पहले ईशान किशन को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था. श्रेयस ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोटिल हो गए थे और तेज व बाउंस गेंदों के खिलाफ उनके हालिया प्रदर्शन का परीक्षण होना बाकी है.
इसके अलावा, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ फिटनेस संबंधी चिंताएं जुड़ी रहती हैं. विश्व कप आने तक केएल राहुल भी 35 साल के करीब होंगे और रवींद्र जडेजा की मौजूदगी को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. फिटनेस की वजह से टीम की फील्डिंग पर भी असर पड़ा है, इसलिए चयनकर्ता युवा बैकअप तैयार करना चाहते हैं.
सही नंबर पर ही मौका देने की नीति
चयन समिति अब खिलाड़ियों को उनके तय बल्लेबाजी क्रम से अलग खिलाने के पक्ष में नहीं है. पिछले साल रायपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नंबर 4 पर शतक लगाने के बावजूद ऋतुराज गायकवाड़ को बाद में वनडे टीम में मौका नहीं मिला. सूत्र का कहना है कि गायकवाड़ को शुभमन गिल के चोटिल होने पर बैकअप ओपनर के रूप में चुना गया था, जबकि उस समय तिलक वर्मा को मध्यक्रम में आजमाया जा सकता था. इसी नीति के तहत देवदत्त पडिक्कल को भी अभी वनडे सेटअप में जल्दबाजी में नहीं लाया जा रहा है, क्योंकि वे सफेद गेंद के क्रिकेट में ओपनर के रूप में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
3 सितंबर को हो सकती है चयन समिति की बैठक
वेस्टइंडीज सीरीज के लिए चुनी जाने वाली टीम में कुछ बदलाव दिखेंगे, क्योंकि श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, ईशान किशन और अक्षर पटेल उपलब्ध नहीं रहेंगे. चयनकर्ता इस सीरीज के लिए बैकअप विकेटकीपर की तलाश में हैं.
दूसरी ओर, 13 से 17 सितंबर तक नई दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए 3 सितंबर तक चयन समिति की बैठक हो सकती है. संभावना है कि एशियाई खेलों के लिए चुनी गई टीम को ही इस सीरीज के लिए बरकरार रखा जाए. हार्दिक पांड्या, नितिश रेड्डी और जसप्रीत बुमराह की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार है, जबकि स्पिनर वरुण चक्रवर्ती पूरी तरह फिट हो चुके हैं.