BCCI Review Meeting: मुंबई में गुरुवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की एक अहम और हाई-लेवल समीक्षा बैठक होने जा रही है. इस बैठक में 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया के भविष्य और कप्तान रोहित शर्मा की जगह को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है.
बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक (AGM) से ठीक पहले बुलाई गई इस बैठक में बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया, मुख्य कोच गौतम गंभीर, मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण शामिल होंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय टीम के आगे के रास्ते को तय करना है.
2027 वनडे विश्व कप और रोहित शर्मा का भविष्य
रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर सवाल तब उठे, जब चयन समिति और बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों के बीच अलग-अलग राय की खबरें सामने आईं. भारत के इंग्लैंड दौरे के दौरान ऐसी खबरें थीं कि चयनकर्ता अब रोहित से आगे बढ़कर 2027 विश्व कप के लिए युवाओं की नई टीम तैयार करना चाहते हैं.
लॉर्ड्स वनडे से पहले रोहित के संन्यास की खबरें भी तेज हो गई थीं, लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उनका समर्थन किया. इसके बाद रोहित ने लॉर्ड्स के मैदान पर 138 रनों की शानदार पारी खेलकर आलोचकों को करारा जवाब दिया और यह साबित किया कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है.
‘क्रिकबज’ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को होने वाली बैठक में यह साफ हो जाएगा कि क्या रोहित 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप तक भारत के सलामी बल्लेबाज बने रहेंगे, या फिर आने वाली द्विपक्षीय सीरीज से टीम उनके विकल्प की तलाश शुरू कर देगी.
खिलाड़ियों की फिटनेस और विदेशी प्रदर्शन
इस बैठक में सिर्फ रोहित शर्मा ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े मुद्दों पर भी बात होगी, हाल ही में इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर भारतीय सीमित ओवरों की टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं. इंग्लैंड में वनडे सीरीज 2-1 से हारने और टी-20 में मिली नाकामियों पर इस बैठक में खुलकर चर्चा होगी.
प्रमुख खिलाड़ियों की लगातार चोटों को रोकना बोर्ड की प्राथमिकता है. वीवीएस लक्ष्मण की देखरेख वाली स्पोर्ट्स साइंस टीम हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी के कार्यभार (वर्कलोड) और जसप्रीत बुमराह की फिटनेस से जुड़े प्लान पर अपनी रिपोर्ट रखेगी.
मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के अनुबंध को लेकर भी बातचीत होगी. बोर्ड इस बात पर फैसला करेगा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज से पहले चयन समिति में बदलाव किया जाए या इसी टीम को बरकरार रखा जाए.