आईपीएल में ऐसे कई महान खिलाड़ी हैं जिनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता है, और एमएस धोनी इस मामले में सबसे आगे हैं. मैच खत्म होने के बाद अक्सर उन्हें विपक्षी टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट के अनुभव शेयर करते देखा जाता है. धोनी की कप्तानी की मिसालें तो दुनिया भर के दिग्गज क्रिकेटर देते हैं. आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर ने भी धोनी से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा साझा किया, जो यह बताता है कि मैदान पर धोनी का दिमाग कैसे काम करता है और क्यों उन्हें दुनिया के महानतम कप्तानों में गिना जाता है.
वेंकटेश कैसे हुए थे आउट?
वेंकटेश अय्यर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो बता रहे हैं कि कैसे धोनी ने एक खास रणनीति से कैसे उन्हें आउट किया था. राज शमानी के पॉडकास्ट का एक वायरल क्लिप में बात करते हुए वेंकटेश कहते हुए नजर आ रहे हैं , ‘धोनी भाई ने डीप स्क्वॉयर लेग से फील्डर हटाकर उसे ‘शॉर्ट थर्ड’ पर ऐसी जगह खड़ा कर दिया, जहाँ आमतौर पर फील्डर नहीं होता. अगली ही गेंद पर मैं सीधे उसी फील्डर के हाथ में कैच थमा बैठा.’
राज शमानी ने आगे पूछा, ‘कैसे? क्या आपने कभी इस बारे में एमएस धोनी से बात की है?’
वेंकटेश अय्यर ने बताया, ‘जब मैंने इस बारे में पूछा, तो एमएस धोनी ने बताया कि वह मेरे बल्ले के एंगल को समझ रहे थे और उसी हिसाब से फील्डरों की जगह तय कर रहे थे. तब मुझे अहसास हुआ कि क्रिकेट काफी हद तक एंगल को समझने का खेल है.’
वेंकटेश अय्यर: “एमएस धोनी ने फील्डर की पोजीशन बदली और अगली ही गेंद पर मेरा विकेट गिर गया।”
राज शमानी: “कैसे? क्या आपने कभी एमएस धोनी से इस बारे में बात की?”
वेंकटेश अय्यर: “यह सब मेरे सामने ही हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन अचानक एमएस धोनी ने एक फील्डर को दूसरी जगह पर खड़ा कर… pic.twitter.com/mqblQwug1H
— Mrigendra Pratap Singh (@MrigendraSpeaks) September 14, 2026
धोनी की चालाकी!
हालांकि इस बात का जिक्र उन्होंने इससे पहले भी किया था वेंकटेश ने आईपीएल 2023 के एक मैच के बाद उन्होंने धोनी से बात की थी. उस मैच में दीपक चाहर की गेंद पर रवींद्र जडेजा ने शॉर्ट थर्ड मैन पर वेंकटेश का कैच लिया था. उस समय वेंकटेश 4 गेंदों में 9 रन बनाकर खेल रहे थे. वेंकटेश ने आगे कहा, ‘मैच के बाद मैंने धोनी भाई से पूछा कि उन्होंने फील्डर को वहाँ क्यों रखा था. उनके पास इसका बहुत सटीक जवाब था. वह समझ रहे थे कि गेंद मेरे बल्ले से निकलकर किस एंगल में जाएगी. मैदान के कोणों को समझने की उनकी क्षमता अद्भुत है. उन्हें पता था कि अगर मैं वह शॉट खेलूँगा, तो गेंद उसी दिशा में जाएगी, इसलिए उन्होंने वहाँ फील्डर खड़ा कर दिया. इसे कहते हैं पहले से सोचकर चलना और असली कप्तानी, यानी यह समझना कि बल्लेबाज क्या करने वाला है.’
वेंकटेश ने हँसते हुए कहा, ‘यह धोनी की चालाकी थी. मैं कुछ गेंदे रुक सकता था, लेकिन अगली ही गेंद पर मैंने शॉट खेला और वही हुआ. कैमरों में साफ दिखा कि कैसे फील्ड बदली गई और अगली गेंद पर मैं वहीं कैच दे बैठा. एक बल्लेबाज के रूप में यह हमें समझना होता है कि मैदान पर कोई फैसला क्यों लिया गया है.’