Lalu Yadav Meet Ghost: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव कई दशकों से राजनीति में सक्रिय हैं. अपने स्वास्थ्य की वजह से कई सालों से राजनीति से करीब-करीब दूरी बनाने वाले भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता लालू यादव से जुड़े कई किस्से सालों बाद भी याद किए जाते हैं. एक किस्सा लालू यादव से जुड़े बहुत ही मशहूर है जब उनका भूत से सामना हो गया. भूत से मुलाकात और सामना होने के बाद उनकी क्या हालत हुई? इसके बारे में इस स्टोरी में हम बताएंगे.
विरोधियों को मात देने में माहिर लालू प्रसाद यादव का सेंस ऑफ ह्यूमर लाजवाब है. उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिसमें उनका अंदाज और सेंस ऑफ ह्यूमर लोगों को हंसाता है. संसद में दिए गए अपने भाषण में लालू ने कई ऐसी बातें कहीं हैं जो आज भी सुनी, देखी और सराही जाती हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के जीवन में एक ऐसी घटना भी घटी जब वह बुरी तरह से डर गए. इस घटना का जिक्र ‘गोपालगंज से रायसीना’ पुस्तक में है.
भोजपुरी लोक प्रेमकथा का अलग ही मजा
इस पुस्तक के अनुसार, लालू यादव का बचपन गांव में ही बीता है. लालू यादव ने पुस्तक में खुद बताया है कि भीषण गर्मी के दौरान गांव में रात को भोजपुरी लोक प्रेमकथा (सोरठी बिरिजभार) का गायन उस दौर में खूब किया जाता था. यह बहुत लोकप्रिय गायन था. गांव में जब भी इसका गायन होता तो लोग मन से सुनते थे. लालू के गांव में रहने वाले बुजुर्ग काका इसे बहुत सी सुंदर ढंग से गाते थे.
एक बार भोजपुरी लोक प्रेमकथा यानी सोरठी बिरिजभार का आयोजन हुआ. लालू यादव भी इसे सुनने के लिए पहुंचे थे. इस दिलचस्प किस्से के मुताबिक, सोरठी बिरिजभार सुनने के दौरान लालू यादव सो गए. सोरठी बिरिजभार खत्म हो गया और लोग अपने-अपने घरों को लौट गए.
अचानक लालू को छोड़कर भागे लड़के
इस बीच आधी रात को उन्हें दो लड़कों ने जगाया और घर चले के लिए कहा. गहरी नींद में होने के चलते वह दोनों लड़कों के साथ चलने लगे. इस बीच दोनों लड़कों के साथ श्मशान की ओर जाने लगे कि तभी लालू लघुशंका करने के लिए रुके. हैरत की बात यह है कि तब तक लालू ने दोनों लड़कों का चेहरा नहीं देखा था. इसी दौरान तपेसर बाबा दिखे तो दोनों लड़के भाग गए.
लालू गांव में झुकाते हैं सिर
दूसरे दिन लालू को याद नहीं आया कि वो किसके साथ घर आए, क्योंकि दोनों लड़कों को तो उन्होंने देखा तक नहीं था. मां को बात बताई तो जवाब में उन्होंने कहा कि लड़के तुम्हारे दोस्त बनकर आए थे वो भूत रहे होंगे. इतना ही नहीं मां ने यह भी कहा दिया तपेसर बाबा ने तो तुम्हें भूतों से बचाया है. लालू यादव ने किताब में जिक्र भी किया है कि जहां पर यह घटना घटी वहां पर पूजा स्थल है. ऐसे में लालू जब भी अपने गांव जाते हैं तो वहां झुककर प्रणाम जरूर करते हैं. इस दौरान उन्हें वह घटना याद आ जाती है.