Janjgir-Champa Murder: छत्तीसगढ़ जांजगीर-चांपा जिले से कांग्रेस नेता के बेटे की हत्या का मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार तीन अज्ञात हमलावर एक स्थानीय कांग्रेस नेता के घर में घुस गए और गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें उनके एक बेटे की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया. पुलिस ने बताया कि तीन नकाबपोश हमलावर मोटरसाइकिल पर आए और सम्मेलाल कश्यप के घर में घुस गए. सीमेंट और रेत का कारोबार करने वाले कश्यप कांग्रेस की ब्लॉक इकाई के पूर्व उपाध्यक्ष हैं.
पुलिस ने बताया कि यह घटना बिर्रा पुलिस थाना क्षेत्र के करही गांव में देर रात करीब 12:30 बजे हुई. हमलावरों ने कश्यप के दोनों बेटों पर गोलियां चलाईं, जिसमें आयुष कश्यप (19) की मौके पर ही मौत हो गई. उसके सीने में दो गोलियां लगी थीं. वहीं उसका छोटा भाई आशुतोष (16) घायल हो गया. आशुतोष के हाथ में गोली लगी है.
स्थानीय पुलिस थानों को किया गया सतर्क
उन्होंने बताया कि घायल आशुतोष को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा. हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है, और पूरे इलाके में जांच चौकियां बनाई गई हैं. आस-पास के जिलों और स्थानीय पुलिस थानों को भी सतर्क कर दिया गया है.
पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक और साइबर टीमों को भी जांच में शामिल किया गया है और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. हमले का मकसद अभी साफ नहीं है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है.
‘मैंने कमरे में तीन हथियारबंद लोगों को देखा’
हमले में घायल आशुतोष ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद सो गया था, जबकि उसका बड़ा भाई आधी रात के आसपास जांजगीर से घर लौटा था. रात करीब 12:34 बजे, कुछ शोर सुनकर मेरी मां ने मुझे फोन किया. जब मैं जागा, तो मैंने कमरे में तीन हथियारबंद लोगों को देखा, जिन्होंने मुझ पर गोलियां चला दीं.
उसने बताया कि मेरे हाथ में गोली लगी. उसके बाद उन्होंने मेरे भाई पर गोली चलाई. जब मेरी बहन ने मेरे भाई की मदद करने की कोशिश की, तब हमलावरों ने हम पर बंदूक तान दी और पैसे और मोबाइल फोन की मांग की. मेरे पास जो भी नकद था लगभग 50-60 रुपये और मेरी बहन का फोन, मैंने उन्हें दे दिया.
चचेरे भाइयों ने खोला गेट
उन्होंने बताया कि हमलावर कथित तौर पर भागने से पहले कमरों को बाहर से बंद कर गए थे. आशुतोष ने बताया कि बाद में मैंने अपने चचेरे भाइयों को बुलाया, जो आए और दरवाजा खोला. उन्होंने लूटपाट को इस हमले का मकसद होने पर संदेह जताया और कहा कि हमलावरों ने केवल थोड़ी सी ही नकदी ली थी.