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Delhi Jagriti Mishra Case: कौन हैं जागृति मिश्रा? 70 लाख के पशु शेल्टर पर चला बुलडोजर, CM रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

Delhi Jagriti Mishra Case: दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा के शेल्टर पर बुलडोजर कार्रवाई के मामले में CM रेखा गुप्ता ने जांच के आदेश दिए और 5 लाख रुपये की सहायता देने का भरोसा दिया.

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Published: October 26, 2026 11:30:52 IST
Last Updated: October 26, 2026 11:30:52 IST

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Delhi Jagriti Mishra Case: दिल्ली में बेसहारा और घायल पशुओं की देखभाल के लिए एनिमल शेल्टर और गौशाला बना रहीं जागृति मिश्रा का मामला चर्चा में है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने शेल्टर को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा भी दिया है. जागृति मिश्रा का आरोप है कि उनके निर्माणाधीन पशु शेल्टर पर बिना कानूनी नोटिस के बुलडोजर चलाया गया. वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस मामले में अपने पार्षद का नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है और कहा है कि पार्टी का इस कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है.

कौन हैं जागृति मिश्रा?

जागृति मिश्रा पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करती हैं. वह ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ और ‘स्ट्रीट वर्ल्ड्ज’ के माध्यम से बेसहारा, घायल और लावारिस पशुओं की देखभाल करती हैं. उनका उद्देश्य ऐसे पशुओं को सुरक्षित जगह, देखभाल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसी काम को आगे बढ़ाने के लिए वह दिल्ली में अपनी जमीन पर एक एनिमल शेल्टर और गौशाला तैयार कर रही थीं. इस परियोजना के निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किए जा रहे थे. जागृति मिश्रा के अनुसार, इसके लिए उन्होंने लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाया था. लेकिन निर्माण स्थल पर हुई कार्रवाई के बाद शेल्टर का ढांचा और चारदीवारी टूट गई.

शेल्टर पर क्यों चला बुलडोजर?

जागृति मिश्रा के मुताबिक, वह अपने पशु शेल्टर का निर्माण करा रही थीं. उनका आरोप है कि कार्रवाई से चार दिन पहले एक व्यक्ति ने उनसे शेल्टर निर्माण के बदले रिश्वत मांगी थी. जागृति ने दावा किया कि उस व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी के एक पार्षद का नाम लिया था. जागृति मिश्रा का कहना है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. इसके बाद नगर निगम के जूनियर इंजीनियर विकास गुप्ता ने निर्माण स्थल पर बुलडोजर कार्रवाई की. उनका आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया और न ही आधिकारिक दस्तावेज दिखाए गए. इस कार्रवाई में निर्माणाधीन शेल्टर का ढांचा और चारदीवारी ध्वस्त हो गई. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

CM रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से उनके शेल्टर में मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं. इसके अलावा, पुलिस को मामला दर्ज करने के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट को जागृति मिश्रा की एनिमल शेल्टर परियोजना में मदद करने के निर्देश दिए. साथ ही, शेल्टर को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा भी दिया.

आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?

इस मामले में आम आदमी पार्टी ने अपने पार्षद का नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है. पार्टी का कहना है कि जागृति मिश्रा के मामले में उसके पार्षद का नाम बेवजह जोड़ा जा रहा है और इस कार्रवाई से पार्टी का कोई संबंध नहीं है. पार्टी की ओर से बताया गया कि विधायक जरनैल सिंह ने जागृति मिश्रा से मुलाकात की और उन्हें इस बारे में जानकारी दी. फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के नतीजों का इंतजार है.

ये भी पढ़ें:  BJP के पूर्व मंडल अध्यक्ष को चाकुओं से गोदा, ड्रग्स के धंधे के खिलाफ उठाई थी आवाज; दहशत में इलाके के लोग

अब आगे क्या होगा?

जागृति मिश्रा के आरोपों, बुलडोजर कार्रवाई की परिस्थितियों और संबंधित जूनियर इंजीनियर की भूमिका की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी. मुख्यमंत्री की ओर से जांच और आर्थिक सहायता का भरोसा दिए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि शेल्टर को हुए नुकसान की भरपाई और पशुओं के लिए सुरक्षित जगह तैयार करने में कितनी मदद मिलती है.

ये भी पढ़ें: Giridih Road Accident: मौत का सफर! ट्रेलर में फंसकर 6 किलोमीटर तक घिसटी कार, हथौड़े से तोड़कर निकाले गए लोग

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Published: October 26, 2026 11:30:52 IST
Last Updated: October 26, 2026 11:30:52 IST

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Delhi Jagriti Mishra Case: दिल्ली में बेसहारा और घायल पशुओं की देखभाल के लिए एनिमल शेल्टर और गौशाला बना रहीं जागृति मिश्रा का मामला चर्चा में है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने शेल्टर को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा भी दिया है. जागृति मिश्रा का आरोप है कि उनके निर्माणाधीन पशु शेल्टर पर बिना कानूनी नोटिस के बुलडोजर चलाया गया. वहीं, आम आदमी पार्टी ने इस मामले में अपने पार्षद का नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है और कहा है कि पार्टी का इस कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है.

कौन हैं जागृति मिश्रा?

जागृति मिश्रा पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करती हैं. वह ‘स्ट्रीट वर्ल्ड ट्रस्ट’ और ‘स्ट्रीट वर्ल्ड्ज’ के माध्यम से बेसहारा, घायल और लावारिस पशुओं की देखभाल करती हैं. उनका उद्देश्य ऐसे पशुओं को सुरक्षित जगह, देखभाल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है. इसी काम को आगे बढ़ाने के लिए वह दिल्ली में अपनी जमीन पर एक एनिमल शेल्टर और गौशाला तैयार कर रही थीं. इस परियोजना के निर्माण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च किए जा रहे थे. जागृति मिश्रा के अनुसार, इसके लिए उन्होंने लोगों से आर्थिक सहयोग जुटाया था. लेकिन निर्माण स्थल पर हुई कार्रवाई के बाद शेल्टर का ढांचा और चारदीवारी टूट गई.

शेल्टर पर क्यों चला बुलडोजर?

जागृति मिश्रा के मुताबिक, वह अपने पशु शेल्टर का निर्माण करा रही थीं. उनका आरोप है कि कार्रवाई से चार दिन पहले एक व्यक्ति ने उनसे शेल्टर निर्माण के बदले रिश्वत मांगी थी. जागृति ने दावा किया कि उस व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी के एक पार्षद का नाम लिया था. जागृति मिश्रा का कहना है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. इसके बाद नगर निगम के जूनियर इंजीनियर विकास गुप्ता ने निर्माण स्थल पर बुलडोजर कार्रवाई की. उनका आरोप है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई कानूनी नोटिस नहीं दिया गया और न ही आधिकारिक दस्तावेज दिखाए गए. इस कार्रवाई में निर्माणाधीन शेल्टर का ढांचा और चारदीवारी ध्वस्त हो गई. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

CM रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से उनके शेल्टर में मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने संबंधित जूनियर इंजीनियर के आचरण की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं. इसके अलावा, पुलिस को मामला दर्ज करने के संबंध में जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है. मुख्यमंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट को जागृति मिश्रा की एनिमल शेल्टर परियोजना में मदद करने के निर्देश दिए. साथ ही, शेल्टर को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा भी दिया.

आम आदमी पार्टी ने क्या कहा?

इस मामले में आम आदमी पार्टी ने अपने पार्षद का नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है. पार्टी का कहना है कि जागृति मिश्रा के मामले में उसके पार्षद का नाम बेवजह जोड़ा जा रहा है और इस कार्रवाई से पार्टी का कोई संबंध नहीं है. पार्टी की ओर से बताया गया कि विधायक जरनैल सिंह ने जागृति मिश्रा से मुलाकात की और उन्हें इस बारे में जानकारी दी. फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के नतीजों का इंतजार है.

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अब आगे क्या होगा?

जागृति मिश्रा के आरोपों, बुलडोजर कार्रवाई की परिस्थितियों और संबंधित जूनियर इंजीनियर की भूमिका की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी. मुख्यमंत्री की ओर से जांच और आर्थिक सहायता का भरोसा दिए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि शेल्टर को हुए नुकसान की भरपाई और पशुओं के लिए सुरक्षित जगह तैयार करने में कितनी मदद मिलती है.

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