Gurugram Cricket Academy accident: हरियाणा के गुरुग्राम से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां क्रिकेट अकादमी में खेल रहे बच्चों के बीच हुई मामूली लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली. बिहार के नालंदा निवासी रतन का बेटा आकाश गुरुग्राम की एक निजी क्रिकेट अकादमी में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था. इसी दौरान एक बच्चे ने अनजाने में खड़े पिच रोलर का एमसीबी चालू कर दिया. मशीन के अचानक चलने से आकाश उसकी चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
खेलते-खेलते बच्चे ने चालू कर दिया पिच रोलर
बताया गया कि रतन अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में रहते हैं और स्क्रैप का काम करते हैं. उनका बेटा आकाश एक क्रिकेट अकादमी के परिसर में अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था. यह अकादमी करीब चार एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है. इसी दौरान खेलते हुए एक बच्चे ने वहां खड़े पिच रोलर का मिनिएचर सर्किट ब्रेकर यानी एमसीबी चालू कर दिया. स्विच ऑन होते ही भारी पिच रोलर चलने लगा. मशीन को आगे-पीछे किए जाने के दौरान आकाश का संतुलन बिगड़ गया और वह उसके सामने गिर गया.
रोलर की चपेट में आया मासूम
आकाश के गिरते ही वह पिच रोलर की चपेट में आ गया. भारी मशीन की चपेट में आने से वह बुरी तरह कुचल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद वहां मौजूद दूसरे बच्चे घबरा गए और डर के कारण मौके से भाग गए. इस वजह से हादसे की जानकारी परिवार तक तुरंत नहीं पहुंच सकी.
करीब एक घंटे बाद परिवार को मिली खबर
हादसे के करीब एक घंटे बाद आकाश का बड़ा भाई नील घर पहुंचा और परिजनों को बताया कि आकाश घायल हो गया है. इसके बाद परिवार के लोग आनन-फानन में क्रिकेट अकादमी पहुंचे.
जब तक परिजन वहां पहुंचे, तब तक क्रिकेट अभ्यास के लिए आए कुछ खिलाड़ियों की नजर जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़े आकाश पर पड़ चुकी थी. खिलाड़ियों ने तुरंत एक निजी वाहन की व्यवस्था की और बच्चे को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद आकाश को मृत घोषित कर दिया.
परिजनों को काफी देर बाद पता चली मौत
परिजनों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें हादसे की गंभीरता का अंदाजा नहीं था. उन्हें काफी देर बाद पता चला कि आकाश की मौत हो चुकी है. मासूम की मौत की खबर सामने आते ही परिवार में मातम छा गया. एक तरफ जहां परिवार अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा था, वहीं दूसरी ओर उसे बचाने की उम्मीद पूरी तरह टूट गई. घटना की सूचना मिलने के बाद खेड़की दौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की. जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रणजीत के अनुसार, मृतक के परिजनों ने घटना को एक आकस्मिक हादसा माना है. उन्होंने किसी व्यक्ति या क्रिकेट अकादमी के संचालक के खिलाफ लापरवाही या किसी तरह की गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया.
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
पुलिस के मुताबिक, परिजनों के लिखित बयान के आधार पर मामले में इत्तेफाकन मौत के तहत कानूनी कार्रवाई की गई. पोस्टमार्टम के बाद आकाश का शव परिवार को सौंप दिया गया.
यह हादसा इस बात की गंभीर याद दिलाता है कि बच्चों के खेलने वाले स्थानों पर भारी मशीनों और उनके संचालन से जुड़े उपकरणों को सुरक्षित रखना कितना जरूरी है. एक छोटी सी लापरवाही ने एक परिवार का मासूम बच्चा हमेशा के लिए छीन लिया.