गुरुवार को पानीपत में दूसरी कक्षा का एक बच्चा स्कूल से लौटते समय सात फुट गहरे खुले नाले में गिर गया. यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे वार्ड नंबर 3 में राधा फैक्ट्री के पास हुई, जहां खुले नालों, गड्ढों और चल रहे निर्माण कार्यों के कारण कई दुर्घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पानीपत नगर निगम के सुरक्षा उपायों पर सवाल उठ रहे हैं.
सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि ऋतिक नाम का बच्चा नाला पार करने की कोशिश कर रहा था और तभी उसमें गिर गया.
दुर्घटना के बाद जेई परमिंदर को किया गया निलंबित
खबरों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने के बाद नगर निगम ने जूनियर इंजीनियर (जेई) परमिंदर को निलंबित कर दिया है. निगम आयुक्त डॉ. पंकज राव ने कहा कि जेई को साइट का निरीक्षण करना चाहिए था और यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि काम सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है.
घटना की जांच के लिए अतिरिक्त नगर आयुक्त विवेक कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. इस समिति में कार्यकारी अभियंता (XEN) और उप-विभागीय अधिकारी (SDO) रैंक के अधिकारी शामिल हैं. समिति एक सप्ताह के भीतर आयुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद उसकी जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
पानीपत में पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
खबरों के मुताबिक, ऋतिक को बचाने की घटना उसी जगह पर हुई कई ऐसी ही घटनाओं के बाद हुई है. अगस्त में भी एक ऐसी ही घटना हुई थी, जिसमें एक महिला खुले नाले में गिर गई थी और दुकानदारों ने उसे बचाया था. इस घटना का वीडियो भी सार्वजनिक हो चुका है और नाले की गहराई को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
हमारा दिमाग कुछ भी ऐसा – वैसा देखता है तो बॉडी से पहले दिमाग एक्टिव हो जाता है उसका best example यह CCTV वीडियो है Microsecond की फुर्ती ने बच्चे को बचा लिया खुले गटर में डूबने से l बच्चा खुले गटर में गिरकर डूब सकता था, लेकिन सही समय पर हुई प्रतिक्रिया ने बड़ा हादसा.. Open view
— Arohi Shukla (@arohishukl50402) October 16, 2026
स्थानीय लोगों ने बार-बार शिकायत की है कि सड़क और सीवर का काम अधूरा है और खुले नालों और गड्ढों को ठीक से बंद नहीं किया गया है. महिला को बचाए जाने के बावजूद, दुर्घटनाएँ जारी रहीं. सितंबर की शुरुआत में, सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवारों को सचदेवा गार्डन के सामने एक खुले गड्ढे में गिरते हुए दिखाया गया. बाद की एक रिपोर्ट में उसी क्षेत्र में एक युवक के खुले सीवर के गड्ढे में गिरने की घटना का भी जिक्र किया गया.
पहले ही दे दिए थे कार्रवाई के आदेश
महिला और बाइक सवारों से जुड़ी पिछली घटनाओं के बाद, नगर प्रशासन ने जूनियर इंजीनियर को निलंबित कर दिया, एसडीओ और एक्सईएन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की और आरोप पत्र जारी किया. निर्माण एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई. हालांकि, ऋतिक के गिरने से एक बार फिर लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या अधिकारियों ने निर्माण क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है. खुले नालों, गहरे गड्ढों और अधूरी सड़कों की बार-बार होने वाली घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. पंकज राव ने कहा कि शुरुआती जांच में जे.ई. परमिंदर की लापरवाही सामने आई है, जिन्हें घटनास्थल का निरीक्षण करना चाहिए था. उन्होंने बताया कि अतिरिक्त नगर आयुक्त विवेक कुमार की अध्यक्षता वाली समिति विस्तृत जांच करेगी और एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. जांच के निष्कर्षों की जांच करने के बाद आयुक्त आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेंगे.