ओडिशा के जाजपुर जिले के एक जिले के एक सरकारी विद्यालय से बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है. जहां हेडमास्टर ने बच्चों को सजा देने के लिए खुजली पैदा करने वाले जंगली पौधे का उपयोग करने के लिए उकसाया. इसके बाद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा. मामला ज्यादा बढ़ने पर स्कूल के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया.
क्या है पूरा मामला?
जाजपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में बच्चों के साथ हेडमास्टर ने अनुचित व्यवहार किया. बताया जा रहा है कि यह मामला सरुआबिल्ली अपर प्राइमरी स्कूल का है, जहां 19 अप्रैल को बच्चों को सजा देने के तरीके को लेकर विवाद खड़ा हो गया. आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने बच्चों को खुजली पैदा करने वाले जंगली पौधे का उपयोग करने के लिए उकसाया, जिससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी. इस मामले के सामने आने के बाद हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई.
ये वजह भी आई सामने
इस मामले को लेकर एक और वजह भी सामने आई है. जांच अधिकारियों के अनुसार, दो छात्रों के बीच आपसी विवाद हुआ था, जिसके दौरान एक बच्चे ने दूसरे पर ऐसा पत्ता रगड़ दिया, जिससे उसे खुजली जैसी समस्या होने लगी. बाद में जब शिकायत प्रधानाध्यापक तक पहुंची, तो उन्होंने कथित रूप से प्रतिक्रिया में दूसरे बच्चे को भी वैसा ही करने को कह दिया, जिससे मामला और बिगड़ गया.
कैसे हुई घटना की जानकारी?
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब प्रभावित बच्चों ने घर जाकर अपने पैरेंट्स को इसकी जानकारी दी. इसके बाद अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की.मामले की गंभीरता को देखते हुए सुकिंदा ब्लॉक के शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है, रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. इस घटना ने स्कूलो में अध्यापकों को रवैये पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.