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Maihar News: सीमेंट की खदान बना मौत का कुआं! 8 साल के मासूम ने गंवाई जान, सुरक्षा पर उठे सवाल

Maihar News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया. केजेएस (KJS) सीमेंट प्लांट की खदान गिरने की वजह से एक 8 साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई. इस भयावह घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है.

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Last Updated: April 23, 2026 15:32:04 IST

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Maihar News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां केजेएस (KJS) सीमेंट प्लांट की खदान एक 8 साल के मासूम बच्चे के लिए मौत का कुआं साबित हुई. बेल्दरा स्थित खदान की गहराई में गिरने से गिरगिटा निवासी बालक रघुराज द्विवेदी की जान चली गई. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है और औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरगिटा निवासी रघुराज द्विवेदी (8 वर्ष) घर के पास ही खेल रहा था. खेलते समय वह अनजाने में केजेएस सीमेंट प्लांट की खदान के करीब पहुँच गया. खदान के चारों ओर पर्याप्त घेराबंदी और सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण बच्चा अचानक संतुलन खो बैठा और सैकड़ों फीट गहरी खदान में जा गिरा.

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से मासूम को खदान से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए रीवा रोड स्थित MNT अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, होनी को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

खदान प्रबंधन पर उठ रहे सवाल: सुरक्षा केवल कागजों पर?

इस दर्दनाक हादसे ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों में प्रशासन व कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का आरोप है कि: खदान के चारों ओर न तो कोई मजबूत फेंसिंग (बाउंड्री) की गई है और न ही सुरक्षा गार्डों की तैनाती है.

रिहायशी इलाकों के करीब स्थित होने के बावजूद खदानों को असुरक्षित छोड़ दिया गया है. यह पहली बार नहीं है जब खुली खदानों के कारण मवेशी या लोग हादसों का शिकार हुए हों.

जांच और मुआवजे की मांग

क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्लांट प्रबंधन और अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सभी खदान क्षेत्रों में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम (Caging and Guarding) करने की अपील की गई है.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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Maihar News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां केजेएस (KJS) सीमेंट प्लांट की खदान एक 8 साल के मासूम बच्चे के लिए मौत का कुआं साबित हुई. बेल्दरा स्थित खदान की गहराई में गिरने से गिरगिटा निवासी बालक रघुराज द्विवेदी की जान चली गई. इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है और औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरगिटा निवासी रघुराज द्विवेदी (8 वर्ष) घर के पास ही खेल रहा था. खेलते समय वह अनजाने में केजेएस सीमेंट प्लांट की खदान के करीब पहुँच गया. खदान के चारों ओर पर्याप्त घेराबंदी और सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण बच्चा अचानक संतुलन खो बैठा और सैकड़ों फीट गहरी खदान में जा गिरा.

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से मासूम को खदान से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए रीवा रोड स्थित MNT अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, होनी को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

खदान प्रबंधन पर उठ रहे सवाल: सुरक्षा केवल कागजों पर?

इस दर्दनाक हादसे ने खदानों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों में प्रशासन व कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है. ग्रामीणों का आरोप है कि: खदान के चारों ओर न तो कोई मजबूत फेंसिंग (बाउंड्री) की गई है और न ही सुरक्षा गार्डों की तैनाती है.

रिहायशी इलाकों के करीब स्थित होने के बावजूद खदानों को असुरक्षित छोड़ दिया गया है. यह पहली बार नहीं है जब खुली खदानों के कारण मवेशी या लोग हादसों का शिकार हुए हों.

जांच और मुआवजे की मांग

क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार प्लांट प्रबंधन और अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सभी खदान क्षेत्रों में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम (Caging and Guarding) करने की अपील की गई है.

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