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Child Marriage Act: सज गया था मंडप, ढोल-नगाड़े भी तैयार… तभी अचानक पहुंची ‘लालबत्ती’, मच गया हड़कंप

Child Marriage Act: मध्य प्रदेश के रीवा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर बाल विवाह को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. रीवा में एक नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही थी, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शादी रोक दी.

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Last Updated: 2026-04-22 17:16:15

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रीवा: जिले के जवा विकासखंड से एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील खबर सामने आई है, जहां प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की सतर्कता से समय रहते एक बाल विवाह रुक गया. यह कार्रवाई न केवल कानून लागू करने की मिसाल है, बल्कि समाज को एक कड़ा संदेश भी देती है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

दरअसल, प्रभारी कलेक्टर सपना त्रिपाठी को जवा इलाके में एक नाबालिग लड़की की शादी की सूचना मिली. सूचना मिलने पर उन्होंने तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग और रेवेन्यू विभाग को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. प्रशासनिक टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया.

इस दौरान स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी अहम भूमिका निभाई. अहिंसा वेलफेयर सोसायटी और समग्र जन चेतना विकास परिषद की टीमों ने सक्रिय रूप से सहयोग किया और परिवार से बातचीत की. टीम ने परिवार को बाल विवाह के बुरे असर और इसके कानूनी असर के बारे में डिटेल में जानकारी दी.

अधिकारियों ने परिवार को बताया नियम

अधिकारियों ने परिवार को बताया कि बाल विवाह रोक एक्ट, 2006 के तहत, 18 साल से कम उम्र की किसी भी लड़की की शादी करना एक क्रिमिनल ऑफेंस है, जिसके लिए सख्त सज़ा का प्रावधान है. काउंसलिंग और कानूनी जानकारी के बाद, परिवार को अपनी गलती का एहसास हुआ और वे शादी रोकने के लिए मान गए. एडमिनिस्ट्रेटिव टीम ने मौके पर ही पंचनामा बनाया और परिवार से लिखित में भरोसा लिया कि वे लड़की के बालिग होने तक उसकी शादी नहीं करेंगे. अधिकारियों ने यह भी पक्का किया कि लड़की सुरक्षित है और उसके अधिकारों की रक्षा की जा रही है.

प्रशासन की सख्त चेतावनी

एडमिनिस्ट्रेशन ने परिवार को साफ चेतावनी भी दी कि अगर भविष्य में ऐसी कोई कोशिश की गई, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह पूरी घटना इस बात का एक पॉजिटिव उदाहरण है कि कैसे समय पर जानकारी, एडमिनिस्ट्रेशन की तुरंत कार्रवाई और समाज के जागरूक लोगों के सहयोग से एक लड़की का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है. इसके अलावा, यह समाज के लिए भी एक संदेश है कि बाल विवाह जैसी बुराइयों के खिलाफ सभी को मिलकर आवाज उठानी होगी, तभी एक सुरक्षित और जागरूक समाज बनाना संभव है. 

पुलिस ने दी सारी जानकारी

इस पूरे मामले पर रीवा जिले के ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताएं कि सामाजिक संगठन के माध्यम से पुलिस और प्रशासन को सूचना मिली थी जवा थाना क्षेत्र में बाल विवाह हो रहा है जिस पर प्रशासन और पुलिस की टीम ने बीती देर रात्रि मौके पर पहुंचे और बाल विवाह को रोककर परिजनों को समझाया और कहा कि अगर बाल विवाह करते हैं तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

Disclaimer: The article is a part of syndicated feed. Except for the headline, the content is not edited. Liability lies with the syndication partner for factual accuracy.

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रीवा: जिले के जवा विकासखंड से एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील खबर सामने आई है, जहां प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की सतर्कता से समय रहते एक बाल विवाह रुक गया. यह कार्रवाई न केवल कानून लागू करने की मिसाल है, बल्कि समाज को एक कड़ा संदेश भी देती है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

दरअसल, प्रभारी कलेक्टर सपना त्रिपाठी को जवा इलाके में एक नाबालिग लड़की की शादी की सूचना मिली. सूचना मिलने पर उन्होंने तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग और रेवेन्यू विभाग को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए. प्रशासनिक टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया.

इस दौरान स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी अहम भूमिका निभाई. अहिंसा वेलफेयर सोसायटी और समग्र जन चेतना विकास परिषद की टीमों ने सक्रिय रूप से सहयोग किया और परिवार से बातचीत की. टीम ने परिवार को बाल विवाह के बुरे असर और इसके कानूनी असर के बारे में डिटेल में जानकारी दी.

अधिकारियों ने परिवार को बताया नियम

अधिकारियों ने परिवार को बताया कि बाल विवाह रोक एक्ट, 2006 के तहत, 18 साल से कम उम्र की किसी भी लड़की की शादी करना एक क्रिमिनल ऑफेंस है, जिसके लिए सख्त सज़ा का प्रावधान है. काउंसलिंग और कानूनी जानकारी के बाद, परिवार को अपनी गलती का एहसास हुआ और वे शादी रोकने के लिए मान गए. एडमिनिस्ट्रेटिव टीम ने मौके पर ही पंचनामा बनाया और परिवार से लिखित में भरोसा लिया कि वे लड़की के बालिग होने तक उसकी शादी नहीं करेंगे. अधिकारियों ने यह भी पक्का किया कि लड़की सुरक्षित है और उसके अधिकारों की रक्षा की जा रही है.

प्रशासन की सख्त चेतावनी

एडमिनिस्ट्रेशन ने परिवार को साफ चेतावनी भी दी कि अगर भविष्य में ऐसी कोई कोशिश की गई, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यह पूरी घटना इस बात का एक पॉजिटिव उदाहरण है कि कैसे समय पर जानकारी, एडमिनिस्ट्रेशन की तुरंत कार्रवाई और समाज के जागरूक लोगों के सहयोग से एक लड़की का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है. इसके अलावा, यह समाज के लिए भी एक संदेश है कि बाल विवाह जैसी बुराइयों के खिलाफ सभी को मिलकर आवाज उठानी होगी, तभी एक सुरक्षित और जागरूक समाज बनाना संभव है. 

पुलिस ने दी सारी जानकारी

इस पूरे मामले पर रीवा जिले के ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताएं कि सामाजिक संगठन के माध्यम से पुलिस और प्रशासन को सूचना मिली थी जवा थाना क्षेत्र में बाल विवाह हो रहा है जिस पर प्रशासन और पुलिस की टीम ने बीती देर रात्रि मौके पर पहुंचे और बाल विवाह को रोककर परिजनों को समझाया और कहा कि अगर बाल विवाह करते हैं तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

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